प्रेरक कहानी इन हिंदी (Motivational Stories in Hindi) – जानिए हिंदी में।

प्रेरक कहानी इन हिंदी (Motivational Stories in Hindi)

ये “प्रेरक कहानी इन हिंदी (Motivational Stories in Hindi)” आपको अपने सपनों को टूटने से बचाएगी। अक्सर हम अपने जीवन में खुद का आत्मविश्वास (Self-confidence) का पतन होते हुए देखते है। लेकिन कितने लोग अपने जिन्दगी में आए परेशानियों (Troubles) का सामना नहीं करते है और आत्महत्या (Suicide) जैसे घिनौना (Disgusting) अपराध (Crime) कर बैठते है। वो अपनी हर समस्या का समाधान आत्महत्या (Suicide) ही समझ बैठते है।

लेकिन जब हमारे जीवन में प्रेरणा (Inspiration) की जरूरत होती है। “प्रेरक कहानी इन हिंदी” तब हमारे आस-पास कोई नहीं दिखता है। इस समय जिन्दगी से हार मानाने की जरुरत नहीं है। हमें अपने जिन्दगी की हर समस्या (Problem) का हल निकालना चाहिए। चाहे हमारे जिन्दगी में कितनी भी कठिनाई (Difficulty) क्यों ना हो। उसे आप गेंद की तरह छक्के मारिये।

किसी विद्वान ने कहा है की “जिस तरह से एक गेंद उपर जाने से पहले निचे की तरफ मारा जाता है फिर वही गेंद आपको चौके और छक्के देते है।” ठीक उसी तरह “जब जिन्दगी आपको बहुत पीछे ढकेलती जाए, तब आप अपने आप को पूरी तरह से तैयार कर लो, की कभी भी जिन्दगी आपको ऊपर की तरफ उछाल सकती है।

प्रेरक कहानी इन हिंदी” जब खुद की आत्मविश्वास (Self-confidence) खत्म हो जाए। ‘प्रेरक कहानी इन हिंदी’ तब उस समय में हमें हमारी आत्मा को प्रेरणा की जरूरत है। जैसे हमारे शरीर को भोजन की आवश्यकता होती है। हम सभी को अपनी आत्मा (Soul) को चिंताओं के बंधन से मुक्त करने और अपने जीवन को एक दिशा देने के लिए प्रेरणा की आवश्यकता है।

प्रेरक कहानी इन हिंदी प्रेरणा (Inspiration) हमारी आत्मा के लिए भोजन है जो हमें बेहतर होने के लिए प्रेरित करती है। ये “प्रेरक कहानी इन हिंदी” आपको अपने सपनों का पालन करने, दूसरों के साथ दयालुता (Kindness) से पेश आने और खुद को कभी हार न मानने के लिए प्रोत्साहित (Encouraged) करेंगी।

प्रेरक कहानी इन हिंदी (Motivational Stories in Hindi)
Motivational Stories in Hindi

अच्छी प्रेरणादायक कहानियाँ या “प्रेरक कहानी इन हिंदी” और उद्धरण हमारी आत्मा के शांति के लिए एक बेहतरीन तरीका है। इसे आशा और आशावाद से भर देते हैं। कहानियां हमारे दिल को छूने के लिए एक शक्तिशाली (Powerful) उपकरण (Equipment) हैं। एक अच्छी प्रेरणादायक (Inspiring) कहानी या “प्रेरक कहानी इन हिंदी” हमें अपने दिल की इच्छाओं (Desires)और सपने के लिए संघर्ष (Struggle) करते रहने के लिए प्रेरित करती है।

प्रेरक कहानी इन हिंदी हमारे दिल और दिमाग में एक भावनात्मक (Emotional) बिंदु को प्रभावित करती हैं। जब हम एक संकटपूर्ण (Critical) स्थिति में होते हैं। तब संकट के समय, प्रेरणादायक कहानियां या प्रेरक कहानी इन हिंदी हमारे अंदर एक सकारात्मक (Positive) प्रकाश को देखने में मदद करती है।

प्रेरक कहानी इन हिंदी हमारे दृढ़ता (Perseverance) को बनाए रखने की प्रेरणा देती हैं। कहानियाँ हमें सबक सिखाती हैं। हमारे दिल को आशा से भर देती हैं और हमें बेहतर महसूस कराती हैं। यहाँ कुछ हमारे पसंदीदा ‘प्रेरक कहानी इन हिंदी‘ लघु प्रेरणादायक कहानियों (Short Inspirational Stories in Hindi) का संग्रह है। ये लघुकथाएँ (Short Motivational Stories in Hindi) बहुत शक्तिशाली हैं।

हो सकता है ये प्रेरणादायक कहानियाँ (Inspirational Stories in Hindi) आपकी आत्मा को तरोताजा कर दें। आपके भय को आशा और विश्वास में बदल दें। आपके मन और हृदय को सकारात्मकता (Positive) से भर दें और आपको अपने जीवन से बाहर कुछ सुंदर बनाने के लिए प्रेरित करें।

प्रेरक कहानी इन हिंदी में हमें ऊपर उठाने, हमें मुस्कुराने, प्रोत्साहित करने, प्रेरित करने और मूल्यवान जीवन पाठ सिखाने की क्षमता देता है। यहाँ ऐसी प्रेरक कहानियां (Motivational Stories in Hindi) हैं। जो आपको उस प्रेरक भावना को जगाने में मदद करेंगी।

वे हमें आशा का एक सशक्त अर्थ देते हैं, कि यदि वह ‘वह‘ कर सकता है, तो मैं भी कर सकता हूँ। पूरे इतिहास में, लोगों ने आशाओं को सिखाने, प्रोत्साहित करने और प्रेरणा देने के लिए प्रेरणादायक कहानियों (Motivational Stories in Hindi) का उपयोग किया है। कुछ आपको सोचने पर मजबूर कर देंगे, कुछ आपको रुला देंगे। उम्मीद है। कुछ आपको अपने सपनों के लिए जीने की प्रेरणा देंगे।

हाथी की रस्सी (Elephant Rope)

एक व्यक्ति हाथियों के समूह के पास से गुजर रहा था। वह व्यक्ति आश्चर्य भरा निगाहों से उन हाथियों को देखने लगा। उसने देखा की सभी हाथियों का पैर एक रस्सी से बंधा हुआ है। वह रस्सी बड़ा ही मामूली रस्सी था। लेकिन वह हाथी बड़े ही विशाल हाथी थे। फिर भी वो हाथी उस रस्सी से खुद को मुक्त नहीं कर रहे है।

उस व्यक्ति के मान में ये सवाल उठ रहा था। वह विशाल हाथी रस्सी को तोड़ कर खुद को आजाद क्यों नही कर रहे है? उस व्यक्ति ने देखा कि हाथियों के साथ एक ट्रेनर भी उसके साथ खड़ा है। वह व्यक्ति समय को व्यतीत किये बिना ही ट्रेनर के पास जा पंहुचा और अपना सवाल पूछा, “ये हाथी इस मामूली रस्सी को तोड़ कर खुद को क्यों नही आजाद कर रहे है?

वह ट्रेनर उस व्यक्ति को देखा और मुस्कुराने लगा। उसके मुस्कुराने से वह व्यक्ति व्याकुल हो उठा और दुबारा अपने सवालों को हडबडाते हुए पूछा, उस ट्रेनर ने जवाब दिया “जब ये हाथी बच्चे हुआ करते थे तब इन हाथियों को एक प्रकार की दिखने वाली रस्सियों से बांध दिया जाता है। उस समय येहाथी उससे बंधने के बाद खुद कोआजाद नहीं कर पाते थे। इसलिए इनके मन में ऐसा बैठ गया है की ये कभी भी इन रस्सियों को थोड नहीं सकते है और ये कभी आजाद नहीं हो सकते है।” जैसे-जैसे वे बड़े होते हैं, उन्हें विश्वास होता है कि वह रस्सी टूट नहीं सकता है।


Moral : आपने जो कहानी पढ़ी इससे यह पता चलता है। यह हाथियों की गलत धारणा है की वो रस्सी नहीं तोड़ सकते है। चूँकि वो बचपन से ही वो रस्सी को कभी थोड पाने में सफल नहीं हो पाए है। इसलिए उनको लगता है की वि कभी भी इन रस्सियों को तोड़ नहीं सकते है। इसी तरह कई लोग ऐसे होते है जो अपनी जिन्दगी में एक बार असफल हो जाने पर हिम्मत हार जाते है। वो लोग दुबारा कभी प्रयास नहीं करते है और उनके मान में भी यह बैठ जाता है की यह काम उनसे कभी नही हो सकता है। इसलिए प्रयास करते रहें और सफलता को अपने कदम चूमने पर मजबूर कर दे।


केंटकी फ्राइड चिकन (KFC)

कर्नल हरलैंड सैंडर्स KFC के मालिक थे। KFC का फुल फॉर्म Kentucky Fried Chicken है। भला KFC को कौन नहीं जानता है। हर चिकेन लवर्स की जुबान पर KFC का नाम होता है। KFC का नाम सुनते ही चिकेन लवर्स के मुह में पानी आना शुरू हो जाता है। लिकिन क्या आपको पाता है की KFC को खड़ा करने में कर्नल हारलैंड सैंडर्स को कितना समय लगा?

कर्नल हारलैंड सैंडर्स की वास्तविक जीवन की कहानी है, जो अपने जीवन में कई बार निराश हो कर अपने लक्ष्य को छोड़ने का मन बना लिया था। लेकिन वो हर बार एक नए उर्जा के साथ खड़े उठते और अपने असफलता में सफलता को ढूंढने का प्रयास करते थे। लेकिन वह अपने जीवन में देर से ही सही लेकीन अपने सपने को साकार किया।

वास्तव में प्रेरणादायक है। उन्होंने 40 साल की उम्र में चिकन बेचना शुरू कर दिया था। लेकिन रेस्टोरेंट का उनका सपना कई बार ठुकरा दिया गया था। आपको पता है। रेस्टोरेंट खोलने से पहले उनका डिश को 1,009 बार खारिज कर दिया गया था। फिर भी उन्होंने हर नहीं मानी और अपने जीवन में आगे बढ़ने के लिए अपने डिश को और बेहरत बनाया।

एक दिन उनके जीवन में सफलता को आना ही पड़ा। कर्नल हारलैंड सैंडर्स के मेहनत और लगन के सामने उस सफलता को झुकना पड़ा। उनका एक गुप्त नुस्खा “केंटकी फ्राइड चिकन” दुनिया भर में चर्चित होने लगा। KFC का विश्व स्तर पर विस्तार किया गया। आज भी KFC के हर पैकेज पर उस व्यक्ति का फोटो लगा रहता है।


Moral : क्या आप अपने सपने को पूरा करने के लिए अपने प्रयासों को सिर्फ इसलिए रोक दिया है क्योंकि आपको छाट दिया गया है या कुछ समय के लिए असफल हो गए थे? क्या आप 1,009  बार असफलता को भी स्वीकार कर सकते हैं? यह कहानी हर किसी को कड़ी मेहनत करने और खुद पर विश्वास करने के लिए प्रेरित करती है। जब तक की आप सफलता को पा नहीं ले तब तक आप अपने अन्दर की आग को शांत नहीं होने दे।


समस्याओं को दूर करना सीखे (Learn to Overcome Problems)

एक गरीब आदमी था। उसके पास सिर्फ एक गधा था। वह आदमी हर रोज की तरह अपने गधे के साथ काम पर निकला। उस दिन उसका दिन खराब चल रहा था। गधा चलते-चलते अचानक एक बड़े से गड्ढे में गिर गया। वह आदमी को सदमा लग गया।

क्योंकि सिर्फ वही गधा उसके पास था जो की वो भी एक गड्ढे में गिर गया। वह गधा उसका सबसे प्रिये था। वह आदमी अपने पसंदीदा गधे को गड्ढे से जमीन पर खींचने की पूरी कोशिश की। लेकिन उसके कठोर प्रयासों के बाद भी वह गधा को वापस गड्ढे से जमीन पर लाने में असफल रहा।

उस गधे को काफी गहरी छोटे लग गई थी और गधा भूखा भी था। वह आदमी अपने गधे को चारा तो दे दिया। लेकिन वह आदमी अपने गधे का दर्द नहीं देख पा रहा था। अचानक उसने सोचा की वह क्यू ना अपने गधे को मौत दे दे?

बहुत दुखी हो कर अपने गधे को कष्टदायिक जीवन से मुक्त करने के लिए मौत देने का फैसला किया। इसलिए उसने गड्ढे में गधे के ऊपर मिट्टी डालना शुरू कर दिया। जब उसने मिट्टी डाली, तो गधे को भार महसूस हुआ और उसने उसे हिलाया और उसने उस मिट्टी पर कदम रखा। वह हर बार ऐसा ही करता गया। अंत में वह जमीं पर पहुच ही गया। वह आदमी खुश हो गया और अपने गधे के साथ चला गया।


Moral: अपनी समस्या के साथ रहने का चुनाव न करें। बस अपनी समस्याओं को दूर करें और उस पर खड़े हों। हर बुरा अनुभव एक नई सीख देता है। तो इससे सकारात्मकता प्राप्त करें और अपने लक्ष्यों की दिशा में सफलता पाये।


खुद को महत्व देना सीखे (Learn to Value Yourself)

एक बार की बात है। एक जगह मेला लगा हुआ था। मेला में एक व्यक्ति ने अचानक से भीड़ में जा पंहुचा और एक सवाल किया। उस भीड़ में उसने एक हजार की नोट दिखा कर पूछा की “यह कौन चाहता है?” किसी भी व्यक्ति ने उस नोट दिखने वाले व्यक्ति से कोई भी सवाल नही किये।

उस भीड़ में उपस्थित सभी व्यक्ति ने हाथ को उठा दिया। जो व्यक्ति नोट दे रहा था वह एक व्यक्ति को नोट देने के लिए तैयार हुआ लेकिन उसने उस व्यक्ति से कुछ करने के लिए कहा। सवाल यह है की उस भीड़ में उपस्थित आदमियों ने कोई सवाल क्यों नहीं किया? “किसी ने ये नही पूछा की यह नोट क्यू दे रहे हो?”, “क्या कोई गेम हो रहा है?” वैगैर-वैगैर।

उस व्यक्ति ने नोट को निचे जमीं पर गिरा दिया ओर उसको अपने पैरो से कुचल दिया और उसे फिर से भीड़ में दिखाया और सवाल दोहराया। फिर भी सभी ने हाथ खड़े कर दिए। फिर उसने नोट को जमीन में डाल दिया और उस पर अपने जुत्ते को रख दिया और फिर उसे उठाकर जनता के सामने पेश किया। वहां जमा हुए लोगों ने फिर भी उस नोट को लेने के लिए दिलचस्पी दिखाई।

यह देखने के बावजूद कि नोट कितना गंदा था। उसने जनता से कहा ”इस नोट के साथ मैंने जो कुछ भी किया, वह आप सब जानते है। आप सभी मेरे प्रस्ताव के पक्ष में सिर्फ इसलिए गए क्योंकि नोट का मूल्य कभी नहीं घटा। इसके बावजूद कि मैंने इस नोट के साथ क्या-क्या किया। किसी को कोई फर्क नहीं पड़ा।


Moral: दोस्तों इस कहानी से हमें यह शिक्षा लेनी चाहिए की “हमारी जिन्दगी में चाहे कितनी भी दर्दनाक स्थिति या असफलता क्यों ना आए। लेकिन इन सबके बावजूद खुद को महत्व देना कम नही करेंगे।” खुद पर विश्वास रखें और सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत करें। विफलताओं या बाधाओं के बावजूद खुद को महत्व दें और अस्थायी असफलताओं के कारण खुद को नीचा न देखें।


इन्हें भी देखे-

निष्कर्ष (Conclusion)

मुझे उम्मीद है की “प्रेरक कहानी इन हिंदी (Motivational Stories in Hindi)” पर यह पोस्ट आपको पसंद आया होगा। अगर आपको “प्रेरक कहानी इन हिंदी  (Motivational Stories in Hindi)” पर पोस्ट अच्छा लगा तो अपने दोस्तों के साथ और सोसल मीडिया पर शेयर जरुर करे। अगर आपने अपने जिन्दगी में ऐसे ही खुद की कहानी को अंजाम दिया है तो मेरे साथ जरुर शेयर करे। आपने किस तरह से अपने हटेर्स और अपनी समस्याओं पर जित हासिल की कमेंट के जरिये जरुर बताये। आप अपनी कहानी से मेरे साथ-साथ और भी लोगो को प्रेरित करे।

Karuna Tiwari is an Indian journalist, author, and entrepreneur. She regularly writes useful content on this blog. If you like her articles then you can share this blog on social media with your friends. If you see something that doesn't look right, contact us!

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