कैमरा क्या है? (What is Camera in Hindi) – जाने हिंदी में।

कैमरा क्या है? (What is Camera in Hindi)

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दोस्तों, क्या आपने महसूस किया है की आज कल बिना फोन और कैमरा का जीवन अधुरा सा प्रतीत होता हैं। तो क्या आप सिर्फ कैमरा का इस्तेमाल करते हैं ? यदि हा तो आज जानते हैं की कैमरा क्या है? (What is Camera in Hindi), कैमरा के प्रकार (Types of Camera in Hindi), डिजिटल कैमरा क्या है? (Digital Camera in Hindi), कैमरा के भाग (Parts of Camera in Hindi)कैमरा लेंस क्या है? (What is the Camera Lens in Hindi), कैमरा लेंस के प्रकार (Types of Camera Lenses in Hindi) आदि जैसे प्रश्नों को विस्तृत रूप में जानते हैं। कैमरा शब्द यूनानी शब्द (Kamera) से लिया गया है और यह Camera Obscura का छोटा नाम है। जब इसका अविष्कार हुआ, इसका प्रयोग सफेद कागज पर बन रहे चित्र को पेंसिल या रंगों के माध्यम से बनाने के लिए किया जाता था।

कैमरा क्या है? (what is camera in hindi)

जोसफ नैस्फोर नाइप्स ने सफेद कागज पर बने चित्र के आगे रसायनों से युक्त एक शीट रख कर उन पर स्थाई तौर पर चित्र अंकित कर यह सिद्ध कर दिया था की यह फोटो लेने वाला एक यंत्र हैं। कैमरा में दो कक्ष होते है- एक में फिल्म डाली जाती है और जो दुसरे कक्ष में फोटो खीचते समय लिपटती जाती हैं। कैमरा फाइबर व मेटल का चकोर छोटा बॉक्स होता है। जिसमें समाने लेंस व पीछे छोटा ढक्कन की बनावट ऐसी होती है की बंद होने के बाद सूक्ष्म प्रकाश भी अन्दर नहीं जा सकते हैं। प्रकाश सामने लगे लेंस से आवश्कता अनुसार अन्दर जाता है, जिससे उसमें लगी फिल्म पर इमेज या प्रतिबिम्ब बनता है।

कैमरा के प्रकार (Types of Camera in Hindi)

आज बाजार में विभिन्न प्रकार के कैमरे उपलब्ध है। जो इस प्रकार हैं-

फिल्ड कैमरा (Field Camera)

इस कैमरे में आगे और पीछे दो समतल फ्रेम लगाए जाते है। जिन्हें धौंकनी (bellows) से आपस में जोड़ा जाता हैं। सामने वाला लेंस में फ्रेम लगाया जाता है और पिछले भाग में एक प्लेट होती है। इन दोनों को आगे-पीछे करते हुए फोक्सिंग की जाती है। यह कैमरा स्टैंड पर लगा रहता है और इस से फोटो खीचने से पहले प्रतिबिम्ब को स्क्रीन पर फोकस किया जाता है। इसके उपरांत लेंस को ढक दिया जाता है।

बॉक्स कैमरा (Box Camera)

ये साधारण किस्म के कैमरे होते है। इसमें ऐसा लेंस लगाया जाता है, जिसे फोकस करने की आवश्यकता नहीं होती है। इसका अपर्चर पहले से ही निर्धारित किया जाता हैं। जो अकसर F|11 या F|16 होता है। इस कैमरे का कीमत जयादा नहीं होता है। इस से कम प्रकाश में फोटो नहीं खीच सकते हैं, इससे खिचे गाये फोटो को बहुत बड़े आकर में नहीं बनाया जा सकता है।

कॉम्पैक्ट कैमरा (Compact Camera)

यह छोटे आकर का कैमरा होता हैं। जिसमें बॉक्स कैमरे की तरह लेंस नहीं लगया जा सकता, परन्तु इसमें अच्छी किस्म की लेंस का प्रयोग किया जाता हैं। आजकल ऐसे काम्पैक्ट कैमरा भी उपलब्ध है, जिनमें जूम लेंस लगे होते है। इसका depth of fild तीन फुट से अनंत तक होती है। इसमें एक्सपोजर को नियंत्रित करने की अपने से आप चलने वाला प्रणाली होता है।

मिनिएचर कैमरा (Miniature Camera)

ये कैमरे आकर में छोटे और काफी हल्के होते है। इसलिए इन्हें आशानी से जेब में भी रख सकते है। इसमें 35 मी.मी. या इससे कम आकार की फिल्म प्रयोग की जाती है। इसमें इलेक्ट्रोनिक फलैस की सुविधा के अतिरिक्त फोक्सिंग के लिए और बड़े एपरचर (f|1.5) का लेंस लगाया जाता है। इस कैमरे का प्रयोग अच्छी किस्म के फोटो के लिए कर सकते हैं।

पोलेराइड कैमरा (Polaride Camera)

इस कैमरे को इंस्टैंट कैमरा भी कहते हैं। क्योकि इस द्वारा खिचे गाये फोटो के प्रिंटस कुछ क्षणों में ही प्राप्त हो जाते हैं। इस कैमरे का अविष्कार 1947 में संयुक्त राज्य अमेरिका के डॉo एडविन लैंड ने किया था।

रिफ्लेक्स कैमरा (Reflex Camera)

यह छोटे आकर का आशानी से प्रयोग किया जाने वाला ऐसा कैमरा है, जिसमें लैस के पीछे 45 डिग्री पर एक दर्पण लगाया जाता है। जो प्रतिबिम्ब को कैमरे में ऊपर की ओर लगे धुंधले शीशे की समतल स्क्रीन पर बनता हैं।

ऑटो कैमरा (Auto camera)

यह एक स्वचालित कैमरा होता है। इसे कोमल कैमरा भी कहा जाता है। इस कैमरे वो सभी सुविधाए होती है जो मैनुअल कैमरे में होती है।

स्टीरियो कैमरा (Stereo Camera)

इसमें एक ही विषय के दो लेंस द्वारा दो चित्र बनते हैं। इन चित्रों को थ्री डाईमेंशनल चित्र कहा जाता है।

डिजिटल कैमरा (Digital camera)

यह कैमरा आधुनिक युग का अविष्कार हैं।

व्यू फाइंडर कैमरा (Viewfinder camera)

इस कैमरे में वास्तु का एक बिम्ब लेंस के माध्यम से सीधा आँख तक पहुचता है तथा दूसरा फिल्म पर।

डिजिटल कैमरा क्या है? (Digital Camera in Hindi)

फोटोग्राफी के जगत में हमेशा से ही नए तकनीकों और उपकरणों का अविष्कार होते रहा है। डिजिटल कैमरा इस जिज्ञासा का एक ज्वलन्त उदाहरन है। इसके अविष्कार के बाद इसे और उपयोगी बनाया जा रहा है। यही कारण है की बाजार में बहुत कम समय में ही एक के बाद एक ने डिजिटल कैमरा देखने को मिल रहा है। डिजिटल कैमरा भी परम्परागत कैमरे के भांति फोटोग्राफी के मूल सिद्धांत के अनुरूप ही कार्य करता है। यानि की कैमरे के लेंस में से प्रकाश प्रविष्ट करके एपरचर के माध्यम से चित्र का प्रतिबिम्ब बनता है। डिजिटल कैमरे में प्रतिबिम्ब बनाने के लिए फिल्म रोल के बदले 1/3 इंच या 1/4 इंच के आकर का छोटा इलेक्ट्रॉनिक सेंसर लगा होता है।

प्रतिबिम्ब के रेसोलुसन के आधार पर डिजिटल कैमरा तीन प्रकार के होते है।

निम्न रेसोलुशन डिजिटल कैमरा (Low Resolutions Digital Camera)

ऐसे डिजिटल कैमरा उसी प्रकार रेसोलुशन में प्रतिबिम्ब बनाते है। जैसे की कंप्यूटर के स्क्रीन पर देखे जा सकते है। यानि की इसके द्वारा खिचे गाये फोटो को 7×5 इंच से बडा करने पर हमें पिक्सल नजर आने लगते है।

मध्यम रेसोलुशन डिजिटल कैमरा (Medium Resolutions Digital Camera)

ये हमारे पिक्सल के आकर में ही अच्छे फोटो खींचते है।

उच्च रेसोलुशन डिजिटल कैमरा (High Resolution Digital Camera)

इससे खींचे गए फोटो को बिना पिक्सलो को टेढ़ा किया हुआ बडा किया जा सकता है।

डिजिटल और परम्परागत फोटोग्राफी में अंतर

डिजिटल फोटोग्राफीपरम्परागत फोटोग्राफी
डिजिटल कैमरे में सी.सी.दी. पर प्रतिबिम्ब इलेक्ट्रॉनिक संकेतों से बनता है।जबकि इस कैमरे में फिल्म पर लगे घोल पर प्रकाश पड़ने से रासायनिक प्रक्रिया होती है।
इस कैमरे में फोटो खींचने के उपरांत प्रतिबिम्ब को दर्ज करने था स्टोर करने के लिए अलग-लग स्थान होते है।जबकि इस कैमरे में फिल्म एक्सपोज करने के बाद प्रतिबिम्ब को उसी स्थान पर स्टोर किया जा सकता है।
इस कैमरे में प्रिंट बनाने से पहले निगेटिव बनाने की आवश्यकता नहीं पडती हैं।जबकि पारम्परिक कैमरों में प्रिंट बनाने के लिए निगेटिव बनाना जरुरी है।
इस कैमरे में प्रिंट बनाने के लिए ना ही रसायनों की आवश्यकता है और ना ही डार्क रूम की आवश्यकता है।जबकि इस कैमरे में वास्तविकता बिल्कुल भिन्न है, इसके लिए रसायनो के साथ-साथ डार्क रूम की भी आवश्कता जरुरी हैं।
इस कैमरे में रसायनों का प्रयोग न होने के कारण पर्यावरण के प्रदुषण की कोई सम्भावना नहीं रहती है।जबकि इस कैमरे में रसायनों का प्रयोग से पर्यावरण प्रदूषित होता है।
इस कैमरे में मैमोरी स्टिक या फ्लापी को कंप्यूटर में डाल कर किसी भी फोटो को इमेजिग सॉफ्टवेयर की सहायता से फोटो में बदलाव कर के उसका प्रिंट निकला जा सकता है।जबकि पारम्परिक फोटोग्राफी में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।
डिजिटल कैमरे से कम प्रकाश में भी फ्लैस का प्रयोग किये बिना फोटो खिंच सकते है।जबकि इस कैमरे में ऐसा नहीं हो सकता है।
इस कैमरे में फोटोग्राफी करते समय खिंचा गया फोटो अदि अच्छा नहीं आया तो उसे डिलीट कर दुबारा खिंच सकते है।जबकि इस कैमरे में नया फोटो खींचने के लिए नया निगेटिव बनाना पड़ता है।

कैमरा के भाग (Parts of Camera in Hindi)

एपरचर (Aperture)

व्यू फाइंडर (View Finder)

शटर (Shutter)

एक्सपोजर (Exposure)

प्रकाश (Light)

लेंस (Lens)

फोकस (Focus)

आटो फोकस (Auto Focus)

क्षेत्रीय गहनता (Regional Depth)

कैमरा स्टैंड (Tripod)

क्षणदीप (Flash)

कैमरा लेंस क्या है? (What is the Camera Lens in Hindi)

लेंस कैमरे का एक मुख्य भाग है और इसका फोटोग्राफी में विशेष महत्व है। लेंस प्राय: शीशे का बना एक पारदर्शी माध्यम है। जो दोनों तरफ से वक्र होता है और प्रकाश की किरणों को परिवर्तित करता हैं। इसका प्रयोग ना केवल कैमरे में बल्कि एन्लार्जर और प्रोजेक्टर में भी किया जाता है। कैमरे में विषय वस्तु को सुस्पस्ट प्रतिबिम्ब करता है ताकि उसे फिल्म पर सही तरीके से अंकित किया जा सके। लेंस की वक्रता गोलाकार, बेलनाकार या अनुवृत्ताकर होती है। लेकिन फोटोग्राफी में प्रयोग किया जाने वाला लेंस एक तरफ से अवश्य गोलाकार होना चाहिए।

लेंस  के प्रकार (Types of Lenses in Hindi)

लेंस मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं। जो इस प्रकार हैं।

उत्तल लेंस (Convex Lens)

यह लैंस बीच में से दोनों तरफ उभरा हुआ और किनारों से पतला होता हैं। इसे पोजिटिव लैंस भी  हैं। प्रकाश की किरणें इस स में से प्रवेश करने के उपरांत एक  बिंदु पर एकाग्र  हैं। इसलिए इसे क्न्वर्जिन लैंस भी कहते हैं। उत्तल लैंस तीन प्रकार के होते हैं।

(क) द्वि-उत्तल लेंस (Double Convex Lens)

यह लेंस दोनो ओर से उभरा हुआ होता हैं।

(ख) अवन्तीय उत्तल लेंस (Avanti convex lens)

यह लेंस एक तरफ से उभरा हुआ और दूसरी तरफ से समतल होता हैं।

(ग) उभयावतल लेंस (Biconvex lens)

यह एक तरफ से उत्तल और दुसरे तरफ से अवतल होता हैं।

अवतल लेंस (Concave lens)

यह लैंस बीच में से पतला और किनारों की तरफ से उभरा हुआ होता हैं। प्रकाश की किरणें इस लेंस  में से प्रविष्ट होने के बाद एक जगह से विभिन्न दिशाओं में जाती प्रतीत होती हैं। इसलिए इसे डाईवर्जिग  नेगेटिव लेंस भी कहते हैं। इस लेंस के प्रयोग से स्पष्ट नजर आने ए प्रतिबिम्ब  बनते। इस लेंस की भी न किस्मे होती हैं।

(क) द्वि-अवतल लेंस (Double Concave Lens)

यह लेंस दोनों तरफ से बीच में से पतला और किनारों की ओर मोटा होता हैं।

(ख) अवन्तीय अवतल लेंस (Plano Concavel Lens)

यह लेंस  तरफ से समतल और दूसरी तरफ से अवतल लेंस होता हैं।

(ग) उभयोत्तल लेंस (Convexo Concave Lens)

यह लेंस एक ओर से उत्तल और दूसरी ओर से अवतल होता हैं।

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