लक्ष्मी अग्रवाल का जीवन परिचय (Lakshmi Agarwal Biography in Hindi) – हिंदी में।

लक्ष्मी अग्रवाल बायोग्राफी (Lakshmi Agarwal Biography in Hindi)

आज की इस पोस्ट में, हम आपको “लक्ष्मी अग्रवाल का जीवन परिचय (Lakshmi Agarwal Biography in Hindi)” के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। ताकि आपको लक्ष्मी अग्रवाल के जीवन संघर्ष से कुछ प्रेरणा मिल सके।

दिल्ली के मध्यम वर्गीय परिवार की एक लड़की जो इंडियन आइडल में जाना चाहती थी। वह एक गायक बनना चाहता थी। उम्र महज 15 साल था। लेकिन उस लड़की को एक लड़का एक तरफा प्यार करता था।

लक्ष्मी अग्रवाल एसिड अटैक स्टोरी” उस लड़के ने उस पर तेजाब फेक दिया। उस लड़की का नाम लक्ष्मी अग्रवाल है। बड़ी ही बहादुर लड़की है। लक्ष्मी अग्रवाल एसिड अटैक पीड़ितों के लिए प्रेरणा बन चुकी है। एसिड अटैक पीड़ितों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी लक्ष्मी अग्रवाल के जीवन पर फिल्म छपाक बन कर तैयार हो चुकी है। जिसमें दीपिका पादुकोण काम कर रही हैं।

लक्ष्मी अग्रवाल का जीवन परिचय (Lakshmi Agarwal Biography in Hindi)
Lakshmi Agarwal Biography in Hindi

छपाक मूवी की स्टोरी (Chhapaak Movie Real Story in Hindi)” ‘मेघना गुलजार’ के निर्देशन में बन रही फिल्म छपाक का पहला लुक पोस्टर रिलीज हो गया है। दीपिका पादुकोण का लुक सामने आ गया है। दीपिका छपाक में एसिड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल के रोल में दिखेंगी।

दीपिका का लुक देख फैंस निशब्द हो गए हैं। छपाक में दीपिका अपने करियर का सबसे चुनौतीपूर्ण किरदार निभाएंगी। फिल्म में दीपिका पादुकोण के कैरेक्टर का नाम ‘मालती‘ है।

ये फिल्म 10 जनवरी 2020 को पर्दे पर आएगी। इस फिल्म का लोगों को बेसब्री से इंतजार है। लोग इस फिल्म के जरिये लक्ष्मी अग्रवाल का जीवन परिचय को करीब से देखेंगे। लक्ष्मी अग्रवाल का जीवन में बिता उस दर्द को लोग महसूस करेंगे।

Chhapaak Movie Review in Hindi‘ दीपिका पादुकोण ने पहला पोस्टर शेयर करते हुए लिखा- ”मालती, एक ऐसा किरदार जो मेरे साथ हमेशा रहेगा।” फोटो में दीपिका पादुकोण को पहचनाना नामुमकिन सा है। वे हूबहू लक्ष्मी अग्रवाल की तरह लग रही हैं।

तस्वीर में दीपिका पादुकोण शीशे के सामने खड़ी हैं। फिल्म छपाक 10 जनवरी 2020 को रिलीज होगी। फैंस दीपिका की इस फिल्म को अभी से सुपरहिट और साल 2020 की बेस्ट फिल्म बता रहे हैं।

लक्ष्मी अग्रवाल कौन है? (Who is Lakshmi Agarwal in Hindi)

‘लक्ष्मी अग्रवाल बायोग्राफी (Laxmi Aggarwal Story in Hindi)’ लक्ष्मी अग्रवाल दिल्ली की रहने वाली है। वह एक मिडिल क्लास परिवार से थी। हर किसी की तरह वह भी सपना देखा करती थी। वह बड़ा हो कर एक सिंगर बनना चाहती थी। वह इंडियन आइडल में जाना चाहती थी।

लक्ष्मी अपने सपनों को जीना चाहती थी। वह उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहती थी। लक्ष्मी को फ़िल्मी दुनिया बहुत भाता था। उनको फैशन में बड़ी ही दिलचस्पी थी। हर लडकी की तरह वह भी खुद को खुबसूरत दिखने में पीछे नहीं रहती थी। लज्ज्मी है की हर किसी को सुन्दर दिखाना अच्छा लगता है।

“लक्ष्मी अग्रवाल का जन्म कब हुआ” लक्ष्मी अग्रवाल का जन्म 1 जून 1990 को हुआ था। इनके परिवार में माँ, पापा, भाई थे। लक्ष्मी अपने जीवन में अपनी माँ से सबसे ज्यादा प्रेरित होती है। उनका कहना है की उनसे ज्यादा उनकी माँ को अपने जिन्दगीं में सर्वाइव करना पड़ा है।

एक साक्षात्कार में लक्ष्मी ने कहा की उनकी माँ को बचपन से ही बड़े ज्यादा कष्ट उठाना पड़ा है। उनकी माँ दो बहिन और एक भाई थे। लक्ष्मी की माँ सबसे छोटी थी। जब उनकी माँ डेढ़ साल की थी तो उनकी माँ का मौत हो गया था।

‘लक्ष्मी अग्रवाल स्टोरी (Laxmi Aggarwal Story in Hindi)’ कुछ दिनों बाद उनके पापा का भी मौत हो गया। वो तीन भाई-बहन समाज में अकेले थे। उनके परिवार वाले भी इनका साथ छोड़ दिया। लक्ष्मी की बड़ी मौसी का शादी हो गया। लक्ष्मी की माँ और मामा अपनी जिन्दगी को जीने के लिए पैसा कमाने के लिए सोचे।

लक्ष्मी के मामा दिल्ली जाने लगे लक्ष्मी की माँ अपने रिश्तेदारों के यहां कोलकत्ता में रहती थी। उनकी माँ को लोग मरते-पिटते थे और घर का काम भी कराते थे। उनकी माँ को बहुत टौचर किया जाता था।

‘लक्ष्मी अग्रवाल इन हिंदी (Laxmi Agarwal in Hindi)’ लक्ष्मी के मामा को उनके दोस्तों ने धोखा दे दिया और सारा पैसा ले लिया। वो भी बीमार हो गए और उनकी भी मौत हो गई। अब लक्ष्मी की माँ पूरी दुनिया में अकेली रह गई। वो रो कर अपना दर्द किसी को भी नहीं बता सकती थी।

लक्ष्मी की माँ की बुआ उनकी माँ को दिल्ली ले कर आई। उनकी शादी करा दी गई। बड़ी ही कम उम्र में उन्होंने एक प्यारी सी बिटिया को जन्म दिया। उस बिटिया का नाम लक्ष्मी रखा गया। कुछ सालों बाद लक्ष्मी का भाई का जन्म हुआ। बड़ी ही खुशहाल परिवार था। लक्ष्मी पर जब एसिड अटैक हुआ तब उनका छोटा भाई सदमें में चला गया।

‘लक्ष्मी अग्रवाल की कहानी (Story of Lakshmi Agarwal in Hindi)’ वह खाना-पीना छोड़ दिया और बुरे संगत में पड गया। कुछ दिनों बाद उनके भाई को टी.बी. हो गया। डॉ ने लक्ष्मी के पिता से कहा की उनका बेटा नहीं बचेगा। यह बात सुन लक्ष्मी के पिता को हार्ट अटैक से मौत हो गई।

कुछ दिनों बाद लक्ष्मी के भाई का भी मौत हो गया। यहां ऐसा लग रहा है की ऊपर वाले (भगवान) ने पूरी दुनिया का दुःख लक्ष्मी के परिवार वालों को ही दे दिया।

मानना पड़ेगा उनकी माँ के हिम्मत को जिस तरह से वो पूरी जिन्दगी दुःख में गुजारी। उनकी जगह कोई और रहता तो वह आत्म-हत्या जरुर कर लेता। सलाम है उनके जज्बे को, उनकी हिम्मत को ऊपर वाले कोई कशर नहीं छोड़ी दुःख देने में। लेकिन लक्ष्मी और उनकी माँ ने ऊपर वाले का हर दुःख का सामना बड़ी ही बहादुरी से मुकाबला की।

लक्ष्मी अग्रवाल पर एसिड अटैक किसने किया?

लक्ष्मी अग्रवाल एसिड अटैक स्टोरी (Lakshmi Agarwal Acid Attack Story in Hindi)” लक्ष्मी पर जब अटैक हुआ था। उस वक्त उनकी उम्र महज 15 साल थी और आखों में कामयाब सिंगर बनने का सपना पल रहा था। सिर्फ एक ‘ना’ ने उनके सारे सपनों को जलाकर राख कर दिया।

एक तरफा प्यार करने वाले आशिक ने लक्ष्मी अग्रवाल पर एसिड अटैक कर उनके सारे ख्वाब खाक कर दिए। लक्ष्मी का चेहरा उस दरिंदे ने बिगाड़ तो दिया।

मगर उनके हौसलों को वह दफन नहीं कर पाया। आज लक्ष्मी देश में एसिड अटैक का शिकार हुई लड़कियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। वो लड़का, दरअसल वह एक लड़का एक आदमी था जो 32 साल का था।

उस आदमी का नाम गुड्डा उर्फ ​​नईम खान था। उम्र का फासला होना कोई बुरी या गलत बात नहीं है।

लेकिन यह गलत बात है, महीनों लड़की की अनिच्छा के बावज़ूद लड़की का पीछा करना। स्कूल आते-जाते, बाजार में और सहेलियों के साथ उसे पकड़ कर वहीं उसे मारता था। उसके बाल खींचना उसे परेशान करना, उस पर शादी के लिए दबाव बनाता रहता था।

लड़की ने अपने घर पर यह बात नहीं कही। क्योंकि उस लड़की का गायक बनने का सपना था। जिसे वह पूरा करना चाहती थी।

अगर घर में वह बता देती तो घर वाले उसका पढाई छुड़ा देते। फिर उसके सपने पूरा नहीं हो पाते। उसको लगा कुछ दिन में वह आदमी परेशान करना छोड़ देगा। उसको तो दूर दूर तक यह पता ही नहीं था की वह आदमी उस पर तेजाब फेक देगा। एक दिन दिल्ली के पॉश खान मार्केट में लड़की के चेहरे पर तेज़ाब फेंक दिया।

एसिड अटैक घटना के बाद जुड़ी हुई कुछ बातें !!

लक्ष्मी ने एक इंटरव्यू में बताया हैं, कि जब उनकी आंखों को डॉक्टर सिल रहे थे। तब वह होश में थी। परंतु उनको यह नहीं समझ में आ रहा था कि आखिर में उनके साथ यह क्या हो रहा है? वह कहती हैं कि करीब 3 महीने बाद जब घर आई तो घर के सभी आईने हटा दिए गए थे।

लक्ष्मी जी ने कहा, कि एक दिन उन्होंने अपने चेहरे को आईने में देख लिया। अपने चेहरे को आईने में देखते ही वह खुद बहुत डर गई। इतना ही नहीं उनको बहुत ही दुख हुआ। खुद से सवाल की “आखिर मेरा क्या गलती था? सिर्फ ‘ना’ ही तो मैं बोली थी उसने इतनी बड़ी सजा दे दी।” उस समय उसने आत्म-हत्या करने को सोची।

लेकिन वह अपने माता-पिता के बारे में सोच कर उन्होंने आत्महत्या का विचार नहीं किया। जब वह कहीं बाहर या फिर घर के छत पर ही टहलने निकलती थी, तो लोग उनके चेहरे को देखकर अपने मुंह को फिर लेते थे।

कितने लोगो ने तो उनको सलाह दे दी कि, अपने चेहरे को ढक कर रखा करो नहीं तो बच्चे तुम्हारे चेहरे को देखकर डर जाएंगे। उन्होंने कहा, कि इस दुनिया में उन्हें एक बार नहीं अनेकों बार अपमान का सामना करना पड़ा था।

लक्ष्मी अग्रवाल के द्वारा शुरू किए गए कुछ फाउंडेशन एवं उनकी कुछ अचीवेमेंट्स…

लक्ष्मी और आलोक मिलकर एक एनजीओ (NGO) बनाये। जो एक गैर सरकारी एनजीओ है। उस एनजीओ (NGO) का नाम “छांव फाउंडेशन” रखा गया है। यह एनजीओ (NGO) एसिड अटैक से पीड़ित लोगों के लिए काम करती है।

वर्ष 2014 में लक्ष्मी को “यूनाइटेड स्टेट में मिशेल ओबामा ने इंटरनेशनल वूमेन ऑफ करेज” के सम्मान से नवाजा गया। उसी वर्ष “एनडीटीवी इंडियन ऑफ द ईयर (NDTV Indian of the Year)” भी बनी।

लक्ष्मी अग्रवाल का करियर (Laxmi Agarwal Career in Hindi)

लक्ष्मी ने अपने करियर की शुरुआत स्टॉप एसिड अटैक्स कैंपेन के साथ प्रचारक के रूप में की थी। वह टीवी होस्ट के साथ एक भारतीय प्रचारक हैं। उसने अपने शुरुआती दिनों में एक अभियान समन्वयक के रूप में काम किया।

जल्द ही, लक्ष्मी दुनिया भर में एसिड हमलों से बचे लोगों के लिए एक आवाज बन गई। एसिड की बिक्री पर अंकुश लगाने और अपनी नींव के माध्यम से एसिड हमलों से बचे लोगों के पुनर्वास के लिए उन्हें भारत में कई पुरस्कार मिले। लक्ष्मी ने खुद का अभियान #StopSaleAcid नाम से शुरू किया।

जून 2014 तक, लक्ष्मी न्यू एक्सप्रेस पर एक टेलीविजन शो, उडान की मेजबानी करती थी। 2015 में, लक्ष्मी महिला फैशन कंपनी ‘विवा एन दिवा की ब्रांड एंबेसडर बनीं।

लक्ष्मी अग्रवाल ने कौन सा याचिका सुप्रीम कोर्ट में दी थी।

लक्ष्मी, जिनके चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों में एसिड अटैक हुआ था, 2006 में एक पीआईएल हुई थी। तब एक नाबालिग, लक्ष्मी पर नई दिल्ली के तुगलक रोड के पास एसिड से हमला किया गया था। क्योंकि उसने नईम खान उर्फ ​​गुड्डू से शादी करने से इनकार कर दिया था।

उनकी जनहित याचिका में नए कानून के उल्लंघन या अपराध से निपटने के लिए आईपीसी, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और सीआरपीसी जैसे मौजूदा आपराधिक कानूनों में संशोधन के अलावा मुआवजे की मांग की गई थी। उन्होंने देश भर में महिलाओं पर इस तरह के हमलों की बढ़ती संख्या का हवाला देते हुए, एसिड की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की भी अपील की थी।

अप्रैल में एक सुनवाई के दौरान, केंद्र ने भारत के सर्वोच्च न्यायालय को आश्वासन दिया था कि वह 9 जुलाई को अगली सुनवाई से पहले एक योजना बनाने के लिए राज्य सरकारों के साथ काम करेगा। हालांकि, यह ऐसा करने में विफल रहा।

जिसने अदालत को नाराज कर दिया। हालांकि, जब केंद्र एक योजना का निर्माण करने में विफल रहा, तो सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि सरकार रासायनिक हमलों को रोकने के लिए एसिड की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए नीति बनाने में विफल रही तो वह हस्तक्षेप करेगी और आदेश पारित करेगी।

न्यायमूर्ति आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इस मुद्दे को संभालने में सरकार की ओर से गंभीरता नहीं देखी गई है। इस बीच, 2013 में, सुप्रीम कोर्ट ने लक्ष्मी और रूपा की याचिका के पक्ष में फैसला सुनाया। जिससे एसिड की बिक्री पर प्रतिबंध का एक नया सेट बना।

नए नियमों के तहत, 18 साल से कम उम्र के किसी भी व्यक्ति को एसिड नहीं बेचा जा सकता है। एसिड खरीदने से पहले एक फोटो पहचान पत्र प्रस्तुत करना भी आवश्यक है। लक्ष्मी का दावा है कि सभी नियमों के बावजूद, बहुत कुछ नहीं बदला है।

उन्होंने कहा, “एसिड स्वतंत्र रूप से दुकानों में उपलब्ध है। हमारे अपने स्वयंसेवकों ने आसानी से एसिड खरीद लिया है। वास्तव में, मैंने खुद एसिड खरीदा है।” “हमने ‘शूट एसिड’ नामक एक नई पहल शुरू की है।

सूचना के अधिकार अधिनियम के अनुसार, हम हर जिले में एसिड की बिक्री से संबंधित डेटा हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। हम इस पहल के माध्यम से एकत्रित जानकारी को सर्वोच्च के समक्ष प्रस्तुत करने का इरादा रखते हैं।

लक्ष्मी अग्रवाल की प्रेम कहानी (Laxmi Agarwal Love Story in Hindi)

जब लक्ष्मी अपनी परिस्थिति और बुरे दिनों के खिलाफ लड़ाई लड़ रही थीं। इसी बीच उनकी मुलाकात एक व्यक्ति आलोक दीक्षित से हुई। आलोक पेशे से एक पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता भी है। आलोक दीक्षित अपनी हर परिस्थिति में लक्ष्मी अग्रवाल के साथ खड़े रहे।

लक्ष्मी अग्रवाल के साथ कुछ कुछ समय बीत जाने के बाद आलोक दीक्षित ने महसूस किया कि इस दुनिया में सुंदरता के बिना रहना कितना दर्दनाक और मुश्किल है। आलोक ने समाज को नजरअंदाज कर वह लक्ष्मी अग्रवाल के साथ शादी करने का फैसला किये।

उनका प्यार एक प्रेम संबंध था। जिसमें उन्होंने एक दूसरे के साथ शादी के बिना रहने का फैसला किया। आलोक का मानना था कि दुनिया शादी में दुल्हन की सुंदरता देखने आती है। यही कारण है कि वह नहीं चाहते थे की लक्ष्मी पर कोई भी किसी भी तरह का कमेंट करे। यह चीज वह बर्दाश नहीं कर पाते।

“आलोक दीक्षित कहते है कि वह मरते दम तक एक-दूसरे के साथ रहना पसंद करते हैं। उन दोनों ने दुनिया को यह भी दिखा दिया कि शादी केवल रीति-रिवाजों के बिना पूरी नहीं होती। उनका प्यार सबसे अलग है। शादी एक सच्चे मन से भी हो जाती है।”

लक्ष्मी अग्रवाल ने कहा कि उनके चेहरे का 7 बार ऑपरेशन किया गया था। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनके जीवन में इस घटना के बाद भी, कोई ऐसा व्यक्ति मिल जाएगा जो उनके सुख-दुख में हमेशा साथ रहेगा।

आलोक दीक्षित ने कहा कि मुझे लक्ष्मी से वैसे ही प्यार हुआ जैसे सभी को होता है। यह सच था कि उसका चेहरा सुंदर नहीं है। लेकिन मैंने उसकी बाहरी सुंदरता को नहीं देखा। मैंने उसके अंदर छिपी एक खूबसूरत लड़की की भावना को देखा और समाज से बिना डरे जीवन जीने का उसने जो निर्णय लिया।

मुझे उसका जीवन जीने का फैसला पसंद आया। आलोक और लक्ष्मी के अविश्वसनीय प्रेम संबंध के फलस्वरूप उनके यहां एक नन्ही परी का नवंबर 2015 में जन्म हुआ। उनके प्यार का निशानी का नाम ‘पीहू’ है।


इन्हें भी देखे –


निष्कर्ष (Conclusion)

“लक्ष्मी अग्रवाल का जीवन परिचय (Lakshmi Agarwal Biography in Hindi)” छपाक, एसि़ड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल की जिंदगी पर बेस्ड है। लक्ष्मी पर 2005 में एक मनचले शख्स ने तेजाब फेंका था। लक्ष्मी पर ये हमला बस इसलिए हुआ था। क्योंकि उन्होंने उस शख्स से शादी करने का प्रपोजल ठुकरा दिया था। तेजाब फेंकने के बाद लक्ष्मी का पूरा चेहरा खराब हो गया।

इस हमले के बाद लक्ष्मी ने हार नहीं मानी और कानूनी जंग लड़ी। लक्ष्मी की ही बदौलत स्थानीय दुकानों में एसिड और कैमिकल की बिक्री को लेकर भारत में सख्त कानून बना।

सलाम है आलोक दीक्षित को जिन्होंने सच्चे प्यार का मिसाल इस दुनिया को दिया। जिन्होंने हर समय लक्ष्मी का साथ दिया। प्यार खूबसूरती देख कर नहीं होती ये बता दिया। इन दोनों को भगवान हमेशा खुश रखे।

मैं आशा करती हूं की आपको “लक्ष्मी अग्रवाल का जीवन परिचय (Lakshmi Agarwal Biography in Hindi)” ये पोस्ट पसंद आई होगी। अगर आपको “लक्ष्मी अग्रवाल का जीवन परिचय (Lakshmi Agarwal Biography in Hindi)” यह पोस्ट पसंद आई तो कमेंट कर जरुर बताए। इस पोस्ट को यानि “लक्ष्मी अग्रवाल का जीवन परिचय (Lakshmi Agarwal Biography in Hindi)” अपने दोस्तों के साथ और सोसल मिडिया पर जरुर शेयर करे।

Karuna Tiwari is an Indian journalist, author, and entrepreneur. She regularly writes useful content on this blog. If you like her articles then you can share this blog on social media with your friends. If you see something that doesn't look right, contact us!

Leave a Comment

error: DMCA Protected !!
12 Shares
Share12
Tweet
Pin
Share