पैडमैन की कहानी (Story of Padman in Hindi)

पैडमैन की कहानी (Story of Padman in Hindi)

पैडमैन की कहानी, पैडमैन एक ऐसे शख्स की कहानी हैं। जिसने महिलओं के लिए काफी योगदान किया हैं। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कर चूका हैं। हमारे भारत देश में ऐसे   कई क्षेत्र हैं। जहा पर आज भी महिलाएँ पीरियड्स आने पर पुराने कपड़े,पत्ते, मिट्टी तथा राख का इस्तेमाल करती हैं। आज भी एसी कितनी महिलाये हैं। जो सैनिटरी पैड महंगे होने के कारण इस्तेमाल नहीं करती हैं।

पैडमैन की कहानी (Story of Padman in Hindi)एक और भी कारण हैं की कई ऐसे क्षेत्र है,जहा पर दूर दूर तक कोई दुकान भी नहीं है, अगर दुकान भी हैं तो  सैनिटरी पैड नहीं रखते हैं। ऐसे कई क्षेत्र हैं, जहा महिलओं को घर से बहार निकलना मना होता है, तब मज़बूरी में पीरियड्स आने पर पुराने कपड़े,पत्ते, मिट्टी तथा राख का इस्तेमाल करना पड़ता हैं। ऐसे में उनको [महिलओं] बीमारियों का सामना करना पड़ता हैं। पीरियड्स नेचुरल हैं। जैसे भगवान ने औरत और पुरुष के शरीर की बनावट में अंतर किये हैं, वैसे ही पीरियड्स भगवान द्वारा बनाया हुआ हैं। ये भी जिन्दगी का एक हिस्सा हैं।

रियल पैडमैन कौन हैं,उसका जीवन परिचय [Who is The Real Paidman]

अरुणाचलम मुरुगअनंतम ये रियल पैडमैन  हैं। इनका जन्म 1962 में तमिलनाडु के कोयंबटूर में हुआ था। इनके पिता का निधन सड़क हादसे में हो गया। जिसकी वजह से उन्हें गरीबी में बचपन गुजारना पड़ा।  मां खेतों में काम करती थी और तब जा कर घर का खर्च चलता था। 14 साल की उम्र में उनका स्कूल भी छूट गया।उसके बाद उन्होंने कई तरह के काम किए,ताकि परिवार को मदद कर सकें।अरुणाचलम की शादी 1998 में शांति से हो गई। एक दिन देखा की उनकी पत्नी पीरियड्स के दौरान गंदे कपड़ों और अखबार का इस्तेमाल करती हैं,क्योंकि सैनिटरी पैड महंगे आते थे। इसके बाद अरुणाचलम इस समस्या से निबटने के लिए जुट गए।

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पैड्स बनाने में आई मुश्किलें,अरुणाचलम का पैड्स बनाने का संघर्ष[Difficulties in Making Pads]

अरुणाचलम को शादी बाद अपनी पत्नी शांति से पता चला कि पीरियड्स के समय महिलाओं को किन समस्याओं से गुजरना पड़ता है। उन्होंने रुई से सेनेटरी पैड बनाया और अपनी पत्नी से इसे इस्तेमाल करने के लिए कहा,लेकिन वो फीडबैक पाने के लिए एक महीना का इंतजार नहीं कर पाए और वो तुरंत अपनी बहन के पास गए,लेकिन उनकी बहन ने भी इस्तेमाल नहीं करने से मना कर दिया। फिर ये पास के ही  लोकल मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट्स के पास गए,लेकिन वहां भी किसी ने यूज नहीं किया।इसके बाद अरुणाचलम ने फैसला किया की वो खुद ट्राई करेगें।

फिर क्या था वो एक ‘गर्भाशय’ बनायें,जिसमे बकरी का खून भर लिया । खून में कुछ केमिकल मिलाया ताकि खून जम नहीं सके। वो सेनेटरी नैपकिन को पहन कर दिन भर घूमते थे। अपना सारा काम करते थे। सेनेटरी नैपकिन्स कितना सोख पाने में सक्षम हैं, ये देखना चाहते थे।उन्हें 2 साल 3 महीने यह पता लगाने में लग गए कि सेनेटरी पेड्स किन चीजों के बने होते हैं।साढ़े चार साल बाद उन्होंने पैड्स बनाने के लिए सस्ती मशीन बनाया। 18 महीनों में 250 मशीन बनाया।

नेशनल अवॉर्ड भी मिले

नेशनल इनोवेशन अवॉर्ड की 943 एन्ट्रीज में उनके मशीन को पहला स्थान मिला2014 में टाइम्स मैगजीन ने उन्हें 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में चुना। 2016 में उन्हें पद्मश्री से भी नवाजा गया।वो आज जयश्री इंडस्ट्रीज नाम का नैपकिन बिजनेस चला रहे हैं। पूरे भारत में 2003 यूनिट्स हैं। 21000 से ज्यादा महिलाएं यहां काम करती हैं।

अक्षय कुमार ने पिछली फिल्म टॉयलेट एक प्रेम कथा’ में शौचालय को लेकर जागरूकता फैलाई, अब पैडमैन फिल्म की कहानी को लेकर आए  हैं और समाज में जागरूकता फैला रहे हैं।

पैडमैन फिल्म के कास्ट -[Padman Movie Cast]

निर्माता : ट्विंकल खन्ना, गौरी शिंदे, प्रेरणा अरोरा, अर्जुन एन. कपूर
निर्देशक : आर. बाल्की
संगीत : अमित त्रिवेदी
कलाकार : अक्षय कुमार, सोनम कपूर, राधिका आप्टे
रिलीज डेट : 9 फरवरी को रिलीज डेट

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