बॉक्स ऑफिस पर खरी उतरी परमाणु: द स्टोरी ऑफ पोखरा

बॉक्स ऑफिस पर खरी उतरी परमाणु: द स्टोरी ऑफ पोखरा- 25 मई को शुक्रवार को रिलीज हुई परमाणु: द स्टोरी ऑफ पोखरा। इसकी कहानी 1 99 8 में पोखरण में भारतीय सेना द्वारा आयोजित परमाणु बम परीक्षण विस्फोटों पर आधारित है। साल 1 99 8 में भारत ने पोखरण में 11 मई से 13 मई तक पांच परमाणु परीक्षण किए थे। इसी सफलता के बाद उस वक्त के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने ‘जय जवान, जय किसान’ और ‘जय विज्ञान’ का नारा दिया था। 1 99 8 में भारत  अपनी उन्नत स्वदेशी प्रौद्योगिकी का परिचय दिया और पूरी दुनिया के ताकतवर देशों के समूह में शामिल हो गया है।

फिल्म परमाणु: द स्टोरी ऑफ पोखरा

फिल्म का नाम: परमाणु :द स्टोरी ऑफ पोखरण

डायरेक्टर: अभिषेक शर्मा

स्टार कास्ट: जॉन अब्राहम -कैप्टन अश्वत राणा के रूप में,

बोमन ईरानी -हिमांशु शुक्ला के रूप में,

डायना पैंटी -कैप्टन अंबलिका के रूप में,

विकास कुमार, योगेंद्र टिक्कू, दर्शन पांडेय,अनुजा साठे

अवधि: 2 घंटा 10 मिनट

सर्टिफिकेट: U

रेटिंग: 4 स्टार

अभिषेक शर्मा ने 2010 में ‘तेरे बिन लादेन’ बनाई थी। ठीक 6 साल बाद वो सीक्वल ‘तेरे बिन लादेन डेड और अलाइव‘ बनाये थे। फिर वो  ‘द शौकीन्स’ भी लेकर आए। 2018 में अभिषेक शर्मा ने 1998 में राजस्थान में हुए परमाणु परीक्षण पर आधारित फिल्म ‘परमाणु’ बनाई है।

कहानी –

फिल्म की कहानी 1995 से शुरू होती है। जब प्रधानमंत्री के ऑफिस में चीन के परमाणु परीक्षण के बारे में बातचीत चल रही थी। तभी IAS ऑफिसर अश्वत रैना ( जॉन अब्राहम) ने भारत को भी एक न्यूक्लियर पावर बनाने के लिए कहते हैं। इस बात को  प्रधानमंत्री तक पहुंचाई तो गई, लेकिन अमेरिका ने  हस्तक्षेप कर दिया। इसके बाद अश्वत रैना को उनके पद से हटा दिया गया। अश्वत रैना के परिवार में पत्नी सुषमा (अनुजा साठे),माता-पिता और एक बेटा प्रह्लाद भी हैं। कुछ ही समय बाद  अश्वत का परिवार मसूरी में शिफ्ट हो जाता है। लगभग 3 साल के बाद जब प्रधानमंत्री के सचिव के रूप में हिमांशु शुक्ला (बोमन ईरानी) की एंट्री होती है तो एक बार फिर से परमाणु परीक्षण की बात होने लगती हैं और हिमांशु जल्द से जल्द अश्वत रैना को खोज निकालता है और परमाणु परीक्षण के लिए टीम बनाने के लिए कहता है जो की अश्वत तैयार हो जाता हैं और एक अपनी टीम बनता हैं। जिसमें BARK,DRDO, आर्मी के साथ-साथ अंतरिक्ष वैज्ञानिक और इंटेलिजेंस के भी लोग होते हैं। 1998 में परमाणु परीक्षण की तैयारी की जाती है,जिसमें अमेरिका को कानो कण खबर ना हो इस बात का सबसे ज्यादा ख्याल रखा जाता है। भारत में मौजूद अमेरिका और पाकिस्तान के जासूसों को इस परीक्षण के बारे में पता नही लगने दिया जाता हैं। भारत न्यूक्लियर पावर के रूप में पूरी दुनिया के सामने ताकतवर नजर आता है और एक बड़ी शक्ति के रूप में दिखाई देता है यही फिल्म में दर्शाया गया है।

 देश के प्रति गर्व पैदा करती हैं फिल्म “परमाणु “

फिल्म सत्य घटना पर आधारित है। जब 1998 में परमाणु परीक्षण हुए थे तब भारत के आस-पास के देश और आमेरिका तक पूरी तरह स्तभ हो गया था। इस पूरी घटना को निर्देशक अभिषेक शर्मा ने बखूबी दर्शाया है और फिल्म देखते वक्त आपको गर्व महसूस होगा। फिल्म आपको पूरी तरह बांधने में सफल रहती है तब आपको भारतीय होने पर गर्व महसूस होगा। फिल्म का डायरेक्शन, सिनेमेटोग्राफी और लोकेशन आपको काफी आकर्षित करेगे। फिल्म के बिच में ही  90 के दशक की फुटेज भी डाली गई हैं जो फिल्म को और भी रोमांचक बना देती हैं। जॉन अब्राहम हमेशा की तरह एक बार फिर से गंभीर लेकिन उम्दा अभिनय किया है। अनुजा, बाजीराव मस्तानी और ब्लैकमेल फिल्म में भी अच्छा अभिनय करती हुई दिखाई दी हैं। इस फिल्म में अनुजा साठे ने बड़ा ही अच्छा काम किया है। डायना पैंटी, बोमन ईरानी के साथ-साथ विकास कुमार, योगेंद्र टिंकू, दर्शन पांडेय, अभीराय सिंह,अजय शंकर और बाकी सभी किरदारों ने बढ़िया अभिनय किया है। इस फिल्म के लेखक सेवन क्वाद्रस, संयुक्ता चावला शेख और अभिषेक शर्मा को बधाई।

कमजोर कड़ियां

इस फिल्म में कोई भी कमजोर कडियाँ नही हैं। अभिषेक शर्मा ने 1998 के इतिहास को बखूबी परदे पर उतरा हैं। फिल्म में कई ऐसी बातें हैं जिन्हें सुरक्षा की दृष्टि से डिटेल में नहीं समझाया गया है।

बॉक्स ऑफिस 

परमाणु: द स्टोरी ऑफ पोखरा ने पहला दिन ही अच्छी ओपनिंग की हैं।

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One Response

  1. Anmol tiwary
    27/07/2018

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