साक्षात्कार क्या है? (What is Interview in Hindi) जानिए हिंदी में।

साक्षात्कार क्या है? (What is Interview in Hindi)

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साक्षात्कार क्या है? (What is Interview in Hindi)” पत्रकारिता में साक्षात्कार का महत्वपूर्ण स्थान है। साक्षात्कार आम तौर पर दो प्रकार के होते हैं। तात्कालिक समाचारों के लिए किए गए साक्षात्कारों की मदद से तथ्यों की पुष्टि की जाती है और उनका विश्वसनीयता मजबूत होती है। इसमें घटना की प्रधानता है। इसलिए साक्षात्कार का उद्देश्य घटनाओं को विस्तार से देखने का प्रयास करना है। दूसरे प्रकार का साक्षात्कार व्यक्तित्व पर आधारित होता है। जिसके तहत किसी व्यक्ति के जीवन, विचारों और गतिविधियों का परीक्षण (Testing) किया जाता है।

साक्षात्कार क्या है?” किसी भी रूप में साक्षात्कार के निर्मित संवाददाता अथवा पत्रकार को सबसे पहले घटना की प्रकृति अथवा संबधित व्यक्ति के बारे में जानकारी लेनी होती है। फिर उसे सवाल करना होता है और उसमे मिले जवाबो को समझना पड़ता है। “साक्षात्कार क्या है?” बहुत सारी खबरें या रिपोर्ट पूरी तरह या आंशिक रूप से साक्षात्कार पर आधारित होती हैं। यह संभव है कि यह साक्षात्कार कुछ ही मिनटों का हो। उदाहरण के लिए, किसी पुलिस अधिकारी से किसी विशेष घटना के संदर्भ में जानकारी लेना।

साक्षात्कार क्या है? (What is Interview in Hindi)

What is Interview in Hindi

दूसरी ओर यह एक विस्तृत साक्षात्कार हो सकता है। जैसे – विश्वविद्यालय के कुलपति से कॉलेजों के तथा विभागों के विकास के लिये उपलब्ध करायी जाने वाली राशि के सम्बन्ध में विस्तार से जानकारी लेनी हो। इन सभी स्थितियों में चाहे समाचार किसी भी क्षेत्र से संबंधित हो, पत्रकार को अपने पाठकों की जिज्ञासा को ध्यान में रखकर सवाल पूछने पड़ते हैं। उसे उस माहौल को भी ध्यान में रखना होगा। जिसमें साक्षात्कार लिया जा रहा है।

साक्षात्कार क्या है?” तात्कालिक साक्षात्कार: सामन्य समाचारों के लिये जाने वाले साक्षात्कार से घटना के स्रोत का पता चलता है तथा तथ्यों की पुष्टि होती है। जहाँ अपराधी को जारकारी के लिए पुलिस अधिकारियों से मिलना होता है। वही किसी आगजनी की घटना के कारणों को जानने के लिए अग्निशमन (Fire Fighting) के अधिकारियों से साक्षात्कार लेना होता है। “साक्षात्कार क्या है?” मान लीजिए, यदि आप किसी परीक्षा केंद्र में कदाचार में शामिल छात्रों के बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो केंद्र या संस्थान के प्रमुख का साक्षात्कार करना आवश्यक हो जाता है। फिर भी सामाचार लिखने की प्रक्रिया में घटनायें महत्वपूर्ण बनी रहती हैं और उससे जुड़े साक्षात्कारों का उल्लेख सिर्फ सम्पुष्टि के उद्देश्य से किया जाता है।

साक्षात्कार का अर्थ (Meaning of Interview in Hindi)

साक्षात्कार‘ दो शब्दों से मिल कर बना है ‘inter‘ और ‘view‘। साक्षात्कार शब्द ‘लैटिन‘ और ‘फ्रेंच‘ शब्दों से मिलकर बना है। दोनों शब्दों से मिलकर ‘Interview‘ ‘साक्षात्कार‘ बनता है। जिसका अर्थ है “बीच में देखना” या “एक दूसरे को देखना“। आम तौर पर एक साक्षात्कार का मतलब है। एक साक्षात्कार विचारों का एक उद्देश्यपूर्ण आदान-प्रदान है, दो या अधिक व्यक्तियों के बीच प्रश्नों और संचार (Communications) का उत्तर देना होता है। इसे साक्षात्कार कहा जाता है।

साक्षात्कार की परिभाषा (Definition of Interview in Hindi)


गैरी डेज़लर के अनुसार, “साक्षात्कार एक प्रक्रिया है जिसे किसी व्यक्ति की मौखिक प्रतिक्रिया से मौखिक जानकारी प्राप्त करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।”

थिल और बोवे के अनुसार, “एक साक्षात्कार दो या दो से अधिक लोगों को शामिल करने वाले एक विशिष्ट उद्देश्य के साथ किसी भी योजनाबद्ध बातचीत है।”

डॉ एसएम अमुनज़्ज़मन के अनुसार, “साक्षात्कार एक बहुत ही व्यवस्थित विधि है जिसके द्वारा एक व्यक्ति एक अजनबी व्यक्ति के जीवन में भी गहराई से प्रवेश करता है और अनुसंधान उद्देश्य के लिए आवश्यक जानकारी और डेटा बाहर ला सकता है।”


साक्षात्कार का तत्व (Elements of Interview in Hindi)

साक्षात्कार के तत्व दो होते है।

  1. संवाद (Conversation)- पात्र का बाहरी व्यक्तित्व, दृष्टिकोण वास्तव में संवाद की महत्ता, साक्षात्कार (Interview) का मूल भूत तत्व है। यह संवाद पर ही निर्भर करता है की उसका साक्षात्कार कितना निर्भर होगा। संवाद के उच्च तकनीक के द्वारा ही साक्षात्कार (Interview) को सफल बनाया जा सकता है। संवाद इस तरह के होने चाहिए की जो समने वाले व्यक्ति के हावभाव स्थिति दृष्टिकोण से होते हो। किसी भी हल में संवाद आहात करने वाले नहीं होने चाहिए।
  2. बाह्य व्यक्तित्व (External Personality)- साक्षात्कार (Interview) में बाहरी और भीतरी व्यक्तित्व को उभार कर ही लाना साक्षात्कार (Interview) होता है। इस तरह पात्रो के मनो भाव रहना प्रवृतियों को ध्यान में रख कर प्रश्न पूछे जाना चाहिए। साक्षात्कार में सबसे पहले संवाद की महत्ता के बाद दृष्टिकोण की ही भूमिका है। एक सफल साक्षात्कार (Interview) वही है। जो साक्षात्कार दाता के दृष्टि कोण को उभर सके साक्षात्कार में सिर्फ प्रश्न उत्तर ना हो कर, साक्षात्कार देने वाले व्यक्ति के दृष्टिकोण भी उभरना चाहिए।

साक्षात्कार की तैयारी कैसे करें (Interview Ki Taiyari Kaise Kare)

1. साक्षात्कार के लिए तैयारी

  • अपनी योग्यता (Qualification) एवं कमी की सूची तैयार कर लें।
  • वर्त्तमान समय की सारी जानकारी रखे।
  • वर्तमान महत्वपूर्ण राष्ट्रीय (National) एवं अंतरराष्ट्रीय (International) समस्याओं के बारे में पूरा ज्ञान प्राप्त करें।
  • हर रोज आप समाचार पत्र (Newspaper) को पढ़े। कम से कम हर रोज चार समाचारपत्र (Newspaper) पढ़े। इसमें एक पेपर अंग्रेजी का भी पढ़े।
  • हर रोज टेलीविजिन पर न्यूज़ (News) को देखे और अपने दिमाग में हर घटना को याद रखे।
  • मिरर के सामने खड़ा हो कर आत्मविश्वास (Confidence) से बोलना सीखे।
  • जिस कंपनी में साक्षात्कार (Interview) देने जा रहे हो उस कंपनी की पूरी इतिहास को जान ले।
  • जिस पद के लिये आवेदन (Application) किया है। उसके कार्यों का विवरण एवं उसके सम्बन्ध मे जानकारी प्राप्त करें।
  • अपने सभी डाक्यूमेंट्स (Documents) और सर्टिफिकेट्स (Certificates) को साक्षात्कार के लिये प्राप्त हुए आमंत्रण पत्र (Invitation Letter) सहित एक फोल्डर (Folder) में सहेज कर रख लें।

2. साक्षात्कार के दिन

  • साक्षात्कार के एक दिन पहले अच्छी नींद लें।
  • अपनी दैनिक गतिविधियां (Daily Routine) करें।
  • आप स्वच्छ एवं साफ (Clean and Tidy) दिखाई दें। प्रैस किये हुए कपड़े तथा पॉलिस किये हुए जूते पहनें।
  • आवश्यक डाक्यूमेंट्स (Documents) और सर्टिफिकेट्स (Certificates) के फाइल को लेकर साक्षात्कार स्थल पर समय पर पहुॅंच जाएं।
  • इन्तजार की अवधि में आप पढ़ने के लिए कंपनी के साहित्य/विवरणिका भी मांग सकते हैं।

3. साक्षात्कार के समय

  • कमरे में प्रवेश करना सर्वाधिक महत्व रखता हैं। खटखटाएं (Knock), अभिवादन (Greeting) करे तथा दरवाजा धीरे से बंद करे।
  • आत्मविश्वास से आगे बढ़ें। जब तक आप से बैठने के लिए कहा न जाये, बैठें नहीं।
  • यदि साक्षात्कारकर्ता अपना हाथ आगे बढ़ाता है तो उससे आत्मविश्वास से हाथ मिलाएं।
  • याद रखें, “The First Impression is the Last Impression” पहला प्रभाव बड़ा महत्वपूर्ण होता है।
  • जब आप प्रवेश करते है तो आपकी चाल (Walk), आत्मविश्वास (Self-Confidence) तथा बाह्य (External) आचरण पर निगाह रखी जाती है।
  • प्रत्याशी के हाव-भाव को भी ध्यान पूर्वक देखा जाता है।
  • ठीक ढंग से बैंठे तथा थोड़ा झुकें क्योंकि यह आपकी रूचि एवं ध्यान को दर्शाता है।
  • पैन (Pan), कागज (Paper), चश्मा (Spectacles) तथा मेज पर रखी वस्तुओ जैसे कि पेपरवेट (Paperweight) को बेकार में न छेडें।
  • शरीर ऐंठन (Body Cramps), खुजलाना (Itching)आदि आत्मविश्वास (Self-Confidence) एवं एकाग्रता (Concentration) की कमी को दर्शाता है।
  • उत्तर देते समय सुनो (listen), सोचो (Think Up) और फिर बोलो।
  • उत्तर देने मे जल्दी न करें (Do Not Rush), थोड़ा समय लें (Take some time)।
  • यदि आपने प्रश्न को समझ नहीं पाये हैं तो सॉरी (Sorry) कह कर दोहराने के लिये कहें। अन्दाजा (Guess) लगाकर गलत उत्तर नहीं दें।
  • यदि आपको उत्तर नहीं आता है तो स्पष्ट रूप से बता दें कि आपको आता नहीं है।
  • आपका उत्तर संक्षिप्त एवं स्पष्ट होना चाहिए।
  • मेरा मतलब है कि’ ‘ठीक हैokay जैसे शब्दों से बचें।
  • पूरे साक्षात्कार के दौरान शिष्टता (Courtesy) को बनाए रखें।
  • धन्यवाद ‘माफ कीजिए’, ‘जी ठीक है‘ जैसे शब्दों का उचित अवसरों पर प्रयोग आपकी शिष्टता (Courtesy) को दर्शाता है।

साक्षात्कार में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

  1. आपको इस वेकन्सी (vacancy) के बारे में कैसे पता चला?
  2. आपने अपनी पिछली नौकरी क्यों छोड़ दी?
  3. अपने बारे में कुछ बताइये!
  4. हम आपका ही चयन क्यों करें?
  5. आपमें ऐसा क्या है जो दूसरो में नहीं है?
  6. आप 14 नवम्बर को पैदा हुए? इस तिथि का ऐतिहासिक (Historical) महत्त्व बताइये!
  7. आप कितने प्रतिशत (Percent) ईमानदार है?
  8. आपकी सबसे बड़ी कमजोरी (Weakness) क्या है?
  9. आपकी सबसे बड़ी स्ट्रेंथ (Strength) क्या है?
  10. अगर आपको यह जॉब (Job) नहीं मिली तो?
  11. आप कितनी सैलरी (Salary) पर काम करना चाहेंगे?
  12. क्या आप कुछ पूछना (Ask) चाहते हैं?

साक्षात्कार (Interview) में सफलता प्राप्त करने के लिए स्मार्ट तथ्य (Smart Facts)

  1. साक्षात्कार के लिए जाते समय अपने मन को हीन भावना (Inferiority Complex) से मुक्त रखें अर्थात सकरात्मक सोच रखें।
  2. यदि आपका शरीर क्षीण और दुर्बल है तो भी किसी भी प्रकार की हीन भावना अपने मन में न आने दें।
  3. हमेशा याद रखें कि जीवन में शरीर की अपेक्षा ज्ञान की अधिक आवश्यकता होती है।
  4. साक्षात्कार कक्ष में अनुमति लेकर ही प्रवेश करना चाहिए।
  5. कक्ष में प्रवेश करने से पूर्व वस्त्र-परिधान एवं अपने केश आदि को व्यवस्थित कर लेना चाहिए।
  6. साक्षात्कार कक्ष में प्रवेश करते ही साक्षात्कारकर्ताओं का औपचारिक ढंग से अभिवादन करना चाहिए।
  7. कक्ष में सामान्य एवं सहज गति से प्रवेश करना चाहिए।
  8. कक्ष के अंदर अभ्यर्थी को नियत स्थान पर तब तक नहीं बैठना चाहिए।
  9. जब तक कि उसे बैठने के लिए कहा न जाए, उसके बाद (after that) धन्यवाद अवश्य बोलना चाहिए।

साक्षात्कार की प्रक्रिया (Process of Interview in Hindi)

अलग-अलग उद्देश्यों से साक्षात्कार लिये जाते हैं। उद्देश्य के अनुसार साक्षात्कार की प्रक्रिया भी अलग-अलग होती है। साक्षात्कार बहुत तरह के हो सकते हैं। नौकरी के लिए अलग ही प्रक्रिया होती है। वैसे ही पत्रकारिता में साक्षात्कार की प्रक्रिया अलग होती है। बड़े नेताओं (leaders) का, अभिनेता और अभिनेत्री का (Actor and Actress), पॉलिटिशियन (Politician) का, संगीतकार (Musician) का, गीतकार (Lyricist) का, लेखक (Author) का इत्यादि। हर साक्षात्कार में अलग-अलग प्रक्रिया होती है।

साक्षात्कार के गुण (Quality of Interview in Hindi)

  • साक्षात्कारकर्त्ता को अपनी बात सीधी एवं स्पष्ट शब्दों में बोलना चाहिए।
  • साक्षात्कार देने वाले पर यह प्रभाव डाले कि वह उसमें अधिक रूचि रखता है।
  • साक्षात्कारकर्त्ता को अच्छी या बुरी बातों पर आश्चर्य (Surprise) प्रकट नहीं करना चाहिए।
  • वार्तालाप के समय अगर साक्षात्कार देने वाला बोल रहा है तो यह प्रयास करना चाहिए कि उसे बीच में न रोके औरअपनी बात न कही जाए।
  • साक्षात्कारकर्त्ता को धैर्यवान (Patient) होना चाहिए।
  • साक्षात्कार प्रदाता को ऐसा लगना चाहिए कि साक्षात्कारकर्त्ता उसकी बातों में रूचि ले रहा है और सद्भावना पूर्ण व्यवहार कर रहा है।
  • साक्षात्कार देने वाले कि भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
  • साक्षात्कारकर्त्ता को यह प्रयास करना चाहिए कि साक्षात्कार प्रदाता का उस पर विश्वास बना रहे।
  • साक्षात्कार प्रदाता से बिना पूछे साक्षात्कार के विषय में किसी और से बात नहीं करनी चाहिए।

साक्षात्कार में बरती जाने वाली सावधानियां (Interview me Barti Jane Vali Galatiya)

  • साक्षात्कार से पूर्व पात्र व साक्षात्कार के विषय पर आवश्यक ज्ञान प्राप्त करना चाहिए। इससे साक्षात्कार में निखार भी आता है।
  • साक्षात्कार के पात्र व उसकी सोच-विचारधारा को आवश्यक सम्मान मिलना चाहिए।
  • उसके व्यक्तित्व परिधान, भाषा की कमजोरी, शिक्षा की कमी, गरीबी व निम्न सामाजिक स्तर आदि के कारण उसकी उपेक्षा नहीं की जानी चाहिए।
  • साक्षाकारकर्ता पात्र को नहीं भटकाए। न ही किसी तथ्य को जानने के लिए उस पर दबाव बनाए।
  • साक्षाकारकर्ता को घमंड (Boasting) रूखापन (Acrimony), अपनी बात थोपना, बातूनीपन (Speechlessness) व व्यवहार में सुस्ती या आलसी भाव नहीं होना चाहिए।
  • उसे उचित वातावरण के निर्माण में बाधा पैदा होती है।
  • कई बार पात्र किसी प्रश्न को टाल देता है। कोई बात छिपा लेता है।
  • घुमा-फिरा कर बात निकलवाने की कोशिश करता है।
  • यदि पात्र कोई बात बताने या न बताने के लिए अडिग है तो जिद्द या बहस नहीं करनी चाहिए।
  • इससे कटुता उत्पन्न होने की पूरी-पूरी सम्भावना रहती है।
  • इन प्रकारों की परिस्थितियों से बचना चाहिए।
  • साक्षात्कारकर्ता में जिज्ञासा (Curiosity), बोलने की सामर्थ्य (Affordability), भाषा पर अच्छा पकड़, बातें निकालने की कला, बात को सुनने की कला, मनोविज्ञान का ज्ञान, नम्रता, बातचीत को अवसरानुकूल मोड़ देना इत्यादि।
  • गुणों का व्यक्तित्व में निहित होना साक्षात्कारकर्ता या पत्रकार की निपुणता को बढ़ावा देता है व इससे अच्छे परिणाम व सटीक परिणाम प्राप्त होते है।
  • पात्र के कथन को उसकी बातों व विचारों को महत्व दिया जाता है न कि अपने विचार व कल्पनाओं को।
  • कहा जाता है धैर्य से सुनना भी अपने आप में कला है। सुनने में अधीरता को नहीं दर्शाना चाहिए।
  • यह हमेशा ध्यान रखें कि साक्षात्कार के पात्र को हम ही बोलने का या विचार सम्प्रेषण का अधिकार देते हैं।
  • इसका उल्लंघन नहीं किया जाना चाहिए।
  • क्योंकि यदि संवाददाता व संवादकतो किसी विषय पर बराबर के विचार प्रकट करते है तो यह साक्षात्कार नहीं कहलाता बल्कि यह परिचर्चा होती है।
  • संवाददाता को कोई पूर्वाग्रह का प्रयोग नहीं करना चाहिए, इस क्रिया के समय शत्रुता या मित्रता नहीं बल्कि तटस्थता का मार्ग अपनाया जाना चाहिए।
  • साक्षात्कार कोई व्यक्तिगत चीज नहीं है। वह जनता की जानकारी के लिए लिया जाता है।
  • अत: पात्र के कथन को तोड़-मरोड़ कर पेश नहीं करना चाहिये। साक्षात्कार की मूल भावना ‘जैसा उन्होंने कहा’ होता है।
  • संवाददाता चाहे उससे सहमत हो या न हो उसका विषय पर कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए।
  • कई बार साक्षात्कारदाता अपनी कही बातों से मुकर भी जाते हैं। खासकर जब वह कोई विवाद का केन्द्र बन जाता है।

साक्षात्कार का उद्देश्य (Purpose of Interview in Journalism)

  • आवेदन पत्र और परीक्षणों के माध्यम से प्राप्त जानकारी को सत्यापित करता है।
  • आवेदक से अतिरिक्त जानकारी प्राप्त करने में मदद करता है।
  • उम्मीदवार को नौकरी और संगठन के बारे में आवश्यक तथ्य और जानकारी देता है।
  • कंपनी और उम्मीदवार के बीच आपसी समझ स्थापित करने और कंपनी की छवि बनाने में मदद करता है।
  • रिज्यूम (Resume) में उम्मीदवार ने जो लिखा है, वह मुख्य बिंदु हैं। उसके पास और कौन सा अतिरिक्त कौशल है?
  • इन सभी को साक्षात्कार आयोजित करके जाना जाता है।
  • यह न केवल साक्षात्कारकर्ता को उम्मीदवार के तकनीकी ज्ञान के बारे में जानकारी देता है।
  • बल्कि उसके बहुत आवश्यक रचनात्मक (Creative) और विश्लेषणात्मक (Analytical) कौशल का भी विवरण देता है।

साक्षात्कार का महत्व (Importance of Interview in Journalism)

हमारे देश में, योग्यता के आधार पर नियुक्ति की अवधि लगभग 155 साल पहले शुरू हुई थी। इस क्रम में योग्यता के आधार पर सर्वश्रेष्ठ लोगों को खोजने के लिए प्रतियोगिता परीक्षाएं (Competitive Examinations) शुरू की गईं। जिसमें पहले लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी और मेरिट सूची में उत्तीर्ण प्रतियोगियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य पद की गरिमा और महत्व के संदर्भ में प्रतियोगियों के व्यक्तित्व का परीक्षण करना और पद के अनुसार उनकी योग्यता का आकलन करना है।

यह किसी भी चयन प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण है। यह उम्मीदवार के विभिन्न पहलुओं का परीक्षण करने की कोशिश करता है। इसमें साक्षात्कार बोर्ड या साक्षात्कारकर्ता यह जानने की कोशिश करता है कि आप कैसे सोचते हैं? आपका व्यवहार कैसा है? आप किसी समस्या का समाधान कैसे करते हैं? आप दबाव में कैसे व्यवहार करते हैं? आपका सामान्य ज्ञान कैसा है? आप कितने जागरूक हैं? मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर अधिक ध्यान दिया जाता है।

वर्तमान में साक्षात्कार अथवा व्यक्तित्व परीक्षण का महत्त्व बहुत बढ़ गया है कि विभिन्न स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय अथवा शैक्षिक संस्थानों में प्रवेश से लेकर नौकरी प्राप्ति हेतु प्रतियोगिताओं का आयोजन करने वाले भिन्न-भिन्न संगठनों (Different Organizations), समितियों (Committees), बोर्डों अथवा संस्थाओं द्वारा विभिन्न प्रकार के चयन हेतु साक्षात्कारों का नियमित आयोजन किया जाता है।


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निष्कर्ष (Conclusion)

साक्षात्कार क्या है? (What is Interview in Hindi)” साक्षात्कार लेने का कार्य एक प्रक्रियात्मक कार्य है। किस व्यक्ति का साक्षात्कार किया जाए। यह तय करना इस प्रक्रिया का प्रथम चरण है। व्यक्ति का चयन कई बातों पर निर्भर करता है। सामान्यतः लोग बड़े नेताओं, अभिनेताओं, खिलाड़ी, कलाकार इत्यादि व कभी अपराध जगत के लोगों के बारे में जानने को इच्छुक होते हैं। अत: पत्रकार ऐसे व्यक्तियों के साक्षात्कार लेने के अवसर ढूंढते रहते हैं। नगर में कोई विशिष्ट व्यक्ति आता है, किसी समारोह में कोई हस्ती उपस्थित होती है तो उसे साक्षात्कार का पात्र बनाया जा सकता है।

पत्रकार को यह तय करना होता है कि किस मुद्दे पर बात करनी है कि वह समाचार बने व छपे। पत्रकार को पिछड़े गरीब वर्ग के व्यक्तियों के लिए भी साक्षात्कार लिये जाते हैं व उनके बारे में जानकारियां जनता के सामने लायी जाती है। “साक्षात्कार क्या है? (What is Interview in Hindi)” विदेशों से आए महत्त्वपूर्ण व्यक्तियों या विशेषज्ञों के आगमन के उद्देश्य व कार्यक्षेत्र के बारे में भी साक्षात्कार लिया जा सकता है। साक्षात्कार पात्र से उसके जीवन, कृतित्व, प्रेरणा-स्रोत, दिनचर्या, रुचियों, विचार आदि सभी पर बात करते हैं या ये विषय क्षेत्र किसी एक विषय मात्र पर आधारित भी हो सकता है।

मुझे उम्मीद है की “साक्षात्कार क्या है? (What is Interview in Hindi)” पर यह पोस्ट आपको पसंद आया होगा। अगर आपको “साक्षात्कार क्या है? (What is Interview in Hindi)” पर पोस्ट अच्छा लगा तो अपने दोस्तों और सोसल मीडिया पर शेयर जरुर करे। सबसे बड़ी बात आपको “साक्षात्कार क्या है? (What is Interview in Hindi)” में को समझने में कोई भी समस्या हो रही है तो आप हमें अपने सवालों को कमेंट करें। हमारी टीम आपके सवालों का जवाब जल्द से जल्द देगी।

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