फीचर लेखन क्या है? (What is Feature Writing in Hindi)

फीचर लेखन क्या है? (What is Feature Writing in Hindi) – जानिए हिंदी में।

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फीचर लेखन क्या है? (What is Feature Writing in Hindi)” फीचर लेखन एक अच्छी पत्रकारिता है। एक उत्तम फीचर उसे ही माना जाता है जो उचित विषय पर आधारित हो, आकर्षक रूप में तथ्यों को प्रस्तुत करे, शैली में शालीनता हो तथा पत्र-पत्रिका में अपनी पहचान बनाये रखे। फीचर लेखन (Feature Writing) में यह अपेक्षा की जाती है की वह सहज एवं उचित शब्दों का प्रयोग कर लेखनी को एक छोटी नदी के समान मंद गति प्रदान करें। “फीचर लेखन क्या है?फीचर लेखन (Feature Writing) के आकर प्रकार पर भी धयान देने की जरूरत होती है। फीचर (Feature) बहुत बड़े आकर का नहीं होना चाहिए, पर विषय-वास्तु के अनुरूप इसका विस्तार किया जा सकता है। फीचर लेखन (Feature Writing) में भाषा (Language) की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। कहावतों एवं मुहावरों का प्रयोग भी फीचर लेखन (Feature Writing) में किया जा सकता है।

फीचर लेखन क्या है? (What is Feature Writing in Hindi)

फीचर लेखन क्या है?” इसको इस प्रकार भी समझ सकते है। समकालीन घटना तथा किसी भी क्षेत्र विशेष की विशिष्ट जानकारी के सचित्र तथा मोहक विवरण को फीचर कहा जाता है | समाचारों (News) के बजाए फीचर लेखन (Feature Writing) मनोरंजक (Entertenment) ढंग से तथ्यों (Facts) को प्रस्तुत करता है। इसके संवादों में गहराई होती है। इससे पाठकों को मिलने वाली जानकारी मनोरंजक (Entertenment) ढंग से मिलती है। फीचर (Feature) में विस्तार की अपेक्षा होती है। फीचर (Feature) की अपनी एक अलग शैली होती है। समाचार के तथ्यों (Facts) में परिवर्तन नहीं हो सकता है अत: उनमें एकरूपता होती है लेकिन एक ही विषय पर लिखा गया फीचर (Feature) अपनी प्रस्तुति के कारण अलग-अलग पत्रों में अलग अंदाज प्रस्तुत करता है। फीचर (Feature) में भूत (Past) , वर्तमान (Present), भविष्य  (Future) सभी का समावेश हो सकता है। उसमें तथ्यों व कथन व कल्पना का भी उपयोग किया जा सकता है।

फीचर लेखन क्या है? (What is Feature Writing in Hindi)“, “फीचर लेखन का अर्थ (Meaning of Feature Writing in Hindi)“, “फीचर लेखन की परिभाषा (Definition of Feature Writing in Hindi)“, “फीचर लेखन की विशेषताएं (Characteristics of Feature Writing in Hindi)“, “फीचर लेखन की अवधारणा (Concept of Feature Writing in Hindi)“, “फीचर लेखन की तकनीकें (Techniques of Feature Writing in Hindi)“, “फीचर लेखन के प्रकार (Type of Feature Writing in Hindi)“, “फीचर लेखन के तत्व (Elements of Feature Writing in Hindi)“, “फीचर लेखन के गुण (Qualities of Feature Writing in Hindi)“, “फीचर के उद्देश्य एवं फीचर के कार्य (Function of Feature writing in Hindi)” आदि। उम्मीद करती हूं की आपको इन सारे सवालों का जवाब आवश्य मिल जायेंगे।

उदाहरण के द्वारा समझे की “फीचर लेखन क्या है?” जैसे फुटबाल के वर्ल्ड कप के लिए विभिन्न टीमों पर दिए गए फीचर में लेखक टीमों की संभावित हार-जीत, खेलों में प्रदर्शन, उतार-चढ़ाव आदि को रेखांकित कर सकता है। फीचर में आंकड़े (Figures), फोटो (Photo), रंगीन पारदर्शी के कार्टून (Colorful Transparent Cartoon), चार्ट (Chart), नक्शे (Map) आदि का उपयोग उसे रोचक बना देता है। समाचारों की तर्ज या स्वरूप (Pattern) कब (When), क्यों (Why), कहां (Where), कैसे (How) को छोडकर फीचर (Feature) तथ्य (Facts) व कल्पना (Imagination) का सटीक मिश्रण होता है।

फीचर का अर्थ (Meaning of Feature in Hindi)

फीचर‘ को अंग्रेजी शब्द Feature (फीचर) का पर्याय कहा जाता है। फीचर शब्द को हिंदी में “रूपक” काहा जाता है। लेकिन आम भाषा में फीचर को ज्यादातर लोग फीचर ही कहते है। फीचर का अर्थ होता है– “किसी प्रकरण संबंधी (Sectional) विषय पर प्रकाशित आलेख है। लेकिन यह लेख संपादकीय पृष्ठ पर प्रकाशित एक महत्वपूर्ण लेख की तरह एक महत्वपूर्ण लेख नहीं है।

फीचर की परिभाषा (Definition of Feature in Hindi)

  1. डी. एस. मेहता के अनुसार– “रोचक विषयों की विस्तृत व मनोरम प्रस्तुति ही फीचर है। इसका उद्देश्य सूचना देना (Information), मनोरंजन (Entertain) करना व जनता को जागरूक (Aware) बनाना है। रूपक (Feature) का अंतिम लक्ष्य प्रशिक्षण (Training), मार्गदर्शन (Guide) व आनन्दित (Happy) करना है।”
  2. डॉ. अर्जुन तिवारी अनुसार– “मानवीय रुचि के विषयों के साथ सीमित समाचार जब चटपटा लेख बन जाता है तो वह फीचर की संज्ञा ले लेता है।”
  3. बी. डी. टंडन के अनुसार– “फीचर एक प्रकार का गधगति है जो निरस, लंबा और गंभीर नहीं हो सकता है। यह मनोरंजक हो सकता है।”
  4. डॉ विजय कुलश्रेष्ठ के अनुसार– “फीचर एक ऐसा आलोक है जो समाचार के परिवाशों से समाचार रहित, सम्मोहक, वैचारिक क्षितिज का मनोरंजन सस्पर्श लिए हुए सरस एवं संक्षिप्त अभिव्यक्ति से संपन्न होता है।”
  5. डॉ मधु धनन के अनुसार– “फीचर को शब्द चित्र कहा जा सकता है। फीचर लेख एक ऐसा शब्द चित्र होता है। जिसमें तथ्यों का स्पष्ट एवं प्रभावशाली विश्लेषण होता है।”

फीचर की विशेषताएं (Characteristics of Feature Writing in Hindi)

  1. मनोरंजक (Entertaining)
  2. ज्ञानवर्धक (Informative)
  3. मानवीय रुचि (Human Interest)
  4. चित्रात्मक भाषा शैली (Graphic Language Style)
  5. कल्पना का समावेश (Inclusion of Imagination)
  6. महकता या महत्व (Importance)
  7. भावात्मक (Affective)
  8. विचित्रता (Weirdness)
  9. रोचक (Interesting)
  10. गतिशील शैली (Dynamic Style)

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फीचर लेखन की तकनीकें (Techniques of Feature Writing in Hindi)

किसी भी समाचार पत्र व पत्रिका में किसी विषय विशेष पर कई प्रधान लेख प्रकाशित होता है, तो वह फीचर कहलाता है। फीचर संवादों की गहराई में प्रवेश करता है। जहां समाचार में संक्षिप्तता होती है। वहीं फीचर में विस्तार ही उसकी स्थिति को प्रबल बनाता है। फीचर लेखन की विशिष्ट शैली होती है। जिसकी तकनीक के प्रमुख आधार इस प्रकार है।

  • समाचार साधारण व जनभाषा में प्रस्तुत होता है। जबकि फीचर की विशिष्ट शैली होती है। वह एक विशेष वर्ग व विचारधारा पर केन्द्रित होता है।
  • समाचार हर पत्र में एक ही स्वरूप में होते हैं। क्योंकि उसके तथ्य अपरिवर्तनीय हैं। जबकि एक ही विषय पर अलग-अलग पत्रों में लिए गए फीचर अलग-अलग प्रस्तुति लिए होते हैं।
  • फीचर के साथ लेखक का नाम प्रकाशित किया जाता है।
  • फीचर में अतिरिक्त साज-सज्जा से लेकर तथ्य व कल्पना का रोचक सम्मिश्रण होता है।
  • घटना के परिवेश, विविध प्रतिक्रियाएं व उनके दूरगामी परिणाम फीचर में समाविष्ट होते हैं।
  • उद्देश्यपरक रूप में फीचर तथ्यों की गवेषणा या खोज (Exploration) के साथ लक्ष्य प्रशिक्षण (Training), मार्गदर्शन (Guide) व मनोरंजन (Entertain) का संसार प्रस्तुत करता है।

फीचर के प्रकार (Type of Feature in Hindi)

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फीचर लेखन मुख्य रूप से निम्न प्रकार है।

1. समाचार (News)

इस प्रकार के फीचर में घटना और उसके तथ्य परक पहलुओं का विश्लेषण किया जाता है। पर उस पर केन्द्रित फीचर उसे सम्पूर्णता प्रदान कर जनरुचि और मनोरंजन प्रदान करता है। फीचर में फोईतो प्रस्तुती भाषा की त्रिवेणी का संगम समाचार से जायगा प्रभाव डालता है।

2. घटनापरक फीचर (Event Feature)

इस प्रकार के फीचर में घटनाओं को आधार बनाकर फीचर के सूत्र जुटाए जाते है। दैनंदिन जीवन घटनाओं का ताना-बाना ही है। ऐसी घटनाएं जो मनुष्य के जीवन या दरगामी प्रभाव डालती हैं। वे घटनापरक फीचर का स्वरूप ले लेती हैं।

3. व्यक्तिपरक फीचर (Human Related Feature)

इस प्रकार के फीचर में मुख्य आधार कोई प्रसिद्ध व्यक्ति के कार्यों व उससे सम्बन्धित पक्षों की ओर ही घूमता है। आज के समाज में बढ़ते आयामों के साथ हर कहीं शीर्ष पर पहुंचे लोगों का बोलबाला है। ऐसे में किसी भी क्षेत्र की प्रसिद्ध हस्ती व उससे जुड़े विवरण से प्रस्तुत किया फीचर, व्यक्तिपरक संज्ञा ले लेता है।

4. लोकाभिरुची (Public Interest Feature)

इस प्रकार के फीचर में उन तथ्यों का समावेश किया जाता है। जिससे व्यक्ति अनायास ही प्रमुद्रित होकर रूचि ले। हलके-फुल्के जन रूचि के मनोरंजक विषय इसमें समाहित किए जाते हैं। इससे व्यक्ति रंजन के साथ फीचर सामग्री से जुड़ता हैं।

5. सांस्कृतिक फीचर (Cultural Feature)

देश की कला-संस्कृति-परम्पराओं से जुड़े मुद्दों पर लिखे गए फीचर’सांस्कृतिक फीचर’ होते हैं। ये पाठकों को कला-संस्कृति के जाने-अनजाने परिदश्यों व महत्त्व से परिचित कराते है। किसी भी देश की परम्परा व विरासत वहां की संस्कृति होती है। सांस्कृतिक फीचर पाठकों को उन्हीं स्वस्थ परम्पराओं व परिदृश्यों से जोड़ता है।

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6. साहित्यिक फीचर (Literature Feature)

साहित्य और उससे जुड़े मुद्दों पर प्रस्तुत किए गए फीचर साहित्यिक फीचर की श्रेणी में आते हैं। इनके माध्यम से जहां एक ओर सुरुचिपूर्ण अभिरुचि के पाठक को बौद्धिक व साहित्यिक मुद्दों पर नवीन जानकारियां मिलती है वहीं वह साहित्यिक हस्तियों, साहित्यिक कृतियों से परिचय प्राप्त कर उनका विवरण समझ पाता है।

7. फोटो फीचर (Photo Feature)

फोटो फीचर किसी घटना विशेष पर केन्द्रित होता है। घटना का परिदृश्य व क्षेत्र समाचार, विश्लेषण, सूचना, समीक्षा,हस्ती आदि से सम्बन्धित कुछ भी हो सकता है। महत्त्वपूर्ण यह है कि उसमें प्रस्तुत किए गए तथ्यों व विवरणों के साथ अधिकृत चित्र प्रकाशित किए जाते हैं। एक चित्र हजार शब्दों के बराबर प्रभावी होने से फीचर के मर्म को बढ़ा कर सामान्य पाठक के लिए एक प्रभावी प्रस्तुती बनता है।

8. विज्ञान फीचर (Science Feature)

विज्ञान की नवीन उपलब्धियों, वैज्ञानिक सोव एवं विकास व इससे जुड़े विषयों पर केन्द्रित करके बनाए गए फीचर विज्ञान-फीचर के अन्तर्गत आते हैं।

9. विश्लेषण फीचर (Analytical Feature)

किसी घटना, मुद्दे, समाचार इत्यादि की हर पहलू से पड़ताल, पक्ष-विपक्ष का आकलन एवं सम्मितियां आदि सभी मिलकर जिस विचारधारा एवं प्रस्तुति का निर्माण करती है। वह विश्लेषणात्मक फीचर की संज्ञा ग्रहण कर लेता है।

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फीचर के तत्व (Elements of Feature Writing in Hindi)

  1. कल्पना (Imagination)
  2. सत्य (Truth)
  3. तथ्य (Fact)
  4. विचार (Idea)
  5. लेखन कला (Writing Art)

फीचर लेखन के गुण (Qualities of Feature Writing in Hindi)

  1. विश्वसनीयता (Reliability)
  2. सरलता (Simplicity)
  3. नवीनता (Newness)
  4. मनोरंजकता (Entertainment)
  5. भावनात्मक स्पर्श (Emotional Touch)
  6. मानवीय अभिरुचि (Human Interest)
  7. संक्षिप्त (Concise)
  8. प्रचलित शब्दावली (Popular Terminology)

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फीचर के उद्देश्य एवं फीचर के कार्य (Function of Feature writing in Hindi)

सामान्य रूप से एक अच्छा फीचर का निम्नलिखित उद्देश्य होता है।

  • हर खबर के पीछे एक खबर छुपा होता है। जिसे इस तरह से, खबरों के पीछे छुपे ख़बरों का विश्लेषण करना होता है।
  • अपने प्रिय पाठकों या अपने विश्वशनीय पाठकों का ज्ञान बढ़ाना होता है।
  • अपने रीडर्स या अपने पाठकों का लेख के जरिये सही और गलत का पहचान करना या मार्गदर्शन करना होता है।
  • आप जो भी लेख लिखते है। उसे पूरी रोचकता से लिखना और उसकी पूरी जानकारी देना होता है। ताकि पाठकों का जिज्ञासा शांत हो सके।
  • अपने लेख के जरिये पाठकों का मनोरंजन कराना।

फीचर लेखन का आधार बिंदु

किसी भी विषय को मनोरंजकपूर्ण लेखन से पहले इसके निम्नलिखित आधार बिन्दुओं का धयान रखना चाहिए।

  • विषय वास्तु (Content)
  • सामग्री संकलन (Data Collection)
  • प्रस्तावना (Introduction)
  • शीर्षक (Heading)
  • विवेचना (Body)
  • छायांकन (Photography)
  • निष्कर्ष (Conclusion)

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फीचर और लेख में अंतर (Difference of Feature and Article in Hindi)

लेख (Article)फीचर (Feature)
गंभीर अध्ययन पर आधारित प्रामाणिक रचना लेख होती है।पाठकों की अभिरुचि के विषय पर नाटकीयता से होकर रोचकता तक होती हुई हल्की-फुल्की रचना फीचर है।
एक का सम्बन्ध दिमाग से है।और दूसरी का दिल से।
लेख बहुत से कमरों का बड़ा भवन है।जबकि फीचर साफ-सुथरा मनोरम एक कमरा है।
किताबों से उदाहरण (Example) लेकर, आंकड़े जमा करके लेख लिखे जा सकते हैं।लेकिन ‘फीचर’ लिखने के लिए आंख, कान, भावों, अनुभूतियों, आवेगों और अन्वेषण का सहारा लेना पड़ता है।
लेख लम्बा और अरुचि का हो सकता है।पर फीचर मनोरम और दिलचस्प होता है।
लेख में प्रामाणिक जानकारी, सरल सुबोध भाषा, सम्बन्धित चित्र आदि होने चाहिए।जबकि फीचर में यह गुण उसके मुख्य अवयव (Ingradients) के रूप में ही विद्यमान होते हैं।

इन्हें भी देखें –


निष्कर्ष (Conclusion)

मै आशा करती हूं की आपको “फीचर लेखन क्या है? (What is Feature Writing in Hindi)“, “फीचर लेखन की विशेषताएं” तथा फीचर लेखन से सम्बन्धित सारे सवालों का जवाब आवश्य मिल गये होंगे। फीचर लेखन बहुत बड़े आकर का नहीं होना चाहिए। पर विषय-वास्तु के अनुरूप इसका विस्तार किया जाता जा सकता है। फीचर लेखन में भाषा की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है। फीचर लेखन से यह अपेक्षा की जाती है की वह सहज एवं उचित शब्दों का प्रयोग करे। फीचर लेखन उचित विषयों पर आधारित हो। फीचर लेखन आकर्षक रूप में तथ्यों को प्रस्तुत करे। अगर आपको “फीचर लेखन क्या है? (What is Feature Writing in Hindi)” पर पोस्ट पसंद आया, तो आप इसे अपने दोस्तों और सोशल मीडिया पर शेयर आवश्य करे।

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2 Comments

  1. Sugam दिसम्बर 8, 2019
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