फोटोग्राफी क्या है? (What is Photography in Hindi)

फोटोग्राफी क्या है? (What is Photography in Hindi)

फोटोग्राफी हमारे रोजमर्या जिन्दगी का एक अभिन्न अंग बन गया हैं। आज कल बिना फोन और कैमरा का जीवन अधुरा सा प्रतीत होता हैं। फोटोग्राफी क्या हैं? (What is Photography in Hindi)फोटोग्राफी का अर्थ (Meaning of Photography in Hindi)फोटोग्राफी के प्रकार (Types of Photography in Hindi)फोटोग्राफी का इतिहास (History of Photography in Hindi), डिजिटल फोटोग्राफी क्या है? (What is Digital Photography in Hindi), फोटोग्राफी का तत्व (Elements of Photography in Hindi)फोटोग्राफी का महत्व (Importance of Photography in Hindi) आदि जैसे प्रश्न अक्सर हमारे मन में उठते होंगे। तो आइए जानते हैं- फोटोग्राफी क्या हैं? वर्तमान काल में समाचार पत्र में शाब्दिक समाचार पाठक को आकृष्ट नहीं करता जितना की फोटो के साथ समाचार आकृष्ट करता हैं। फोटोग्राफर अपने कैमरे में जिन पलों को कैद करता हैं वह चिरस्थायी हो जाता हैं।उनका इस्तेमाल विभिन प्रकार से किया जा सकता हैं। कई बार सामान्य रूप से खीचा गया फोटो एतिहासिक हो जाता हैं।

फोटोग्राफी क्या है? (What is Photography in Hindi)

फोटो के विषय अनेकानेक हो सकते हैं। जैसे राजनितिक, खेल, विरासत, प्रकृति, मनुष्य, जीव-जंतु आदि। फोटो में महत्व इस बात का देखा जाता हैं की हम क्या क्लिक कर रहे हैं। घटना घटित हो रही हैं तो वही सूझ-बूझ के साथ किया गया एक क्लिक इतिहास स्थापित कर देता हैं। पिछली कुछ शताब्दियों में, फोटोग्राफी की कला और विज्ञान ने छलांग लगाई हैं। आधुनिक फोटोग्राफी आने से सूचना के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन गया है। समय के साथ किस तरह फोटोग्राफी में बदलाव आया। आइए उसकी सफर को देखें।

फोटोग्राफी, सीधे शब्दों में कहे तो तस्वीरें खींचने की एक कला  है। यूनानी (Greek) भाषा में फोटो (Photo) का अर्थ हैं प्रकाशऔर ग्राफ (Graph) का अर्थ हैं चित्र (sketch)| फोटो शब्द का अर्थ है “प्रकाश के साथ ड्राइंग“। फोटोग्राफी उन्नीसवीं शताब्दी में आविष्कार किया गया था। फोटोग्राफी के अविष्कार में जुटे अनेक लोगो में से “लुईस जेक्युस मांडे डैग्युर” ही सबसे अधिक प्रसिद्ध हैं।

फोटोग्राफी के प्रकार (Types of Photography in Hindi)

वैसे तो फोटोग्राफी अनेक तरह के होते हैं। लेकिन हम कुछ बहु प्रचलित फोटोग्राफी की चर्चा करेंगे जो इस प्रकार हैं –

  1. लैंडस्केप फोटोग्राफी या ट्रैवल फोटोग्राफी (Landscape Photography) – लैंडस्केप किसी भी चीज के रिकार्ड के लिए खीचा गया फोटो नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसा हो, जो उसके छिपे हुए परिदृश्य और उसकी मनोरम सौंदर्य को स्पष्ट कर सके। उसकी खूबसूरती को दिखाए। जैसे – मौसम और प्रकाश।
  2. मोबाइल फोटोग्राफी (Mobile Photography) – आज का समय में फोन हर किसी के पास हैं और हर कंपनी उसमे HD क्वालिटी का कैमरा दे रही हैं। लोग हर चीज को अपने फोन कैमरे में कैप्चर कर रहे हैं।
  3. प्रकृति फोटोग्राफी (Nature photography) – प्रकृति फोटोग्राफ़ी का मतलब सिर्फ पेड़ या पौधे शामिल नहीं होते हैं। बल्कि इसमें प्राकृतिक दृश्य शामिल हैं। जैसे भूस्खलन, पहाड़ियाँ, झरने, नदिया आदि।
  4. वन्यजीव फोटोग्राफी (Wildlife photography) – यह फोटोग्राफी की एक चुनौतीपूर्ण शैली है क्योंकि फोटोग्राफर को अच्छी तरह क्षेत्र का ज्ञान होना चाहिए। समय का बोध और सही शॉट के लिए धैर्य रखना पड़ेगा। इसमें जोखिम भी उठाना पड़ता हैं।
  5. ब्लैक एंड व्हाइट (Black and white) – ब्लैक एंड व्हाइट फोटोग्राफी शैली, क्लासिक हैं क्योंकि यह किसी भी विषय की कच्ची सुंदरता को सामने लाती है।
  6. सामाजिक फोटोग्राफी (Social Photography) – यह फोटोग्राफी समाज के लिए की जाती हैं। जैसे – सामाजिक प्राथमिकताएँ, स्वास्थ, शिक्षा, संस्कृति, बच्चे, महिलाएं, पर्व, खेती आदि।
  7. राजनीतिक फोटोग्राफी (Political Photography) – इसमे राजनीति से सम्बन्धित फोटोग्राफी की जाती हैं। जैसे – भाषण, चुनावी दंगा, राजनीतिक हलचल, प्रेस कांफ्रेंस, प्रेस रिलीज, चुनावी घोषणा आदि।
  8. युद्ध फोटोग्राफी (War Photography) – इसमें युद्ध की तस्वीर ली जाती हैं। जैसे – बम विस्फोट, तोप-टैंक, मौत का दृश्य, अस्पताल में पड़े घायल सैनिक, रोते मासूम, शहीद हो चुके सैनिक, दो देशो के बिच का युद्ध आदि।
  9. प्राकृतिक आपदा फोटोग्राफी (Natural Disaster Photography) – यह फोटोग्राफी प्राकृतिक का प्रकोप दिखता हैं। जैसे -ज्वालामुखी विस्फोट, पहाड़ो का गिरना, बाढ़ से क्षति, भूकंप, सूनामी, बदल का फटना, आंधी-तूफान, सूखा आदि।

फोटोग्राफी की संरचना (Structure of Photography)

“संरचना का महत्त्व किसी भी फोटोग्राफर के लिए उतना ही हैं जितना की भावनाओ और शब्दों का किसी गीतकार या कवी के लिए हैं।” एक अच्छी गुणवत्ता की फोटो के लिए यह आवश्यक हैं की उसकी संरचना अच्छी हो। आकर्षक संरचना का अर्थ हैं – ‘फोटो में एक मुख्य विषय वस्तु अवश्य हो और उसके आस-पास की चीजे यदि हो तो मेल खाती हो’, वह ऐसे व्यवस्थित हो की फोटो सामंजस्यपूर्ण  लगे और अपनी कहानी स्वंय कहती हो। भावनात्मक हो मनोरम हो जो दिल को छू जाए। संरचना किसी भी आम फोटो को खास बनाने की खासियत रखता हैं।

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संरचना के नियम (Rules of Structure) : – the rule of thirds in photography

(i) दि रुल ऑफ थर्डस (The Rule of Thirds)

  • मुख्य विषय वस्तु चारो स्ट्रांग प्वाइंट में से किसी के भी आस-पास होनी चाहिए। बीच में नहीं होनी चाहिए।
  • इन बिन्दुओं पर विषय वस्तु देखने में प्रभावशाली लगता हैं।

(ii) रेखा (line) – काल्पनिक या वास्तविक या फिर दोनों, ये रेखाएं विषय वस्तु को आकर्षक बनती हैं। जैसे टेडी-मेडी नदियां, पगदंडी, सड़क, रेल की पटरी, तार आदि।

(iii) पृष्ठभूमि (Background) – विषय वस्तु की पृष्ठभूमि और आगे के स्थान में लगभग 1|3 या 2|3 का अंतर होना चाहिए। उदहारण –  भू-दृश्यों या समुन्द्र के दृश्यों में आसमान का 1|3 भाग दिखाया जा सकता हैं या इसके विपरीत भी दिखाया जा सकता हैं।

(iv) आकृति (Shape) – फोटो लम्बात्मक हो या समतल, यह विषय वस्तु के आकर पर निर्भर करता हैं।

(v) प्रकाश (Light) – फोटो की संरचना को और आकर्षित बनाने के लिए यह भी आवश्यक हैं की प्रकाश का उचित प्रयोग हो।  विषय वस्तु के सामने से आने वाले प्रकाश को अच्छा माना जाता हैं।

(vi) एंगल ऑफ व्यू (Angle of View) – फोटोग्राफर द्वारा चुना गया एंगल ऑफ व्यू, फोटो को और आकर्षक बनाने का कार्य करता हैं।

(vii) अनावश्यक वस्तु (Unnecessary Object) – विषय वस्तु के आस-पास पड़ने वाले अनावश्यक वस्तुएं कभी-कभी फोटो में जान डालने का काम करती हैं।

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फोटोग्राफी का इतिहास (History of Photography in Hindi)

  • फोटोग्राफी के अविष्कार के इतिहास को मुख्यतः चार भागों में बांटा गया हैं। जो इस प्रकार हैं।
  • पहला भाग – 500 ईसा पूर्व से सन 1815 तक का हैं।
  • दूसरा भाग – 1816 से 1879 तक का हैं।
  • तीसरा भाग – 1880 से 1935 तक का माना जाता हैं।
  • चौथा भाग – 1935 के बाद का समय यानि आधुनिक युग का आरम्भ हुआ और फोटोग्राफी का विकाश बहुत तेजी से होने लगा।
  • सन 1039 में अरब देश का अल्हजन ने एक ऐसे यंत्र की जानकारी दी, जिसे बाद में कैमरा कहा जाने लगा।
  • सन 1550 में जी गारडैनो ने उस सूक्ष्म छिद्र (Pin Hold), (जिसमे से प्रकाश को निकलने पर प्रतिबिम्ब उल्टा बनता था) के बदले एक लैंस का प्रयोग किया।
  • 1558 में नैपलैस के गियोवानी बटीसटा (Giovanni Battista ) ने पहली बार कैमरा ऑब्स्क्योरा (Camera Obscura) की पूरी जानकारी दी।
  • कैमरा ऑब्स्क्योरा (Camera Obscura) एक यूनानी शब्द है, कैमरा (Camera) का अर्थ हैं वह चीज, जो ऊपर से चापनूमा ढकी हो।
  • ऑब्स्क्योरा (Obscura) एक डार्क रूम या तम्बू की तरह बहुत ही बड़ा डिब्बा था, जिसमे प्रकाश आने के लिए एक सूक्ष्म छिद्र था।
  • फोटोग्राफी के अविष्कार में जुटे अनेक लोगो में से लुईस जेक्युस मांडे डैग्युर ही सबसे अधिक प्रसिद्ध हैं।
  • 1935 तक आधुनिक फोटोग्राफी का अविष्कार हो चुका था। जिसके कारण ब्लैक एंड व्हाइट तथा रंगीन फोटोग्राफी के आलावा सिनेमैटोग्राफी भी प्रचलित हुई।
डिजिटल फोटोग्राफी क्या है? (What is Digital Photography in Hindi)

डिजिटल फोटोग्राफी, फोटोग्राफी का एक प्रकार है, डिजिटल फोटोग्राफी वर्तमान की नवीनतम तकनीक हैं। डिजिटल कैमरा में कोई रील डालने की आवश्यकता नहीं होती हैं। इस कैमरे में एक मैमोरी कार्ड लगा होता हैं। आप जितने भी फोटोज क्लिक करते हैं। वह सब का सब मैमोरी कार्ड में संग्रहित होती जाती हैं। फोटो को सीधे कैमरे से कंप्यूटर पर देख सकते हैं। और उसे मन चाहे रंग में एडिट और कांट-छांट भी कर सकते हैं। प्रतिबिम्ब के रीजोलुशन के आधार पर डिजिटल कैमरा तीन प्रकार का होता हैं।

  1. Low Resolution Digital Camera
  2. Medium Resolution Digital Camera
  3. High Resolution Digital Camera
फोटोग्राफी का तत्व (Elements of Photography in Hindi)
  1. पैटर्न (Pattern)
  2. समरूपता (Symmetry)
  3. बनावट (Texture)
  4. क्षेत्र की गहराई (Depth of Field)
  5. पंक्तियां (Lines)

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One Response

  1. Rina मार्च 31, 2019
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