शटर स्पीड क्या है? (Shutter Speed in Hindi) – जानिए हिंदी में।

कैमरा शटर स्पीड क्या है? (What is Shutter Speed in Camera in Hindi)

आज हम इस पोस्ट में “शटर स्पीड क्या है? (Shutter Speed in Hindi)“, “कैमरा शटर स्पीड क्या है? (What is Shutter Speed in Camera in Hindi)” के बारे में जानेगें?

कैमरा हमारे रोजमर्रा के जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया है। आजकल, फोन और कैमरे के बिना जीवन थोड़ा अधूरा सा लगता है। हर किसी के पास एक स्मार्ट फोन है।

हर कोई हर समय फोटोग्राफी करने में व्यस्त रहता है। हर कोई अपने पल का आनंद लेते हुए उस पल की तस्वीरें लेता रहता है। आज कल हर किसी के पास एक कैमरा रहता ही है।

शटर स्पीड क्या है? (Shutter Speed in Hindi)
कैमरा शटर स्पीड क्या है? (What is Shutter Speed in Camera in Hindi)

कितने लोगो को तो “फोटोग्राफी में शटर स्पीड क्या है?”, “Shutter Speed क्या होता है?” ये सब तो पता ही नहीं होता है। ऐसे कितने सारे लोग है, जो कैमरा रखने के बावजूद भी उन लोगो को कैमरा के पार्ट के बारे में पता ही नहीं होता है।

फोटोग्राफी में, शटर एक उपकरण है जो प्रकाश को समय की एक निर्धारित अवधि के लिए पारित करने की अनुमति देता है। एक दृश्य की स्थायी छवि को पकड़ने के लिए फोटोग्राफिक फिल्म या एक प्रकाश संवेदक डिजिटल सेंसर को उजागर करता है।

Shutter Speed से क्या होता है? एक शटर का उपयोग प्रकाश की दालों को बाहर की ओर पारित करने की अनुमति देने के लिए किया जा सकता है। जैसा कि फिल्म प्रोजेक्टर या सिग्नल लैंप में देखा जाता है।

चर गति का एक शटर फिल्म के एक्सपोजर समय को नियंत्रित करने के लिए उपयोग किया जाता है। शटर का निर्माण इसलिए किया जाता है। ताकि एक निश्चित समय अंतराल के बाद यह अपने आप बंद हो जाए।

शटर की गति को कैमरे के बाहर एक अंगूठी द्वारा नियंत्रित किया जाता है। जिस पर विभिन्न समय अंकित हैं।

कैमरे में शटर क्या होता है? (What is Shutter Speed in Camera in Hindi)

What is Shutter Speed in Camera in Hindi
कैमरे में शटर क्या होता है? (What is Shutter Speed in Camera in Hindi)

आपको पता है? “शटर स्पीड क्या है?” कैमरे का पहला मुख्य भाग लेंस है। कैमरे का दूसरा मुख्य भाग ‘शटर’ है। यह एक ऐसी यांत्रिक प्रणाली है। जिसके माध्यम से प्रकाश तभी कैमरे के अन्दर जाता है।

जब शटर का बटन दबा कर इसे खोला जाए। शटर को ऐसे बनाया जाता है कि यह कैमरा प्रयोग करने वाले की इच्छानुरूप उतने समय तक प्रकाश को अन्दर जाने देता है। जितनी देर वह ऐसा चाहता है।

परन्तु साधारण कैमरों में शटर की पहले से ही निर्धारित समय सीमा में स्वयं परिवर्तन नहीं किया जा सकता है। विभिन्न प्रकार के कैमरों में अलग-अलग किस्म के शटर बनाए जाते हैं।

यह आपको जानना बेहद आवश्यक है की ‘कैमरे का शटर कैसे काम करता है?’ कैमरा शटर कई पदों पर फिट किए जा सकते हैं।

  • लीफ शटर- लीफ शटर आमतौर पर लेंस असेंबली (सेंट्रल शटर) के भीतर फिट होता हैं।
  • फोकल-प्लेन शटर-  फोकल-प्लेन शटर, फोकल प्लेन के पास लगे होते हैं और फिल्म या सेंसर को खुला करने के लिए चलते हैं।

यह भी पढ़े – Graphic Design क्या है? (What is Graphic Design in Hindi) – जानिए हिंदी में।

शटर के प्रकार (Types of Shutter in Camera in Hindi)

shutter speed in hindi
shutter speed in hindi

 

रोटरी शटर (Rotary Shutter in Hindi)

बॉक्स या कॉम्पैक्ट किस्म के कैमरों में धातु के घुमने वाले शटर होते हैं। उनमें एक छिद्र होता है। जिसमें से प्रकाश कैमरे में प्रविष्ट करता है।

लीफ अथवा आइरिस डायाफ्राम शटर (Leaf or Iris Diaphram Shutter in Hindi)

यह धातुं या प्लास्टिक ब्लेड को एक-दूसरे के ऊपर चढ़ाकर (Overlap) आइरिस डायाफ्राम (Iris Diaphram) के रूप में निर्मित किया जाता है। इसमें एक स्प्रिंग लगा होता है।

जब कैमरे के शटर के बटन (Shutter Release Button) को दबाया जाता है, तो इसके ब्लेडस पहले से निश्चित किए समयानुसार तेजी से खुलकर फिर बंद हो जाते हैं। इस प्रकार के शटर में ‘B’ सैटिंग की व्यवस्था होती है।

जिसका अर्थ है कि बटन को जितनी देर दबाए रखेंगे, उतनी देर तक शटर खला रहेगा। ऐसे शटर टविन लैन्स रिफ्लेक्स (Twin Lens Reflex), रेंज फाइंडर (Range Finder) और बड़े आकार के (Large Format) कैमरों में होते हैं।

यह भी पढ़े- विकास संचार क्या है? (What is Development Communication in Hindi)

फोकल प्लेन शटर (Focal Plane Shutter in Hindi)

यह शटर कपड़े या धात के एक पर्दे के समान होता है, जो फिल्म के सामने लगा होता है। इसके पर्दे में से प्रकाश एक ओर से दूसरी ओर प्रवेश नहीं कर सकता। इस पर्दे पर फिल्म की चौडाई के क्षेत्र के बराबर भिन्न-भिन्न आकार के रेखाछिद्र होते हैं।

जैसे ही हम शटर का बटन दबाते हैं। एक झिरी (Slit) एक ओर से दूसरी ओर खिसक जाती है और फिल्म एक्सपोज हो जाती है। ऐसे शटर भी दो प्रकार के होते हैं- मकैनिकल (Mechanical) और इलेक्ट्रॉनिक (Electronic) या मैकेनिकल (Mechanical) शटर परम्परागत है।

इसमें शटर की गति हमें फोटो खींचने से पहले स्वयं निर्धारित करनी पड़ती है। इस शटर को चलाने के लिए किसी बैटरी की आवश्यता नहीं है। परन्तु इलेक्ट्रॉनिक शटर विद्युत चुम्बक(Electromagnet) द्वारा गतिमान होता है।

ऐसे शटर को विभिन्न गतियों पर इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली से चलाया जाता है। ऐसे शटर को चलाने के लिए बैटरी का प्रयोग किया जाता है। कैमरों में बदले जा सकने वाले लैन्स का प्रयोग किया जाता है।

उनमें फोकल प्लेन शटर का विशेष महत्त्व है। ऐसे शटरों की गति आम शटरों की गति से अधिक होती है। लीफ शटर और फोकल प्लेन शटर एक दूसरे से भिन्न है।

लीफ शटर प्रायः लैन्स के बैरल में लगा होता है। जबकि फोकल प्लेन शटर कैमरे की बॉडी में लगाया है। साथ ही यह फिल्म प्लेन (Film Plane) के सामने कार्य करता है।

सरल पत्ती शटर (Simple leaf Shutter in Hindi)

एक साधारण पत्ती शटर एक प्रकार का कैमरा शटर होता है। जिसमें एक या अधिक धुरी वाली धातु की पत्तियों के साथ एक तंत्र होता है जो आम तौर पर फिल्म पर लेंस के माध्यम से प्रकाश की अनुमति नहीं देता है।

लेकिन जब ट्रिगर लेंस खोलने के लिए पत्तियों को स्थानांतरित करके शटर को जब एक्सपोजर बनाने के लिए आवश्यक समय तक खोलता है फिर बन्द हो जाता है।

सरल पत्ती के शटर में एक पत्ती, या दो पत्तियां होती हैं, जो ट्रिगर होने पर लेंस के माध्यम से प्रकाश की अनुमति देने के लिए धुरी तय करती हैं। यदि दो पत्तियों का उपयोग किया जाता है।

उनके पास एक घुमावदार गोलाकार छिद्र बनाने के लिए घुमावदार किनारे होते हैं। उनके पास आमतौर पर केवल एक शटर गति होती है और आमतौर पर डिस्पोजेबल कैमरों सहित बुनियादी कैमरों में पाए जाते हैं।

कुछ में एक से अधिक गति होती है। नए डिजिटल कैमरों के लिए शटर इलेक्ट्रॉनिक और मैकेनिक टाइमिंग का एक संयोजन हैं। कुछ कैमरे एक 100% इलेक्ट्रॉनिक शटर को नियोजित करते हैं, जो इमेजिंग सेंसर के संकेतों को चालू और बंद करते हैं।

डिजिटल कैमरे जो अपने वीडियो मोड के लिए इस पद्धति को वीडियो लागू कर सकते हैं। सिंगल-फ्रेम फोटोग्राफी के लिए या तो मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है।

सेंट्रल शटर (Central Shutter in Hindi)

एक केंद्रीय शटर, शटर का एक प्रकार नहीं है। लेकिन शटर की स्थिति का वर्णन करता है। यह आम तौर पर एक पत्ती शटर है। लेंस भीतर की तरफ स्थित है। जहां एक अपेक्षाकृत छोटा उद्घाटन प्रकाश को पूरी तरह से कवर करने की अनुमति देता है।

लीफ शटर भी पीछे स्थित हो सकते हैं। लेकिन लेंस इंटरचेंजबिलिटी की अनुमति देता है। एक केंद्रीय या पीछे-लेंस शटर का विकल्प एक फोकल-प्लेन शटर है।

सभी गति पर फ्लैश सिंक्रनाइज़ेशन संभव है। क्योंकि शटर पूरी तरह से खुलता है। एक फोकल-प्लेन शटर के विपरीत एक कम प्रभावी प्रदर्शन के लिए फिल्म भर में अपेक्षाकृत धीमी गति से फिसलता है।

शटर का छोटा आकार संभव है। क्योंकि शटर वहां रखा जा सकता है। जहां किरणों का लेंस के अंदर या पीछे बंडल संकीर्ण है।

इलेक्ट्रॉनिक शटर (Electronic Shutter in Hindi)

डिजिटल इमेज सेंसर का निर्माण एक ऐसे शटर के लिए हुआ है। जो शटर समतुल्य फ़ंक्शन को कई पिक्सेल सेल चार्ज को एक समय में एक युग्मित छायांकित डबल नामक ट्रांसफर शटर में स्थानांतरित करके किया जा सकता है।

यदि एक समय में पूर्ण-फ्रेम को स्थानांतरित किया जाता है, तो यह एक वैश्विक शटर है। अक्सर छायांकित कोशिकाओं को स्वतंत्र रूप से पढ़ा जा सकता है।

छायांकित पूर्ण-फ्रेम डबल के बिना इमेज सेंसर को रोशन शटर नामक प्रबुद्ध पिक्सेल के क्रमबद्ध डेटा हस्तांतरण का उपयोग करना चाहिए। रोलिंग शटर एक लाइन-बाय-लाइन फैशन में छवि को स्कैन करता है।

ताकि विभिन्न रेखाएं अलग-अलग उदाहरणों में उजागर हो जाएं। जैसे कि मैकेनिकल फोकल-प्लेन शटर में, ताकि कैमरा या विषय की गति ज्यामितीय विकृतियों का कारण बन जाए। जैसे कि तिरछा या डगमगाना।

शटर चक्र (Shutter Cycle in Hindi)

एक शटर चक्र शटर खोलने, बंद करने और इसे फिर से खोलने के लिए तैयार करने के लिए रीसेट करने की प्रक्रिया है। एक यांत्रिक शटर की जीवन-प्रत्याशा को अक्सर कई शटर चक्रों के रूप में व्यक्त किया जाता है।

प्रोजेक्टर शटर (Projector Shutter in Hindi)

मूवी प्रोजेक्शन में, शटर ने लैम्फ हाउस से फिल्म को प्रक्षेपण स्क्रीन तक रोशन करने के लिए प्रकाश को अनुमति दिया। झिलमिलाहट से बचने के लिए, एक डबल-ब्लेडेड रोटरी डिस्क शटर, फिल्म के प्रति फ्रेम दो बार प्रकाश को परिग्रह (Accession) करता है।

कुछ मॉडल भी हैं जो ट्रिपल-ब्लेडेड हैं और इस प्रकार प्रति फ्रेम तीन बार प्रकाश को अनुमति देता हैं। शटर का उपयोग केवल प्रकाश की दालों को विनियमित करने के लिए किया जाता है। जिसमें किसी फिल्म का उपयोग नहीं किया जाता है, जैसे सिग्नल लैंप में।

यह भी पढ़े – फोटोग्राफी में करियर कैसे बनाये? (Career in Photography in Hindi)

शटर स्पीड इन हिंदी (Shutter Speed in Hindi)

शटर की गति (Shutter Speed in Hindi), “What is Shutter Speed in Mobile Camera in Hindi” कैमरे में शटर की गति का महत्त्वपूर्ण कार्य है। क्योंकि इसी से यह निर्धारित किया जाता है कि फिल्म कितनी देर तक एक्सपोज की जानी है।

ताकि सही फोटो खींचा जा सके। शटर का एक और अहम कार्य फ्लैश को निर्धारित गति पर अपने साथ एक ही समय पर चलाना है। यानि की फ्लैश की सिंक्रोनाइजेशन (Synchronisation) करना।

यदि फ्लैश की सिंक्रोनाइजेशन ठीक न हो तो फोटो भी स्पष्ट नहीं आएगी। “What is Shutter Speed in DSLR Camera in Hindi”।

शटर की गति सैकेण्डों में मापी जाती है। कुछ पुराने कैमरों में यह 1/1 सैकेण्ड से 1/1000 सैकेण्ड तक है। इसमें अन्तर इस प्रकार है- “1/11/2, 1/4. 1/8, 1/15, 1/30, 1/60, 1/125, 1/250, 1/500 और 1/1000” सैकेण्ड। आधुनिक ऑटो फोकस कैमरों में शटर की गति में अन्तर अलग प्रकार से होता है- जैसे “1/ 1, 1/2. 1/3, 1/4, 1/6, 1/8, 1/10, 1/15, 1/20, 1/30, 1/45, 1/60. 1/90, 1/ 125, 1/180, 1/250, 1/350, 1/500, 1/750, 1/1000, 1/1500 और 1/2000” सैकेण्ड।

what is shutter speed in hindi
शटर की गति सैकेण्ड़ों में मापी जाती है।

इसे कम करते हुए यह गति 1 सैकेण्ड से “1.5.2, 3, 4,6,8,10.15, 20 और 30” सैकेण्ड और फिर जितनी देर शटर खला रखना हो, रखा जा सकता है। पुराने कैमरों में ‘T’ और ‘B’ सैटिग का भी प्रावधान होता है।

‘T सैटिंग का अर्थ है कि जब हम शटर के बटन को दबाएंगे, शटर खुल जाएगा और वह तब तक उस स्थिति में रहेगा। जब तक हम शटर के बटन को दुबारा नहीं दबाएंगे। ‘T का प्रयोग उस समय किया जाता है।

जब बहुत देर तक शटर को खुला रखना हो या लम्बा एक्पोज़र देने की आवश्यकता हो। ‘B’ का अर्थ है- “कम समय का शटर।” आधुनिक कैमरों में ‘B’ का प्रावधान किया जाता है।

‘T का नहीं। जब शटर ‘B’ पर निर्धारित किया जाता है और शटर का बटन दबाते हैं तो शटर तब तक खुला रहता है। जब तक बटन को छोड़ा न जाए। शटर की गति धीमी या तीव्र करके रोचक फोटो खींचे जा सकते हैं।

शटर की धीमी गति का प्रयोग

शटर की गति को धीमा करके गतिमान विषय वस्तुओं के आकर्षक फोटो लिए जा सकते हैं। शटर की धीमी गति से गतिमान विषय वस्तु अस्पष्ट हो जाती हैं। परन्तु फोटो में उन अस्पष्ट हुई विषय वस्तुओं से और धीमी गति से चल रही विषय वस्तुएं स्थिर या स्पष्ट भी नज़र आ सकती हैं।

उदाहरण के तौर पर यदि 1/20 सै0 की शटर की गति पर गतिमान विषय वस्तुओं का फोटो खींचा जाए तो फोटो में आवश्यक है कि धीमी शटर की गति पर फोटो खींचते समय कैमरा स्थिर रहे, वह या तिपाही (Tripod) पर हो या उसे किसी दीवार या ऐसी जगह रखा जाए, जहां वह हिले नहीं।

यदि कैमरा रखने का कोई स्थान न हो और उसे हाथ में ही पकड़ा जाना पैनिंग (Panning) हो तो उसे उस सुदृढ़ता से पकड़ें कि कैमरा फोटो खींचते समय बिल्कुल न हिले।

पनिंग (Panning) माध्यम से भी गतिमान विषय वस्तुओं के शटर की धीमी गति पर रोचक फोटो ले सकते हैं। इस प्रक्रिया में धीमी शटर की गति निश्चित कर के विषय वस्तु को व्यू फाइंडर में से देखते हुए गतिमान वस्तु के समानान्तर कैमरे को धीरे से घुमाते हुए शटर का बटन दबा दिया जाता है।

what is shutter speed in DSLR camera in hindi
शटर की धीमी गति

इस प्रकार, कैमरा को गतिमान वस्तु के समानान्तर चलाते हुए शटर का बटन दबा कर फोटो लेने से गतिमान विषय वस्तु फोटो में स्पष्ट नज़र आती है और पृष्ठभूमि इस प्रकार अस्पष्ट हो जाती है कि विषय वस्तु गति में नज़र आने लगती है।

इस प्रकार के फोटो लेते समय फोक्सिंग (Focusing) की समस्या हो सकती है। परन्तु फोकस करने के लिए या तो पहले से अनुमान करके कैमरा उस स्थान पर फोकस कर लिया जाए।

जहाँ गतिमान विषय वस्तु के पहुंचने पर शटर का बटन दबाया जाना है या ऑटो फोकस कैमरा में फोकस को गतिमान वस्तु के साथ लगातार फोकस मोड (Continuous Focus Mode) पर स्वयं फोकस बदलने के लिए सैट कर दिया जाता है।

इतना ही नहीं, कुछ आधुनिक कैमरों में पैनिंग प्रक्रिया के फोटो खींचने के लिए पहले से ही विशेष मोड निर्धारित किया जाता है और जब बटन से एल.सी.डी. स्क्रीन (Liquid Crystal Display Screen) पर पैनिंग मोड सैट करते हैं तो कैमरा शटर की धीमी गति पर फोटो खींचने के लिए स्वयं तैयार हो जाता है।

बेहतर यही होगा कि धीमी शटर की गति स्वयं निर्धारित की जाए, जो 1/20 सै० हो सकती है। परन्तु इस अवस्था में धीमी या सामान्य गति वाली फिल्म का प्रयोग करना उचित रहेगा।

उदाहरण के तौर पर यदि किसी बैलगाड़ी की दौड़ के एक्शन को कैमरा में पैनिंग माध्यम से कैद करना चाहते हैं तो बैलगाड़ी जिस और से दौड़ रही है। उस तरफ व्यू फाइंडर में से देखते हुए गर्दन व कैमरा बैलगाड़ी के साथ घुमाते हुए शटर के बटन को दबा दें। धीमी शटर की गति पर ऐसे फोटो में नाटकीय प्रभाव नज़र आता है। ऐसा फोटो खींचने के लिए अभ्यास की आवश्यकता है।

शटर की तीव्र गति से फोटो खींचना

“फोटोग्राफी शटर स्पीड क्या होता है?” शटर की तीव्र गति से गतिमान विषय वस्तुओं के आकर्षक फोटो खींचे जा सकते हैं। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि कैमरे के हिलने (Camera Shake) से होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है।

यदि हम किसी को मोटर साईकिल की छलांग लगाते हुए स्थिर (Freeze) करना चाहते हैं तो 1/250 सै० या इससे अधिक की तीव्र गति के शटर पर उसका फोटो खींचना चाहिए।

परन्तु ऐसे फोटो लेने से पहले पूर्वानुमान की भी आवश्यकता है। क्योंकि विषय वस्तु इतनी तेज गति से हमारे सामने से निकल जाती है कि हम न ही ठीक से फोकस कर पाते है और न ही शटर की उचित गति पर ठीक समय पर शटर के बटन को दबा पाते हैं।

shutter speed kya hota hai
शटर की तीव्र गति और धीमी गति से फोटो खींचना

ऐसा भी होता है कि हम ऐसी छलांग लगाने वाली विषय वस्तुओं के एकदम सामने से फोटो खींचने की कोशिश में उस स्थिति में आ जाते हैं। जब विषय वस्तु हमारे बिल्कुल सामने इस गति से उछलती है कि स्वयं को बचाते हुए और शटर की गति और फोकस निर्धारित करते हुए फोटो खींचना पड़ता है।

कैमरे से हम चाहे शटर की धीमी या तीव्र गति पर फोटो खींचे, निपुणता लाने के लिए अभ्यास और खींचे गए फोटो के विश्लेषण की आवश्यकता है।

फिर भी निम्नलिखित शटर की गति तालिका के अनुसार गतिमान विषय वस्तुओं के स्पष्ट फोटो खींचे जा सकते हैं। निचे ये हाय फोटो के जरिये समझ सकते है। कैमरे से विषय वस्तु की दूरी 25 फुट आंकी गई है।

हम किसी तीव्र गति से चलने वाले वाहन से बाहर देखने पर चीजों को पीछे की ओर जाता हुआ महसूस करते हैं, तो प्रतीत होता है कि जो वस्तुएं हम से दूरी पर हैं। परन्तु समानान्तर हैं।

वे कम गति से पीछे की ओर जा रही हैं और नजदीक की वस्तुएं अधिक गति से पीछे की ओर जाती हुई महसूस होती हैं। यही कारण है कि गतिमान विषय वस्तु की कैमरे से दूरी बढ़ने के कारण शटर की गति धीमी की जा सकती है।


इन्हें भी देखे-


निष्कर्ष (Conclusion)

फोटोग्राफी में “शटर स्पीड क्या है?” फ़ोटो के एक्सपोजर को ‘शटर स्पीड’ किस तरह प्रभावित करता है। फोटोग्राफी में “शटर स्पीड क्या है?” शटर स्पीड उस स्पीड को कहते हैं। जिस स्पीड से लेंस और सेंसर के बीच शटर खुलता और बन्द होता है। कैमरे का शटर स्पीड (Shutter Speed) फोटोग्राफी में एक्सपोजर ट्राएंगल का दूसरा महत्वपूर्ण फैक्टर हैै। इस आलेख में हम Shutter Speed (शटर स्पीड) के बारे में जानें। शटर स्पीड क्या है? फ़ोटो के एक्सपोजर को यह किस तरह प्रभावित करता है।

मुझे उम्मीद है कि आपको “शटर स्पीड क्या है? (Shutter Speed in Hindi)” यह पोस्ट पसंद आई होगी। अगर आपको “शटर स्पीड क्या है? (Shutter Speed in Hindi)” यह पोस्ट पसंद आई हो तो आप हमें कमेंट करके जरूर बताएं। आप इस “शटर स्पीड क्या है? (Shutter Speed in Hindi)” पोस्ट को अपने दोस्तों और सोशल मीडिया पर शेयर जरूर करें।

Karuna Tiwari is an Indian journalist, author, and entrepreneur. She regularly writes useful content on this blog. If you like her articles then you can share this blog on social media with your friends. If you see something that doesn't look right, contact us!

Leave a Comment

error: DMCA Protected !!
0 Shares
Share
Tweet
Pin
Share