मास कम्युनिकेशन क्या है? (Mass Communication in Hindi) – जानिए हिंदी में।

विषय-सूची

पत्रकारिता में करियर? (Career in Journalism in Hindi)

मास कम्युनिकेशन क्या है? (Mass Communication in Hindi)” मास कम्युनिकेशन कोर्स, फीस, करियर, नौकरी और सैलरी, की पूरी जानकारी

दोस्तों, आज हम आप सब को इस समय की सबसे चर्चित कोर्स के बारे बतायेंगे।

जो सबको अपनी तरफ आकर्षित कर रहा हैं।

ऐसे कितने सारे स्टूडेंटस हैं जो किसी और क्षेत्र के स्टूडेंट होते हुए भी पत्रकारिता की तरफ अपनी रुख मोड़ते दिख रहे हैं।

आपको बतायेंगे की “मास कम्युनिकेशन क्या है? (Mass Communication in Hindi)”, “मास कम्युनिकेशन कोर्स फीस (Mass Communication Course Fees in Hindi)”, “पत्रकारिता में करियर? (Career in Journalism in Hindi)”, “पत्रकारिता के क्षेत्र में रोजगार (Employment in the Field of Journalism in Hindi)”, “पत्रकारिता में सरकारी नौकरी?” आदि।

मास कम्युनिकेशन क्या है? (What is Mass Communication in Hindi)
मास कम्युनिकेशन (Mass Communication) को हिंदी में जनसंचार कहते है। जनसंचार शब्द से ‘संस्कृति (Culture), बुद्धि (Wisdom) तथा विवेक के भाव’ बोध होते हैं।

 


मास कम्युनिकेशन क्या है? इंटरनेट के बढ़ते प्रभाव को आधुनिक समय में देखा जा सकता है। चाहे ई-गवर्नेंस (E-Governance) हो या ई-कॉमर्स (Ecommerce), ई-शॉपिंग (E-Shopping), ई-बिलिंग (E-Billing), ई-पोस्ट (E-Post), ई-एजुकेशन (E-Education), ई-मेडिकल (E-Medical) या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Video Conferencing), इंटरनेट (Internet) ने सभी के लिए इसे सरल और सुगम बना दिया है।


मास कम्युनिकेशन कोर्स क्या होता है? (Mass Communication me Kya Hota Hai)

“मास कम्युनिकेशन क्या है? (Mass Communication Kya Hai)” सोशल नेटवर्किंग साइट्स व ब्लागिंग ने इण्टरनेट की व्यापकता में काफी वद्धि की है।

इलेक्ट्रॉनिक और सैटेलाइट संचार ने नयी मीडिया में न्यूजपेपर्स, मैगजीन और पीरियॉडिकल, न्यूज एजेंसियों, टीवी, रेडियो, इण्टरनेशनल पेपर्स और नेटवर्क्स के रीजनल प्रेस ब्यूरो, इण्टरनेट पोर्टल्स, सूचना और प्रसारण मंत्रालय से सम्बद्ध सरकारी एजेंसियों में जॉब के अवसर उपलब्ध हैं।

मास कम्युनिकेशन क्या है?” Mass Communication Kya Hai सरकारी एजेंसियों में जैसे डायरेक्टरेट ऑफ एडवरटाइजिंग एंड विजुअल पब्लिसिटी (DAVP), डायरेक्टरेट ऑफ फील्ड पब्लिसिटी, पब्लिक रिलेशन डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एंड प्राइवेट सेक्टर कॉरपोरेशन, फ्रीलांसर और स्ट्रिगर, थिएटर एवं फिल्म क्रिटिक, बुक रिव्युअर आदि क्षेत्रों में जॉब के अवसर उपलब्ध हैं।

इण्टरनेट विकास के सक्षम औजार के साथ ‘ग्लोबल विलेज’ (Global Village) का आधार बना हुआ है।

डिजिटल क्रान्ति (Digital Revolution) ने संस्कृति (Culture), सत्ता (Power) और बाजार (Market) को नये सिरे से परिभाषित किया है।

डिजिटल उपकरणों ने निर्जीव पदार्थों को भी नये सिरे से परिभाषित करना प्रारम्भ कर दिया है।

आज कम्प्यूटर (Computer), मोबाईल (Mobile) और लैपटॉप (Laptop) जैसे डिजिटल उपकरण (Digital Devices) हमारे व्यक्तित्व के अंग बन गए हैं।

मास कम्युनिकेशन क्या है?” अगर छात्र 12वीं के बाद मास कम्युनिकेशन कोर्स (Mass Communication Course) करने के बारे में सोच रहे हैं, तो उनके लिए यह कोर्स बेस्ट है।

यह कोर्स काफी मजेदार हैं। जिसको पढ़ने में मज़ा आयेगा।

इस कोर्स के माध्यम से आप यह सीखते हैं, कि कैसे एक ही समय में दुनिया की किसी भी चीज से संबंधित जानकारी, पूरी दुनिया में संचार किया जाता है।

इन खबरों को अखबारों, किताबों, पत्रिकाओं, वेबसाइटों, ब्लॉगों, रेडियो, फिल्म और टेलीविजन का उपयोग कर संचार किया जाता है।

यह क्षेत्र काफी तेजी से आगे बढ़ रहा हैं और इसके साथ ही इस क्षेत्र में तेजी से करियर बदलने लगा हैं।

मास कम्युनिकेशन क्या है? (Mass Communication in Hindi)

“मास कम्युनिकेशन क्या है? (Mass Communication Kya Hai)” मास कम्युनिकेशन(Mass Communication) को हिंदी में जनसंचार कहते है।

जनसंचार शब्द से ‘संस्कृति (Culture), बुद्धि (Wisdom) तथा विवेक के भाव’ बोध होते हैं।

जिसका अभिप्रायः समुदाय से हैं। इसकी प्रकृति विषम होती हैं।

इसका क्षेत्र, समूह, भीड़, तथा समुदाय से बडा होता हैं।

जन का अर्थ हैं ”जनता” यानि ”मास” (Mass) तथा संचार शब्द संस्कृत भाषा के ‘चर’ धातु से बना हैं।

जिसका अर्थ हैं ‘चलना’। संचार का शाब्दिक अर्थ हैं ”साझेदारी में चलना”।

‘संचार तथा माध्यम’ ‘जन से जुड़कर ”जनसंचार” (Mass Communication) और ‘जन-माध्यम’ (Mass-Media) शब्द बने हैं।

‘मास कम्युनिकेशन (Mass Communication)’ और ‘मास मीडिया (Mass Media)’ दोनों के रूप में प्रचलित ”जनसंचार” और ”जनमाध्यम” हैं।

पत्रकारिता कोर्स हिंदी में (Mass Communication Course in Hindi)

मास कम्युनिकेशन (Mass Communication) कोर्स में भी आप बैचलर डिग्री (Bachelor’s Degree) ले सकते हैं।

मास कम्युनिकेशन में करियर (Career in Journalism in Hindi) बनाने के लिए 12वीं पास होना जरूरी है।

12वीं के बाद आप चाहें तो डिप्लोमा सर्टिफिकेट (Diploma Certificate) या डिग्री कोर्स (Degree Course) कर सकते हैं।

ग्रेजुएशन (Graduation) के बाद पीजी डिप्लोमा इन मास कम्यूनिकेशन (PG Diploma in Mass Communication), डिप्लोमा इन पब्लिक रिलेशन (Diploma in Public Relation) कर सकते हैं।

पत्रकारिता के प्रमुख कोर्सेज :-

  • MJMC ( Master of Journalism and Mass Communication)
  • BJMC (Bachelor of Journalism and Mass Communication)
  • PGDJMC (Post Graduate Diploma in Journalism and Mass Communication)
  • Diploma in Journalism
  • PG Diploma in Broadcast Journalism
  • PG Diploma in Mass Media
  • MA (Journalism and Mass Communication) Degree

मास कम्युनिकेशन के लिए शैक्षिक योग्यता (Educational Qualification for Mass Communication in Hindi)

  • मास कम्युनिकेशन के लिए शैक्षिक योग्यता (Educational Qualification for Mass Communication)मास कम्युनिकेशन कोर्स में 12वीं पास होना जरूरी है।
  • कुछ कॉलेजों में कक्षा 12 वीं में आये अंकों के आधार पर छात्रों को  प्रवेश मिलता हैं।
  • मास कम्युनिकेशन कोर्स  विज्ञान/ कॉमर्स/ आर्ट्स कोई भी कर सकता है।
  • कुछ कॉलेजों में प्रवेश लेने के लिए प्रवेश परीक्षा (Entrance Exam) करवाई जाती हैं।

मास कम्युनिकेशन प्रवेश परीक्षा के लिए तैयारी (Preparation for Mass Communication Entrance Examination in Hindi)

  • सामान्य ज्ञान की जानकारी होनी चाहिए। इसमें कही से भी प्रश्न आता हैं।
  • सबसे कॉन्ट्रोवर्सी राजनितिक विषय।
  • राजनितिक पार्टियों का ज्ञान होना।
  • फिल्म का ज्ञान होना।
  • पत्रकारिता का ज्ञान होना।
  • रेडियो, टेलीविजन का ज्ञान होना।

मास कम्युनिकेशन गवर्मेंट कालेजों (Best Government Mass Communication Colleges in India)

  • Indian Institute of Mass Communication (IIMC) New Delhi, Delhi
  • Film and Television Institute of India (FTII) Pune, Maharashtra
  • Indraprastha College for Women (IP College) New Delhi, Delhi
  • A.J.K Mass Communication Research Centre, Jamia Milia Islamia Universit New Delhi
  • Department of Journalism and Mass Communication, BHU Varanasi, Uttar Pradesh
  • Department of Communication and Journalism, Pune Pune, Maharashtra
  • Institute of Mass Communication, Film and Television Studies (IMCFTS) Kolkata, West Bengal
  • Institute of Mass Communication and Media Technology, Kurukshetra University Kurukshetra, Haryana
  • Xavier’s Institute of Mass Communication (XIMC)
  • Symbiosis Institute of Mass Communication (SIMC)
  • Department of Journalism and Mass Communication, Patna College, Patna
  • Department of Journalism and Mass Communication, Patna Women’s College, Patna
  • Makhanlal Chaturvedi National University
  • Asian College of Journalism (ACJ)
  • Babasaheb Bhimrao Ambedkar Central University Lucknow
  • Shri Ramswaroop Memorial University Lucknow
  • Chhatrapati Shahu Ji Maharaj University, Lucknow
  • Central University of Allahabad

मास कम्युनिकेशन कोर्स के महत्वपूर्ण फील्ड (Important Fields of Mass Communication Course in Hindi)

मास कम्युनिकेशन कोर्स के महत्वपूर्ण फील्ड (Important Fields of Mass Communication Course in Hindi)
पत्रकारिता और मास कम्युनिकेशन की फील्ड में कोई कोर्स करके आप प्रिंट, रेडियो, वेब, एंटरटेनमेंट, जनसंपर्क में जा सकते है।

कन्टेण्ट राइटर (Content Writer)

कन्टेण्ट लिखने वाले की व्यापक जरूरत प्रिण्ट और लिए कन्टेण्ट तैयार करने वाले की मांग भी काफी बढ़ गयी है।

कन्टेण्ट राइटर का काम सिर्फ लेख लिखने तक सीमित नहीं होता, बल्कि उसे काफी शोध कार्य भी करना होता है।

इसके लिए करेन्ट अफेयर्स की समझ और लगातार अपडेट रहना जरूरी है।

इसमें आप लेख लिख सकते है। फीचर लेखन लिख सकते है।

प्रिंट पत्रकारिता (Print Journalism)

प्रिंट पत्रकारिता का सबसे पहला और पुराना फिल्ड हैं जो भारत में अभी भी सबसे लोकप्रिय पत्रकारिता हैं।

भारत देश के हर भाषा में अख़बार और मैग्जीन छपता हैं। प्रिंट पत्रकारिता में काम कर सकते हैं।

इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता (Electronic Journalism)

इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता ने दुनिया को अक्षरों  की दुनिया से निकालकर विजुअल (दृश्य) की दुनिया में ले कर आया।

ऑडियो, वीडियो, टीवी, रेडियो के माध्यम से यह दूर-दराज के क्षेत्र में भी लोकप्रिय होने लगा।

अभी के समय में टेलीविजन पत्रकारिता का यह सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बन चुका है।

पब्लिक रिलेशन्स (Public Relations)

बदलते परिदृश्य में विभिन्न संगठनों की सफलता के लिए पब्लिक रिलेशन्स यानी जनसम्पर्क आवश्यक है।

न केवल सरकारी (Governmental), सहकारी, निजी, राजनीतिक, शैक्षिक, धार्मिक संस्थाओं के लिए बल्कि व्यक्ति विशेष के प्रचार-प्रसार के लिए भी जनसंपर्क महत्त्वपूर्ण विधा बन कर उभरा है।

जनसंपर्क अधिकारी की नौकरी रुचिकर भी होती है। उन्हें न सिर्फ अपनी संस्था या व्यक्ति की मार्केट में इमेज बनानी होती है।

बल्कि संस्था की उन्नति, गतिविधियों की जानकारी न्यूज पेपर, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, मैगजीन और सम्बन्धित कॉरपोरेट ब्रॉशर आदि द्वारा लोगों तक भी पहुँचानी होती है।

विज्ञापन (Advertising)

पत्रकारिता में ही विज्ञापन को पढाया जाता हैं। पेपर (Paper), मैगजीन (Magazine), पोस्टर (Poster), पम्पलेट (Pamphlet) पर विज्ञापन (Advertisement) किया जाता हैं। इस फिल्ड में भी करियर बना सकते हैं।

स्क्रीन प्ले राइटिंग (Screen Play Writing)

स्क्रीन प्ले राइटिंग को दस्तावेज लिखने से जोडा जा सकता है।

यह लेखन मुख्यत: फिल्म और टेलीविजन सीरियलों के लिए किया जाता है।

डायरेक्टर (Director), कास्ट (Cast), एडिटर (Editor), और प्रोडक्शन टीम, स्क्रिप्ट या स्क्रीन प्ले (Screen Play) के इर्द-गिर्द ही अपना काम करते हैं।

इसलिए यह ऐसा काम है। जिससे नयापन और मनोरंजन देने का लक्ष्य भी पूरा हो सके।

फिल्म मेकिंग, सिनेमेटोग्राफी और एडिटिंग (Film Making, Cinematography and Editing)

फिल्म मेकिंग (Film Making), सिनेमेटोग्राफी (Cinematography), एडिटिंग (Editing) में कैरियर बनाने की व्यापक सम्भावनाएँ हैं।

इस सिलसिले में जो कोर्स चलाये जा रहे हैं। उनका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में फिल्म मेकिंग (Film Making) की स्किल्स (Skills) विकसित करना होता है।

सिनेमेटोग्राफी के लिए कम्पोजीशन (Composition), लाइट (Light) और कैमरों (Cameras) के मूवमेन्ट के हिसाब से कन्टैंट (Content) कैसा होना चाहिए।

इस बारे में अच्छी जानकारी जरूरी है। इसके अलावा लोकेशन (Location) को किस ढंग से शूट करना है। ताकि उसकी खूबसूरती परदे पर नजर आये।

यह समझ भी होनी चाहिए। कैमरों के प्रकार और उसकी हैंडलिंग की समझ, सिनेमेटोग्राफी की नयी तकनीक के बारे में भी विस्तार से जानकारी होनी चाहिए।

एक फिल्म को खूबसूरती से परदे पर दिखाने की पूरी जिम्मेवारी इसके एडिटर के कंधों पर होती है। इसलिए उन्हें तकनीक की बारीक समझ होनी जरूरी है।

फोटो पत्रकारिता (Photo Journalist)

फोटो पत्रकारिता प्रिण्ट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के विस्तार के चलते कुशल व प्रोफेशनल फोटोग्राफर्स की बेहद मांग है।

फोटोग्राफर सामान्य खबरों को तो कवर करता ही है।

वह साथ-साथ विशेष घटना, फिर चाहे वह प्राकृतिक आपदा हो या युद्ध या फिर ग्लैमर का क्षण वे उस स्थल पर जाकर पूरी कहानी को अपने कैमरे में खूबसूरती से कैद करते हैं और लाखों-करोड़ों लोगों को बोलती तस्वीर दिखाते हैं।

रेडियो जॉकी (Radio Jockey)

रेडियो जॉकी की पहचान इनकी आवाज और बोलने के तरीके से होती है।

अच्छे रेडियो जॉकी अकसर सिलेब्रिटि के रूप में पहचाने जाते हैं।

खासकर एफएम चैनलों के तेजी से हुए विस्तार के कारण यह कैरियर काफी ग्लैमरस माना जाता है।

भविष्य में एफएम चैनलों का काफी विस्तार होने वाला है।

वॉइस-ओवरआर्टिस्ट (Voice-Over Artist-Voice)

वॉइस-ओवर आर्टिस्ट विजुअल (Visual) पिक्चर में जान डालने का काम करते हैं।

कई बार तो बड़े-बड़े सिलेब्रिटीज़ (Celebrities) के लिए फिल्मों में आवाज देने का काम भी ये वॉइस-ओवर आर्टिस्ट ही करते हैं।

इसे ऑफ-स्क्रीन कमेन्ट्री के रूप में भी समझा जा सकता है।

रेडियो पर महत्वपूर्ण संदेश आदि देने के लिए वॉइस-ओवर आर्टिस्ट का खासा उपयोग किया जाता है।

वॉइस-ओवर आर्टिस्ट बनने के लिए अपनी भाषा पर अच्छी पकड़ के साथ ही ज्यादा से ज्यादा भाषा का सही ज्ञान, साफ आवाज, वॉइस की पिच और सही टोन का ज्ञान होना आवश्यक है।

मीडिया प्लानिंग (Media Planning)

यह मास कम्युनिकेशन (Mass Communication) के क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ नया कैरियर है।

आज प्रिण्ट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के अलावा विज्ञापन (Advertising) भी संचार के सशक्त माध्यम बन गये हैं।

मीडिया प्लानिंग (Media Planning) के अन्तर्गत क्लाइण्ट किस मीडिया कम्पनी को अपना विज्ञापन दे, इसका चुनाव करना होता है।

इसके लिए क्लाइण्ट का बजट और टारगेट ऑडियंस (Target Audience) आदि के बारे में समझ कर उसके आधार पर ही काम करना होता है।

कुल मिला कर मीडिया प्लानर (Media Planning), मीडिया ऑर्गेनाइजेशन (Media Organization) और क्लाइण्ट (Client) के बीच एक सेतु के रूप में काम करते हैं।

वेब पत्रकारिता (Web Journalism)

जिस प्रकार अखबारों (newspapers), पत्रिकाओं (Magazine) में खबरें देने के लिए पत्रकार (Journalist), लेखक (Author) और सम्पादक (Editor) होते हैं।

उसी तरह इंटरनेट (Internet) आधारित न्यूज पोर्टल (News Portal) के लिए भी पत्रकारों की जरूरत होती है।

आज हर व्यक्ति जल्द से जल्द खबरें चाहता है। खासकर युवाओं के लिए इंटरनेट आधारित न्यूज फीड (News Feed) पसन्द बनते जा रहे हैं।

यह वेब पत्रकारिता का ही कमाल है कि आप दुनिया के किसी भी कोने में बैठकर किसी भी भाषा में किसी भी देश का अखबार या वहाँ की ताजा खबरें पढ़ सकते हैं।

यहाँ कार्य में भी तेजी की जरूरत होती है। खबर लिखकर उसका सम्पादन ही नहीं, बल्कि लगातार उसे अपडेट भी करना पड़ता है।

ये भी पढ़े – फोटोग्राफी में करियर कैसे बनाये? (Career in Photography in Hindi)

जर्नलिस्ट में कुछ जरुरी गुण होने चाहिए-

  • मानसिक रूप से मजबूत होना यानी किसी भी परिस्थिति में खुद पर विश्वास करके काम पर ध्यान देना।
  • बेहतरीन संचार कौशल (Communication Skills) होना।
  • समाचारों से खुद को अपडेट रखना जर्नलिज्म का सबसे बड़ा नियम है।
  • खबरों को लेकर निष्पक्ष होना।
  • समय बद्ध (Time-Bound) होना।

नौकरी के अवसर:-

न्यूज एजेंसी (News agency), न्यूज वेबसाइट (News Website), प्रोडक्शन हाउस (Production House), Graphic Designer में  प्राइवेट और सरकारी न्यूज चैनल (Private and Government News Channel), प्रसार भारती (Prasar Bharati), पब्लिकेशन डिजाइन (Publication Design), फिल्म मेकिंग (Film Making) में रोजगार के अवसर मिलते हैं।


इन्हें भी देखें –


निष्कर्ष (Conclusion)

मुझे उम्मीद है कि “मास कम्युनिकेशन क्या है? (Mass Communication in Hindi)” और “पत्रकारिता में करियर? (Career in Journalism in Hindi)” इससे संबंधित प्रश्नों का उत्तर अवश्य मिल गया होगा।

आज के समय का सबसे चर्चित करियर ऑप्शन बनते जा रहा है।

मास कम्युनिकेशन क्या है? (Mass Communication in Hindi)” पिछले दो दशकों में, नए मीडिया ने कैरियर के संदर्भ में एक नई और बेहतर पहचान बनाई है।

यही कारण है कि यह क्षेत्र युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय भी होता जा रहा है।

हालांकि इस क्षेत्र में कॉलेजों की तेजी से बढी संख्या ने प्लेसमेन्ट (Placements) को लेकर कुछ चिन्ता पैदा की है।

फिर भी इस क्षेत्र में कई ऐसे कैरियर विकल्प हैं। जिनमें सम्भावनाओं की उम्मीद अभी बाकी है।

अगर आपको “मास कम्युनिकेशन क्या है? (Mass Communication in Hindi)” पर पोस्ट पसंद आया है तो अपने दोस्तों के साथ और सोशल मीडिया पर शेयर जरुर करे।

अगर इस पोस्ट “मास कम्युनिकेशन क्या है? (Mass Communication in Hindi)” में आपको समझने में कोई समस्या आ रही हो या कोई सवाल हो तो कमेन्ट जरुर करे। हमारी टीम आपको जल्द से जल्द आपके सवालों का जवाब देगी।

Karuna Tiwari is an Indian journalist, author, and entrepreneur. She regularly writes useful content on this blog. If you like her articles then you can share this blog on social media with your friends. If you see something that doesn't look right, contact us!

59 thoughts on “मास कम्युनिकेशन क्या है? (Mass Communication in Hindi) – जानिए हिंदी में।”

  1. maine isi sal 12th pass kiya or abhi tak confused hu ki kya karu, isliye maine is sal addmistion nhi liya. maine jb google par search kiya ki 12 bad kya kru to apka website aya or maine pda apne itni achi tarike se smjhaya hai ki mera problem hi solve ho gya. qki ghar me sb Engineering krne bol rha hai or mujhe Mass Communication krne ka man hai.. ab mai confident feel kr rha hu ki papa ko bol sku. clearly mai unko smjh saku.. mai apke mail id pr mail krunga.. KARUNA MAM pleace guide me. and thank you so much.

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    • Priya Raj शायद आपने ये आर्टिकल को पूरी तरह नहीं पढ़ी है। पहले आप इस आर्टिकल को पूरी तरह से पढ़े। क्योंकि इस आर्टिकल में आपके सारे सवालों का जवाब है। धन्यवाद।

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  2. Ma’am mai pg journalism course hindi me krna chahti hu but mai bahut hi middle class se hu jyada afford bhi nhi kar paungi or mai 6 month se university ka net me pta kr rhi hu but mujhe km fee me koi university best pta nhi kr pa rhi hu. sbhi me lakhs fee hai plz ma’am university suggest krke btaye jha fee kam ho or placement bhi ho.

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    • ज्योति, मैं आपकी समस्या को समझती हूं, आप जामिया मिलिया इस्लामिया, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय और मौलाना मजहरुल हक विश्वविद्यालय से अपनी स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी कर सकती हैं और यहाँ कैंपस प्लेसमेंट भी होता है।

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        • आप बिलकुल Mass Communication कर सकते हो। जिसकी English अच्छी नही होती है, तो क्या वो अपनी पढाई छोड़ देते है? ऐसा कोई नहीं करता है। आप किसी भी परिवार से हो ये मायने नहीं रखता है। आप अपनी कमजोरी किसी को क्यू बता रहे हो उस कमजोरी पर कम करो। आपके पास स्मार्ट फ़ोन है, Youtube पर English की क्लास करो। आप कमजोर नहीं हो। ये अपने दिमाग से निकालो। आप जो बात अपने दिमाग को बोलोगे, आपका आत्मा, दिल, दिमाग, शरीर वही मानेगा। मैंने जो ज्योति कुमारी को Colleges बताये है वह सब सरकारी कॉलेज है। जिसका फीस कम होता है। BHU ‘MJMC PG’ का फीस 30 हजार है। नाम पर मत जाओ की ये मंहगे होंगे? एक बार खुद से पता करो। आप एक अच्छे संस्था से PG करोगे तो फिर भी कम से कम 60 हजार तक तो जायेगा ही। आप Makhanlal Chaturvedi National University भोपाल का कॉलेज का पता कर सकते है। देखो Yashi Singh आप कही सुनी बातो पर मत जाओ। आप एक पत्रकारिता का कोर्स करने की बात कर रही है तो आपको खुद से पता करना होगा। खुद के देखि सुनी बातो पर भरोसा करो। हर कॉलेज का लिस्ट बनाओ और उस कॉलेज का फ़ोन नंबर निकालो और बात करो। इंटरनेट से सारे कॉलेज का लिस्ट निकालो। कॉपी पेन लेकर बैठो और लिखो। फिर कॉल करो। एक ही बात आप हर कॉलेज में पूछोगी। तो पहले अपना सवाल एक पेज पर लिख लो ताकि आप नर्वस नहीं हो और अपना सवाल आप बेझिझक पूछ सको। पत्रकारिता का कोर्स करने जा रही हो तो पत्रकार की तरह सोचो। जरुरी नहीं है की आप PG ही करो आप PG Diploma in Journalism कर सकते हो। PG Diploma का फीस कम होता है। आपके जितने भी बड़े-बड़े न्यूज़ एंकर है वो लोगो में से कितने लोग PG Diploma किये हुए है और UG किस और सब्जेक्ट से किये हुए है। फिर भी अगर आपको समस्या है तो आप बेझिझक सवाल कर सकते है। मैं यहाँ आप लोगो के लिए हमेशा हूँ।

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    • अधिकांश कॉलेज केवल उन्हीं छात्रों को स्नातकोत्तर में दाखिला देते हैं जिन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी कर लिया है, लेकिन कुछ कॉलेज स्नातकोत्तर के दूसरे वर्ष में सीधे प्रवेश प्रदान करते हैं, मगर छात्र के पास मान्यता प्राप्त भारतीय विश्वविद्यालय से पत्रकारिता, जनसंचार, विज्ञापन या जनसंपर्क में पीजी डिप्लोमा होना चाहिए।

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  3. मैम मै हिन्दी समाचार पत्र मे 4 साल से रिपोर्टर हू मगर मेरे पास कोई डिग्री नही है। पत्रकारिता मे रूचि बहुत है। मेरा लक्ष्य इलेक्ट्रिक मिडिया है व रिपोर्टर बनना चाहता हूँ और गरीब भी हू। कृपया मार्ग दर्शन दें।

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    • Mahesh Kumar Srivastava आप 4 साल से रिपोर्टर हो। एक हिंदी समाचार पत्र में काम करना बहुत ही गर्व की बात है। इसके लिए आपको ढेर सारी शुभकामनाएं। आपके पास ढेर सारे अनुभव होंगे। आप उस समाचार पत्र से एक अनुभव सर्टिफिकेट जरुर ले लेना। मैं आपको PG Diploma करने के लिए सलाह दूंगी। यह सिर्फ एक साल का होता है। आप सरकारी संस्था से यह कोर्स करे। IIMC यह एक ऐसी संस्था है। जहा पर हिंदी पत्रकारिता, इंग्लिश पत्रकारिता और उर्दू पत्रकारिता होती है। आप इस संस्था का Entrance Exam दे और उसमें आप Admission ले। धन्यवाद।

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  4. Dear Karuna ma’am,
    मैं पिछले 5 साल से पत्रकारिता का कार्य कर रहा हूँ। मैंने IGNOU से BTS (Bachelor of Tourism) किया हुआ है। मैं डिग्री धारक पत्रकार बनना चाहता हूँ। कृपया उसके लिए मार्गदर्शन करें कि मैं कौन सा कोर्स करूँ। धन्यावाद।

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    • Sandeep Chalana आपने मेरे आर्टिकल को अच्छी तरह से नहीं पढ़ा है। आपसे अनुरोध है की आप यह आर्टिकल अच्छी तरह से पढ़े। आपके सवालों का जवाब आर्टिकल में पहले से ही मौजूद है। धन्यवाद।

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  5. Good Morning, ma’am. I am a student of BCA 5 SEM. But I am want to make a successful news anchor. Aur ham apko batana chahate h ki ham Mass Communication karana chahate h. Hame Pg Diploma karana h. Jaha par Mass Communication field me achi placement milti ho. Aur ham apne Yaha garibo aur Jo log padane me ashay h aur jinko kuchh malum n rahata Kisi v chij k bare me Hum unke liye ‘Avaj Uthana’ chahate h. Kya hame BHU me PG diploma in mass communication me addamission mil sakta h. Mam plz help me. Mob -6391317325 plz ap hame koi v apna contact number dijiyega jisse ki hamari problem solve ho sake.

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  6. क्या मैं 12वीं के बाद पत्रकारिता में बैचलर कर सकता हूं? मुझे छत्तीसगढ़ की न्यूज़ एजेंसी में जाना है। कृपया यह बताये की क्या इसके लिए इंग्लिश जरूरी है? और कहां जॉब मिलेगी?

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    • Deepak Sahu, धन्यवाद, हाँ आप 12वीं के बाद पत्रकारिता में बैचलर कर सकते है। इसके लिए आपको थोदा बहुत तो इंग्लिश जरुरी है। अगर आपकी इंग्इलिश कमजोर है तो चिंता करने की बात नहीं है, इस क्षेत्र में काम करते-करते आपकी इंग्लिश भी अच्छी हो जाएगी। जॉब ती आपको हर तरफ मिलेगी। बस आप अपने अन्दर टैलेंट रखे। फिर जॉब तो आसानी से मिल जाएगी।

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