विकास संचार क्या है? (What is Development Communication in Hindi) – जाने हिंदी में।

विकास संचार क्या है? (What is Development Communication in Hindi)

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विकास संचार क्या है?” (Vikas Sanchar Kya Hai) विकास संचार एक सामाजिक विवेक के साथ संचार है। यह ग्रामीण, शहरी समस्याओं और मनुष्यों से जुड़ी समस्याओं को ध्यान में रखता है। यह उन लोगों की आवाज बनकर सामने आया, जो अब तक किसी कारण वश चुप थे या उन्हें बोलने का सही मंच नहीं मिल पा रहा था। जो अब उन्हें सही मंच मिल पा रहा है। यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। यह समय के साथ-साथ नकारात्मकता को दूर करता है और सकारात्मकता को अपनाने की प्रक्रिया है। असमानता विकास संचार का आधार है। अपराधी, गुनहगार, आत्मग्लानि विकास संचार का अवरोधक है। जबकि आत्मसंस्थापन (self-affirmation), स्वास्थापन, आत्म-स्वीकृति विकास संचार को सफल बनाती है। विकास संचार भी परिवर्तन, रूपान्तरण, रूपान्तर, संपरिवर्तन का एक रूप है। तो दोस्तों, ‘विकास संचार क्या है‘ के बारे में विस्तार पूर्ण जानते है।विकास संचार क्या है? (What is Development Communication in Hindi)

विकास संचार क्या है? (What is Development Communication in Hindi)“, “विकास संचार की परिभाषा (Definition of Development Communication in Hindi)“, “विकास की अवधारणा (Concept of Development in Hindi)“, “विकास संचार की समस्याएं (Dilemmas of Development in Hindi)“, “विकास में मीडिया की भूमिका (Role of Media in Development in Hindi)“, “विकास संचार का महत्व (Importance of Development Communication in Hindi)” तो आइए इन सवालों के जवाब जानते हैं।

विकास क्या है? (What is Development in Hindi)

विकास‘ शब्द का प्रयोग बहुत व्यापक अर्थ में लिया जाता है। किसी भी वर्तमान स्थिति में कोई भी बदलाव ‘विकास‘ (Development) कहलाता है। ‘विकास‘ शब्द परिवर्तन की उस गति को दर्शाता है। जिसके अन्तर्गत एक अवस्था दूसरी अवस्था का स्थान लेती हुई आगे बढ़ती जाती है। विकास एक मूल्यपरक अवधारणा है। हर परिवर्तन से विकास नहीं होता। जब परिवर्तन एक निश्चित लक्ष्य की ओर नियोजित ढंग से होता है, तो उसे ‘विकास‘ (Development) कहते हैं। विकास सिर्फ शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी किया जाता है।

विकास का शाब्दिक अर्थ खुलना, प्रकट होना है। प्राकृतिक क्रिया (Natural action), पूर्व विद्यमानता (Pre-existence), परिवर्तनशीलता (Variability) एवं क्रमबद्धता (Serialization) ये चार विकास (Development) के सोपान या सीढ़ी (stair) हैं। इन चार बिन्दुओ पर ध्यान देने से विकास की अवधारणा स्पष्ट होती हैं। शब्दों और भावनाओ से खेलना ही विकास का अवरोधक हैं और इन अवरोधों को हटाना विकास हैं। विकास का कोई पैमाना या मापक (Scale) नहीं होता हैं। शुरुआत (start up)और अंत (end) समय के अनुरूप बदलता रहता हैं। विकास परीस्थिति पर निर्भर करता हैं। छुपी हुई प्रतिमा को उसके मुकाम तक पहुचना ही विकास हैं।

कल्पनाशीलता और वास्तविकता के बीच का लक्ष्य ही विकास हैं। विकास एक सतत गतिमान प्रकिया हैं। विकास नकारात्मक बातो को निकालते हुए सकारात्मक को समय के साथ अपनाने की प्रक्रिया है। सबसे जुड़ा होकर, नहीं जुड़ा हो विकास है। असमानता विकास का आधार है। आत्मग्लानि विकास में अवरोधक है। जबकि आत्म स्वीकृति विकास को सफल बनती हैं। विकास भी बदलाव का ही एक प्रकार हैं। मैन, मशीन, मनी और मिडिया ही चार आधारभूत तत्व हैं, जिन पर विकास निर्भर है।

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संचार क्या है? (What is Communication in Hindi)

मानव समाज में ‘संचार‘ (Communications) की उपयोगिता और उसके महत्त्व को मानव के अतिरिक्त अन्य प्राणियों को भी देखना होगा। क्योकि मानव भी एक प्राणी हैं। हमारा विज्ञान कहता हैं की मानव और पृथ्वी के अन्य प्राणियों में सिर्फ सोच-विचार की शक्ति या बोलने और अपनी बात को समझाने की क्षमता में अंतर हैं। पशु-पक्षियों में भी ‘संचार‘ (Communications) होता हैं। अक्सर देखा जाता हैं की जब भी कभी कोई खतरा दिखाई देता हैं तो कई पक्षी शोर मचाना शुरू कर देते हैं।

  • संचार (Communications) एक ऐसी प्रक्रिया है जो अपने होने मात्र से ही सामूहिकता को बढ़ावा देती है।
  • केवल व्यक्ति द्वारा दुसरे को सार्थक संदेश (message) प्रेषित करना ही संचार है।
  • परस्पर क्रिया का वह रूप जो संकेतो (signals) के माध्यम से घटता होता हैं।
  • संचार व्यक्तियों के बीच अर्थ का सम्प्रेषण (Communication) है।
  • संचार का मतलब होता है, यह परखना कि किस्से क्या कहना हैं।

विकास संचार की परिभाषा (Definition of Development Communication in Hindi)

  1. इंवर्ट के अनुसार– विकास संचार (Development Communication) का तकनीकी या राष्ट्रीय उत्पादकता में वृद्धि नहीं हैं। बल्कि ज्ञान एवं चेतना के उस विकास से है, जिसके द्वारा वह सहभागी बनता हैं।
  2. महबूब उल हक के अनुसार– कुल राष्ट्रीय उत्पादन की वृद्धि दर पर कम और उसकी संरचना पर अधिक ध्यान देना जरुरी है।
  3. विकास संचार (Development Communication) मानव की भौतिक आवश्कताओ से ही नहीं उसके जीवन की सामाजिक दशाओं की उन्नति से भी सम्बन्धित होता है।
  4. विकास संचार (Development Communication) केवल आर्थिक वृद्धि ही नहीं बल्कि उसके जीवन की सामाजिक दशों की उन्नति से भी सम्बन्धित होता हैं।
  5. विकास संचार (Development Communication) में सामाजिक (Social), सांस्कृतिक (Cultural), संस्थागत (Institutional) तथा आर्थिक (Economic) परिवर्तन सभी निहित है।

विकास संचार की परिभाषा (definition of development communication in hindi)

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विकास की अवधारणा (Concept of Development in Hindi)

  1. बहुआयामी प्रक्रिया (Multidimensional Concept)– विकास एक बहुआयामी अवधारणा (Multidimensional Concept) है। इसमें अनेक चीजें सम्मिलित हैं। जैसे- कृषि (Agriculture), व्यापार (Business), उद्योग (Industry), स्वास्थ्य (Health), शिक्षा (Education) इत्यादि। इसी के साथ कमजोर वर्गों, महिलाओं, बीमारों, बुजुर्गों, बच्चों, बेरोजगारों तथा अल्पसंख्यकों के कल्याण को रखा जाता है। इस प्रकार विकास का वितान काफी फैला हुआ माना जाता है।
  2. डाटा शोध (Data Research)– विकास की प्रक्रिया जब शुरू होती है। तब देखा जाता है, की विकास किस चीज, क्षेत्र या वस्तु की करनी है। जिस वस्तु-विशेष का विकास किया जायेगा। उस वस्तु-विशेष का डाटा शोध किया जाता है। क्योंकि विकास करने के पहले ही उसका डाटा एकत्रित कर लिया जाता है की और क्या-क्या विकास करना हैं।
  3. सामाजिक शोध (Social Research)– सामाजिक विकास का तात्पर्य न केवल समाज के विकास से है, अपितु वास्तविक रूप से ऐसे लक्ष्यों को प्राप्त करने से भी है, जो जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में जैसे- सामाजिक एवं आर्थिक (Social and Economic), न्याय (Justice), आर्थिक सम्पन्नता (Economic Prosperity), राजनीतिक स्वतंत्रता (Political Freedom), स्वास्थ्य (Health), शिक्षा (Education) इत्यादि विभिन्न लक्ष्यों को प्राप्त करने से संबंधित है।
  4. सांस्कृतिक शोध (Cultural Research)– समाज में कई सांस्कृतिक रुढ़िवादी परम्परा होने की वजह से हमारा समाज सांस्कृतिक परम्परा में विकास नहीं कर पाया। सांस्कृतिक विकास करने के लिए, पहले सांस्कृतिक विषयों पर शोध किया जाता है। शोध करने से पता चलता है की हमारे सांस्कृतिक परम्परा में और क्या-क्या विकास करने की जरूरत है।
  5. आर्थिक शोध (Economic Research)– समाज में विकास करने के लिए आर्थिक विकास करना अति आवश्यक है। विकास करने से पहले शोध करना जरुरी है। मानवीय आवश्कताओ के लिए आर्थिक स्थिति पर विकास का फायदा उठाने में कितना सक्षम है। विकास होने से लोगो को इसमें स्वस्थ एवं उत्पादक जीवन मिलता है। आर्थिक सुधार होता है तो शिक्षा (Education), स्वास्थ्य (Health) व्यवस्था आदि लोगो को इसका फायदा मिलने लगता है।

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विकास का सूचकांक (Development of Indicators in Hindi)

1. सकल घरेलू उत्पाद (Gross Domestic Product)

सकल घरेलू उत्पाद (G.D.P.) एक विशिष्ट समय अवधि में देश की सीमाओं के भीतर उत्पादित सभी तैयार वस्तुओं और सेवाओं का मौद्रिक मूल्य है। सकल घरेलू उत्पाद (Gross Domestic Product) देश की अर्थव्यवस्था को मापने का सबसे अच्छा तरीका है। G.D.P. देश में सभी लोगों और कंपनियों द्वारा उत्पादित सभी चीजों का कुल मूल्य है। G.D.P. में सभी निजी और सार्वजनिक खपत, निवेश, सरकारी परिव्यय, निजी सूची, भुगतान-निर्माण लागत और व्यापार का विदेशी संतुलन शामिल है। सीधे शब्दों में कहें, तो G.D.P. एक देश की समग्र आर्थिक गतिविधि का एक व्यापक माप है।

2. प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income)

प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) उस आय को कहा जाता है जब किसी देश के कुल सकल घरेलू उत्पाद (Gross Domestic Product) को जब उस देश की उस वर्ष की मध्यावधि तिथि की जनसंख्या से विभाजित किया जाता है। यह हमें उस देश के निवासियों को प्राप्त होने वाली औसत आय की मौद्रिक जानकारी देता है। अर्थात यह बताता है की उस देश में उत्पन्न होने वाली धनराशि को यदि बाँटा जाए तो सबके भाग में कितना पहुँचेगा।

3. मानव विकास सूचकांक (Human Development Index)

मानव विकास सूचकांक (Human Development Index) जीवन प्रत्याशा, शिक्षा, और आय सूचकांकों का एक संयुक्त सांख्यिकी सूचकांक है जिसे मानव विकास के तीन आधारों द्वारा तैयार किया जाता है।

4. प्राकृतिक तथा मानव संसाधन (Natural and Human Resources)

संसाधन एक ऐसी प्राकृतिक और मानवीय सम्पदा है, जिसका उपयोग हम अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति में करते हैं। दूसरे शब्दों में मानवीय-जीवन की प्रगति, विकास तथा अस्तित्व संसाधनों पर निर्भर करता है। प्रत्येक प्राकृतिक संसाधन मानव-जीवन के लिये उपयोगी है, किंतु उसका उपयोग उपयुक्त तकनीकी विकास द्वारा ही संभव है। भूमि (Land), सूर्यातप (Sunset), पवन (Wind), जल (Water), वन एवं वन्य प्राणी मानव-जीवन की उत्पत्ति से पूर्व विद्यमान थे। इनका क्रमिक विकास तकनीकी के विकास के साथ ही हुआ।

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5. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (Science and Technology)

विज्ञान (Science) के विकास से प्रौद्योगिकी (Technology) का विकास होता है क्योंकि बहुत सारी प्रौद्योगिकियाँ वैज्ञानिक सिद्धान्तों पर आधारित होतीं हैं। इसी प्रकार, प्रौद्योगिकी के विकास से विज्ञान का विकास होता है क्योंकि बहुत से प्रयोग तभी किए जा सके जब उसके लिए आवश्यक उन्नत उपकरण और साज सामान उपलब्ध हो सका।

विकास के दृष्टिकोण (Approaches to Development in Hindi)

  1. दृष्टिकोण सिद्धांत (Trickle Down Approch Theory)
  2. विकास ध्रुव दृष्टिकोण सिद्धांत (Growth Pole Approach Theary)
  3. जमीनी विकास (Bottom up Grassroot Development)
  4. निष्पक्ष व्यापर (Fair Trade)
  5. क्षेत्रीय विकास (Regional Development)
  6. निर्यात में वृद्धि (Export Led Growth)
  7. प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI)
  8. आयात प्रतिस्थापन (Import Substitution)
  9. केनेसियन अर्थशास्त्र V|S नव उदारवाद (Keynesian Economics V|S New Liberalism)
  10. मुक्त बाजार V|S हस्तक्षेप (Free Market V|S Intervention)

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विकास संचार की समस्याएं (Dilemmas of Development in Hindi)

  1. सामाजिक बाधाएं
  2. सांस्कृतिक बाधाएं
  3. आर्थिक बाधाएं
  4. विज्ञान और तकनीक की दुविधा
  5. मनोवैज्ञानिक दुविधाएं

विकास संचार का कार्य निम्नलिखित हैं –

  • सूचना देना
  • प्रसार करना
  • व्यवहार परिवर्तन
  • सामाजिक बदलाव
  • सामाजिक सदभाव

विकास नीति (Development Policy in Hindi)

  • दिशानिर्देश जारी करना
  • सूचनात्मक
  • उद्देश्य की पूर्ति निर्धारित योजना का सुनिश्चि करना
  • एक लम्बी प्रक्रिया
  • लिए गाये सशक्त निर्णय
  • कार्य योजना

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विकास की कार्य योजना (Development Planing in Hindi)

सबसे अहम् अंग होता है किसी भी कार्य को करने से पहले उसकी प्लानिंग की जाती हो तभी वह कार्य में सफलता मिलती हैं। प्लानिंग क्यों की जाती हैं? ऐसे जानते हैं –

  • बाधा नहीं आए
  • सकारात्मक परिणाम
  • आई बाधाओ को दूर करने के लिए
  • सिल-सिलेवार तरीके से कार्य करना
  • भविष्य को सुरक्षित करने के लिए
  • कार्य निर्धारण करना
  • संसाधन पूर्ति के लिए
  • पूर्व संरचनात्मक रूप रेखा

विकास की प्लानिंग करने के लिए इस प्रकार देख सकते हैं।

  1. क्षेत्र का निर्धारण
  2. टारगेट समूह का चयन
  3. क्षेत्रीय लोगो की भागीदारी द्वारा योजना
  4. फीडबैक

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विकास में मीडिया की भूमिका (Role of Media in Development in Hindi)

विकास में मिडिया की भूमिका इस प्रकार समझते हैं। विकास मिडिया में दो तरीको से अपनी भूमिका निभाता है।


मिडिया – ऐजेंडा मेकर और वाच डॉग

विकास – बिजली, पानी और सड़क।


विकास में मिडिया का कार्य निम्नलिखित हैं।

  • जागरूकता फैलाना
  • विज्ञापन करना
  • समझ विकसित करना
  • सांस्कृतिक विकास
  • सामाजिक विकास
  • शैक्षिक विकास
  • एजेंडा सेट करना
  • ध्यानाकर्षण करना
  • बचपन का विकास
  • विकास की यथार्थ पृष्ठभूमि तैयार करने में
  • सार्थक नजरिया अख्तियार करने में
  • विकासात्मक अभियान बनाने में या निर्माण करना

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अभिवृद्धि एवं विकास में अन्तर (Difference Between Growth and Development)

अभिवृद्धि (Growth)विकास (Development)
यह एक संकीर्ण अवधारणा है।विकास एक व्यापक अवधारणा है।
अभिवृद्धि विकास की प्रक्रिया है।विकास में अभिवृद्धि निहित है।
अभिवृद्धि में बालक के किसी पक्ष में कुछ निश्चित परिवर्तन होता है।विकास के सभी क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन होता है।
सिर्फ शारिरीक परिवर्तन को प्रकट करता है।सम्पूर्ण पक्षों के परिवर्तन को संयुक्त रूप से परिवर्तन करता है।
अभिवृद्धि को मापा जा सकता है तथा इसकी मात्रात्मक व्याख्या की जा सकती है।विकास गुणात्मक होता है जिसका मूल्यांकन व्यक्ति के कार्यों तथा व्यवहारों से होता है।
परिणात्मक परिवर्तन की अभिव्यक्ति।गुणात्मक तथा परिणात्मक पक्षों की अभिव्यक्ति।
आकर में परिवर्तन अभिवृद्धि है।जन्म से मृत्यु तक चलने वाली प्रक्रिया।
विशेष आयु तक चलने वाली प्रक्रिया।विकास विभेदीकरण तथा विशिष्ट कारण की प्रक्रिया है।
अभिवृद्धि कोषीय वृद्धि है।विकास शारीर की विभिन्न अंगों में व्यक्ति तथा सामर्थ्य का संगठन है।

इन्हें भी देखे –

निष्कर्ष (Conclusion)

मुझे उम्मीद है कि “विकास संचार क्या है? (What is Development Communication in Hindi)” और इससे संबंधित प्रश्नों का उत्तर अवश्य मिल गया होगा। विकास एक सतत गतिमान प्रकिया हैं। विकास नकारात्मक बातो को निकालते हुए सकारात्मक को समय के साथ अपनाने की प्रक्रिया है। सबसे जुड़ा होकर नहीं जुड़ा हो विकास है। असमानता विकास का आधार है। “विकास संचार क्या है? (What is Development Communication in Hindi)” विकास संचार का क्षेत्र बहुत विस्तृत है। इसमें शैक्षिक संचार, जनसंख्या और स्वास्थ्य संचार, वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकी संचार, कृषि संचार, पर्यावरण संचार, ग्रामीण संचार आदि शामिल हैं। विकास रिपोर्ट, स्पष्टीकरण, चर्चा, विश्लेषण, मूल्यांकन आदि के सभी पहलुओं पर ध्यान देकर विकास कार्यों को सक्रिय करने का प्रयास किया जाता है।

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Development Communication
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11 Comments

  1. Akash Kumar अगस्त 10, 2019
  2. Aman Dhattarwal अगस्त 11, 2019
  3. Soni Singh अगस्त 11, 2019
  4. Kavita Kumari अगस्त 11, 2019
  5. Medha सितम्बर 24, 2019
  6. Prabhu Bishnoi अक्टूबर 6, 2019
    • Karuna Tiwari अक्टूबर 16, 2019
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