स्वामी विवेकानंद की जीवनी, शिक्षा, मृत्यु और योगदान [जानें हिंदी में]

 स्वामी विवेकानंद की जीवनी इन हिंदी (Swami Vivekananda biography in Hindi) – स्वामी विवेकानंद की जीवनी बहुत ही प्रेरक हैं। विश्व स्तर पर भारतीये संस्कृति को पहचान देने वाले महान महापुरुष स्वामी विवेकानंद थे। पुरे भारत में एक युवा सन्यासी के रूप में उभरे।इनको बचपन से ही आत्मा और परमात्मा को जानने में बहुत ही दिलचस्पी थी।

स्वामी विवेकानंद की जीवनी, शिक्षा [जानिए हिंदी में]

ये साहित्य ,दर्शन और इतिहास के प्रखंड विद्वान् थे। वर्ष 1893 में  शिकागो विश्व धर्म सम्मलेन में उन्होंने ने हिंदु धर्म की पहचान कराये। अमेरिका में भाषण की शुरुआत “मेरे अमेरिकी भाइयो और बहनों” के लिए ही जाना जाता हैं। उनके संबोधन के इस प्रथम वाक्य ने सबका दिल जीत लिया था। इन्होंने 1 मई, 1897 को रामकृष्ण मिशन की स्थापना की।


         नाम            स्वामी विवेकानंद
         बचपन का नाम           नरेन्द्र नाथ दत्त
         जन्म            12 जनवरी 1863
         जन्म स्थान            कोलकाता
         मृत्यु स्थान        4 जुलाई 1902 [उम्र 39] बेलूर मठ     
         गुरु          रामकृष्ण परमहंस
        पिता का नाम          श्री विश्वनाथ दत्त
        माता का नाम         श्रीमती भुवनेश्वरी देवी
       राष्ट्रीयता         भारतीय 
       धर्म              हिन्दू

विवेकानंद की जीवन, जन्म और बचपन

उनका  जन्म 12 जनवरी, सन 1863 को कोलकाता [जो ब्रिटिशकालीन भारत की राजधानी थी ] में हिन्दू परिवार में जन्म हुआ था। इनका बचपन का नाम नरेंद दत्त था। ये बचपन से ही बहुत शरारती और कुशल बालक थे। ये कुल 9 भाई और बहन थे। उनके पिता का नाम श्री विश्वनाथ दत्त था । उनके पिता  पाश्चात्य सभ्यता में विश्वास रखते थे। वो चाहते थे की उनका पुत्र भी इसी   पाश्चात्य सभ्यता से जुड़े ।

  • उनके पिता हाईकोर्ट के एक प्रसिद्ध वकील थे। उनके पिता पाश्चात्य सभ्यता में विश्वास रखते थे। वे अपने पुत्र नरेन्द्र को भी अँग्रेजी पढ़ाकर पाश्चात्य सभ्यता के ढर्रे पर चलाना चाहते थे। इनकी माता धार्मिक विचारों की महिला थीं। उनका अधिकांश समय भगवान् शिव की पूजा-अर्चना में बीत जाता था। परिवार के धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण के प्रभाव से बालक नरेन्द्र के मन में बचपन से ही धर्म एवं अध्यात्म की तरफ रूचि बढ़ गई।
  • इनके शरारतपन से माता पिता को कई बार उन्हें सँभालने और समझने में परेशानी होती थी। उनकी माता हमेशा कहती थी की, “मैंने शिवजी से एक पुत्र की प्रार्थना की थी और उन्होंने तो मुझे एक शैतान ही दे दिया”। नरेंद का दिमाग बचपन से ही बहुत तेज़ था।
  • बचपन में  माता से रामायण महाभारत की कथा सुनना बहुत पसंद था। बाल्यावस्था में गाड़ी पर घुमाना भी पसंद था। जब उनसे पूछा जाता था की बड़े होकर क्या बनाना हैं तो बड़े ही  मासूमियत से कहते थे की कोचवान बनूँगा।
  • आत्मा परमात्मा में रूचि होने की वजह से, वे ब्रह्म समाज में गये लेकिन इनके प्रश्नों का उतर न मिलने से वे वहा से आगे बढ़ गये। 25 वर्ष की उम्र में सन्यास ले लिए।

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विवेकानंद की शिक्षा

सन 1871 में जब ये 8 वर्ष के थे तब इनका दाखिला ईस्वरचन्द्र विद्यासागर मेट्रोपोलिटन इन्स्तियुत में करा दिया गया। सन 1877 तक यही पर पढ़े और सन 1879 में मैट्रिक की परीक्षा में उत्तीर्ण हुए और कोलकाता के प्रेसीडेंसी कॉलेज प्रवेश परीक्षा में प्रथम डिवीजन अंक प्राप्त किये। नरेंद्र ने पश्चिमी तर्क, पश्चिमी दर्शन और यूरोपीय इतिहास को असेंबली इंस्टिटूशन [अब स्कॉटिश चर्च कॉलेज] में पढ़े। उन्होंने दर्शन , इतिहास , सामाजिक विज्ञान , कला और साहित्य ,वेद ,उपनिषद, भगवद गीता , रामायण, महाभारत और पुराणों अनेक हिन्दू शास्त्रों का ज्ञान था।

शिकागो धर्म सम्मेलन भाषण

“मेरे अमेरिकी भाइयो और बहनों” से भाषण की शुरुआत करते हैं।

आपने जिस स्नेह से हम लोगों का स्वागत किया हैं ,मैं आपका आभार प्रकट करता हूँ। हृदय मेरा हर्ष से पूर्ण हो रहा हैं। सब से प्राचीन संसार में संन्यासियों की परम्परा की ओर से,धर्मों की माता की ओर से,सभी सम्प्रदायों एवं माताओं के कोटि कोटि हिन्दुओं की ओर से मैं आपको धन्यवाद देता हूँ। मैं इस मंच पर से बोलनेवाले उन सभी  वक्ताओं को भी धन्यवाद करता हूँ। मैं भारत देश का नागरिक होने में गर्व का अनुभव करता हूँ,और साथ ही मैं एक ऐसे धर्म का अनुयायी होने में गर्व का अनुभव करता हूँ, जिसने संसार को सहिष्णुता तथा सार्वभौम स्वीकृति, दोनों की ही शिक्षा दी हैं। हम लोग सब धर्मों को सच्चा मान कर स्वीकार करते हैं। मुझे ऐसे देश का व्यक्ति होने का अभिमान हैं, जिसने इस पृथ्वी के सभी धर्मों और देशों के उत्पीड़ितों [जिसे कष्ट या पीड़ा पहुँचाई गई हो]और शरणार्थियों [असहाय, यानि रक्षा चाहने वाले व्यक्ति] को आश्रय दिया हैं। स्वामी विवेकानंद के जन्म दिवस पर राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता हैं।

स्वामी विवेकानंद के अनमोल कथन –

Quote 1:  Arise, awake and stop not till the goal is reached.

 उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाये।

Quote 2: Our duty is to encourage every one in his struggle to live up to his own highest idea, and strive at the same time
to make the ideal as near as possible to the Truth.

हमारा कर्तव्य है कि हम हर किसी को उसका उच्चतम आदर्श जीवन जीने के संघर्ष में प्रोत्साहन करें, और साथ ही साथ उस आदर्श को सत्य के जितना निकट हो सके लाने का प्रयास करें।

Quote 3: Where can we go to find God if we cannot see Him in our own hearts and in every living being.

भला हम भगवान को खोजने कहाँ जा सकते हैं अगर उसे अपने ह्रदय और हर एक जीवित प्राणी में नहीं देख सकते।

Quote 4: You have to grow from the inside out. None can teach you, none can make you spiritual. There is no other teacher but your own soul.

तुम्हे अन्दर से बाहर की तरफ विकसित होना है. कोई तुम्हे पढ़ा नहीं सकता, कोई तुम्हे आध्यात्मिक नहीं बना सकता. तुम्हारी आत्मा के आलावा कोई और गुरु नहीं है।

Quote 5: You will be nearer to heaven through football than through the study of the Gita

तुम फ़ुटबाल के जरिये स्वर्ग के ज्यादा निकट होगे बजाये गीता का अध्ययन करने के।

Quote 6: In a conflict between the heart and the brain, follow your heart.

दिल और दिमाग के टकराव में दिल की सुनो।

Quote 7: In a day, when you don’t come across any problems – you can be sure that you are traveling in a wrong path.

किसी दिन, जब आपके सामने कोई समस्या ना आये – आप सुनिश्चित हो सकते हैं कि आप गलत मार्ग पर चल रहे हैं।

Quote 8: Dare to be free, dare to go as far as your thought leads, and dare to carry that out in your life.

स्वतंत्र होने का साहस करो। जहाँ तक तुम्हारे विचार जाते हैं वहां तक जाने का साहस करो, और उन्हें अपने जीवन में उतारने का साहस करो।

Quote 9: Be not Afraid of anything. You will do Marvelous work. it is Fearlessness that brings Heaven even in a moment.

किसी चीज से डरो मत. तुम अद्भुत काम करोगे। यह निर्भयता ही है जो क्षण भर में परम आनंद लाती है।

Quote 10: All love is an expansion, all selfishness is a contraction. Love is, therefore, the only law of life. He who loves lives, he who is selfish is dying. Therefore love for love’s sake, because it is the only law of life, just as you breathe to live.

प्रेम विस्तार है, स्वार्थ संकुचन है। इसलिए प्रेम जीवन का सिद्धांत है। वह जो प्रेम करता है जीता है, वह जो स्वार्थी है मर रहा है। इसलिए प्रेम के लिए प्रेम करो, क्योंकि जीने का यही एक मात्र सिद्धांत है, वैसे ही जैसे कि तुम जीने के लिए सांस लेते हो।

Quote 11: The greatest religion is to be true to your own nature. Have faith in yourselves.

 सबसे बड़ा धर्म है अपने स्वभाव के प्रति सच्चे होना। स्वयं पर विश्वास करो।

Quote 12: The great secret of true success, of true happiness, is this: the man or woman who asks for no return, the perfectly unselfish person, is the most successful.

सच्ची सफलता और आनंद का सबसे बड़ा रहस्य यह है की वह पुरुष या स्त्री जो बदले में कुछ नहीं मांगता, पूर्ण रूप से निःस्वार्थ व्यक्ति, सबसे सफल है।

Quote 13: The fire that warms us can also consume us; it is not the fault of the fire.

जो अग्नि हमें गर्मी देती है, हमें नष्ट भी कर सकती है, यह अग्नि का दोष नहीं है।

Quote 14: They alone live, who live for others.”

 बस वही जीते हैं,जो दूसरों के लिए जीते हैं।

Quote 15: Strength is Life, Weakness is Death. An expansion is a Life, Contraction is Death. Love is Life, Hatred is Death.

शक्ति जीवन है, निर्बलता मृत्यु है. विस्तार जीवन है, संकुचन मृत्यु है. प्रेम जीवन है, द्वेष मृत्यु है।

Quote 16: Neither seek nor avoid, take what comes.

ना खोजो ना बचो, जो आता है ले लो।

Quote 17: Do one thing at a Time, and while doing it put your whole Soul into it to the exclusion of all else.

एक समय में एक काम करो, और ऐसा करते समय अपनी पूरी आत्मा उसमे डाल दो और बाकी सब कुछ भूल जाओ।

Quote 18: Serve man Serve God.

मनुष्य की सेवा करो. भगवान की सेवा करो।
Quote 19: The powers of the mind are like the rays of the sun when they are concentrated they illumine.

मस्तिष्क की शक्तियां सूर्य की किरणों के समान हैं. जब वो केन्द्रित होती हैं, चमक उठती हैं।

Quote 20: Bless people when they revile you. Think how much good they are doing by helping to stamp out the false ego.

जब लोग तुम्हे गाली दें तो तुम उन्हें आशीर्वाद दो। सोचो, तुम्हारे झूठे दंभ को बाहर निकालकर वो तुम्हारी कितनी मदद कर रहे हैं।

Quote 21: The greatest sin is to think yourself weak.

खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप है।

Quote 22: Truth can be stated in a thousand different ways, yet each one can be true.

सत्य को हज़ार तरीकों से बताया जा सकता है, फिर भी वह एक सत्य ही होगा।

Quote 23: You cannot believe in God until you believe in yourself.

जब तक आप खुद पे विश्वास नहीं करते तब तक आप भागवान पे विश्वास नहीं कर सकते।

Quote 24: Condemn none: if you can stretch out a helping hand, do so. If you cannot, fold your hands, bless your brothers, and let them go their own way.

किसी की निंदा ना करें- अगर आप मदद के लिए हाथ बढ़ा सकते हैं, तो ज़रुर बढाएं। अगर नहीं बढ़ा सकते, तो अपने हाथ जोड़िये, अपने भाइयों को आशीर्वाद दीजिये, और उन्हें उनके मार्ग पे जाने दीजिये।

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4 Comments

  1. Anmol tiwary 28/01/2018
    • Karuna Tiwari 18/07/2018

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